बलरामपुर। उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव को अयोध्या से चुनाव लडऩे की चुनौती दी। योगी ने यह चुनौती अखिलेश यादव को बलरामपुर में एक रैली को सम्बोधित करते हुए दी। उन्होंने इस मौके का इस्तेमाल अयोध्या को आस्था और विकास के प्रतीक के तौर पर पेश करने और साथ ही कानून-व्यवस्था, नॉमिनेशन और कथित भ्रष्टाचार के मुद्दों पर विपक्ष पर निशाना साधने के लिए किया। उन्होंने कहा कि यह पवित्र शहर आस्था और विकास की जगह है, न कि सिर्फ़ चुनावी राजनीति का अखाड़ा।
बलरामपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए, आदित्यनाथ ने अखिलेश यादव की उस चुनौती का जवाब दिया जिसमें उन्होंने उन्हें अयोध्या से चुनाव लडऩे के लिए कहा था। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह विकास कार्यों और यह सुनिश्चित करने के लिए उस मंदिर शहर का दौरा करते रहे हैं कि उत्तर प्रदेश की पहचान पर कोई दाग न लगे। जनसभा को सम्बोधित करते हुए उन्होंने यादव से कहा, अखिलेश जी, मैं आपको चुनौती देता हूँ। आप श्री अयोध्या धाम से अपना नॉमिनेशन (नामांकन) दाखिल करें और मैं भी अपना नॉमिनेशन दाखिल करूँगा। आइए, एक बार अपनी किस्मत आजमाकर देखते हैं।
अयोध्या हमारी पवित्र भूमि है
आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या धार्मिक महत्व वाली जगह है और इसे सिर्फ राजनीतिक लड़ाई के मैदान के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। ये खबरें आपको पसंद आ सकती हैं। हम अयोध्या राजनीति के लिए नहीं, बल्कि विकास के लिए जाते हैं। अयोध्या हमारी आस्था की पवित्र भूमि है, चुनाव लडऩे की जगह नहीं।
अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने अयोध्या को लेकर समाजवादी पार्टी प्रमुख की आलोचना पर सवाल उठाए और उन्हें उस निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लडऩे के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने शहर के अतीत और वर्तमान की तुलना करते हुए दावा किया कि इसने एक नई मिसाल कायम की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार का दृष्टिकोण विकास पर केंद्रित है और यह सुनिश्चित करना है कि उत्तर प्रदेश की पहचान पर कोई आंच न आए।
माफिया और कानून-व्यवस्था को लेकर योगी का सपा पर निशाना
आदित्यनाथ ने पिछली सरकारों पर कानून-व्यवस्था की अनदेखी करने और माफियाओं द्वारा जमीन हड़पने में मदद करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि जब कोई माफिया सदस्य किसी जमीन पर नजर डालता था, तो उस पर कब्जा कर लिया जाता था। उन्होंने आगे दावा किया कि समाजवादी पार्टी के सदस्यों से डरे हुए व्यापारियों को अपनी संपत्तियां सौंपने के लिए मजबूर किया जाता था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले बलरामपुर की सडक़ें राज्य की सबसे खराब सडक़ों में से एक थीं और पिछली सरकारों के दौरान इस क्षेत्र में हुए विकास पर सवाल उठाए। उन्होंने राजनीतिक विरोधियों पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि जो लोग कभी माफियाओं के सामने झुकते थे, उनमें उनकी सरकार का सामना करने की हिम्मत नहीं है। उन्होंने दावा किया कि मतदाता ऐसे नेताओं को पहले ही नकार चुके हैं।
एक वोट ने बलरामपुर की पहचान बदल दी है
वोटिंग के असर के बारे में बात करते हुए आदित्यनाथ ने कहा कि एक वोट किसी क्षेत्र की दिशा बदल सकता है। उन्होंने कहा कि जो वोट कभी पहचान का संकट पैदा करने और इलाके को तस्करी का अड्डा बनाने में योगदान देते थे, वे अब विकास और प्रगति को आगे बढ़ा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस वोट को पहले अराजकता से जोड़ा जाता था, वही वोट अब बदलाव लाने में मदद कर रहा है। उन्होंने कहा कि बलरामपुर अब एक आकांक्षी जिले की पहचान से आगे बढक़र ज़्यादा मौकों वाले जिले के तौर पर विकसित हो रहा है।
राज्यसभा उम्मीदवारों को लेकर योगी का सपा पर हमला
आदित्यनाथ ने हाल ही में हुए राज्यसभा चुनावों के लिए समाजवादी पार्टी के उम्मीदवारों की भी आलोचना की और आरोप लगाया कि पार्टी ने एक भी दलित उम्मीदवार को टिकट नहीं दिया।
उन्होंने दावा किया कि एक सीट अखिलेश यादव के चाचा को मिली और दूसरी सीट पैसे के बदले एक अमीर व्यापारी को दी गई।
पार्टी के पीडीए नारे पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री ने इसे परिवार विकास प्राधिकरण कहा और समाजवादी पार्टी पर आरोप लगाया कि वह अपने घोषित राजनीतिक एजेंडे के बजाय परिवार के हितों को प्राथमिकता देती है।
मंदिर की राजनीति और घोटालों को लेकर कांग्रेस और सपा पर हमला
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस और उसके सहयोगियों पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि वे बुनियादी राजनीतिक शिष्टाचार भूल गए हैं और लोकतांत्रिक विपक्ष की सीमाएं लांघ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने राम मंदिर और काशी विश्वनाथ धाम के निर्माण का विरोध किया था, वे अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विरोध कर रहे हैं।
आदित्यनाथ ने कहा कि राजनीतिक विरोध की भी एक सीमा होती है और उन्होंने कांग्रेस और उसके सहयोगियों पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने, जनता को गुमराह करने और देश को अराजकता की ओर धकेलने की कोशिश करने का आरोप लगाया।








