अनार को सेहत के लिए फायदेमंद फलों में गिना जाता है। इसमें मौजूद पोषक तत्व और एंटीऑक्सीडेंट शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। हृदय की सेहत से लेकर रक्तचाप तक, अनार के संभावित लाभों पर कई अध्ययन किए जा चुके हैं। इसी बीच यह दावा भी खूब चर्चा में रहता है कि अनार खाने या उसका रस पीने से पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन का स्तर बढ़ सकता है। लेकिन क्या वैज्ञानिक शोध भी इस दावे की पुष्टि करते हैं? उपलब्ध अध्ययनों के नतीजे इस मामले में एक जैसी तस्वीर पेश नहीं करते।
टेस्टोस्टेरोन पुरुषों में पाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण हार्मोन है। यह यौन स्वास्थ्य के साथ मांसपेशियों, हड्डियों और शरीर की कई सामान्य प्रक्रियाओं में भूमिका निभाता है। इसका स्तर उम्र, शारीरिक वजन, नींद और स्वास्थ्य संबंधी स्थितियों सहित कई कारकों से प्रभावित हो सकता है। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि अनार को पौष्टिक फल के रूप में खाना और उसे टेस्टोस्टेरोन बढ़ाने का प्रमाणित उपाय मानना दो अलग-अलग बातें हैं।
एक अध्ययन में टेस्टोस्टेरोन बढऩे के संकेत मिले
वर्ष 2012 में सोसाइटी फॉर एंडोक्राइनोलॉजी के एक सम्मेलन में प्रस्तुत अध्ययन में 60 स्वस्थ पुरुषों और महिलाओं को दो सप्ताह तक शुद्ध अनार का रस दिया गया था। शोधकर्ताओं ने प्रतिभागियों के लार के नमूनों के माध्यम से टेस्टोस्टेरोन के स्तर का आकलन किया।
अध्ययन में पुरुषों के औसत लार टेस्टोस्टेरोन का स्तर शुरुआत में लगभग 242 पिकोग्राम प्रति मिलीलीटर था, जो बाद में बढक़र लगभग 296 और फिर 298 पिकोग्राम प्रति मिलीलीटर तक पहुंच गया। पुरुषों और महिलाओं के आंकड़ों को मिलाकर शोधकर्ताओं ने औसतन लगभग 24 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की।
हालांकि, इन नतीजों को समझते समय अध्ययन की सीमाओं को ध्यान में रखना जरूरी है। इसके निष्कर्ष सम्मेलन में प्रस्तुत सार के रूप में उपलब्ध थे। इससे यह निश्चित रूप से साबित नहीं होता कि अनार का रस पीने से हर पुरुष के रक्त में टेस्टोस्टेरोन बढ़ता है या यह प्रभाव लंबे समय तक बना रहता है। इसलिए इस अध्ययन में दर्ज वृद्धि को सभी लोगों पर लागू करना उचित नहीं होगा।
दूसरे अध्ययनों में मिले अलग-अलग नतीजे
अनार और टेस्टोस्टेरोन के संबंध को लेकर किए गए सभी मानव अध्ययनों के नतीजे सकारात्मक नहीं रहे हैं। एक नियंत्रित अध्ययन में वजन उठाने वाले नौ खिलाडय़िों पर अनार के रस के प्रभाव का परीक्षण किया गया। इसमें व्यायाम के तुरंत बाद अनार का रस लेने वाले समूह में तुलना के लिए इस्तेमाल किए गए प्लेसीबो समूह की अपेक्षा रक्त टेस्टोस्टेरोन का स्तर कम पाया गया।
इस अध्ययन का आकार छोटा था, इसलिए इसके आधार पर भी कोई व्यापक निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। हालांकि, इससे यह जरूर स्पष्ट होता है कि अनार के सेवन और टेस्टोस्टेरोन के बीच संबंध को समझने के लिए अधिक शोध की आवश्यकता है।
एक अन्य अध्ययन में अनार की छाल और कोको के बीज के अर्क से तैयार विशेष मिश्रण का 120 स्वस्थ युवाओं पर परीक्षण किया गया। इसमें टेस्टोस्टेरोन बढऩे के संकेत मिले। लेकिन इस अध्ययन में केवल अनार का फल या उसका रस इस्तेमाल नहीं किया गया था। मिश्रण में कोको का अर्क भी शामिल था। इसलिए इसके परिणामों को सामान्य रूप से अनार खाने के लाभ के रूप में प्रस्तुत करना सही नहीं होगा।
कुल मिलाकर, उपलब्ध शोध के आधार पर यह कहना मुश्किल है कि अनार पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन बढ़ाने का भरोसेमंद और प्रमाणित तरीका है।
महिलाओं पर हुए अध्ययनों में भी सामने आई अलग तस्वीर
अनार और टेस्टोस्टेरोन के संबंध पर महिलाओं में भी शोध किया गया है। 64 स्वस्थ रजोनिवृत्त महिलाओं पर हुए एक नियंत्रित अध्ययन में प्रतिभागियों को तीन सप्ताह तक प्रतिदिन अनार का रस दिया गया। पूरे अध्ययन समूह में सेक्स हार्मोन के स्तर में कोई महत्वपूर्ण कमी नहीं पाई गई। हालांकि, सामान्य वजन वाली महिलाओं के एक छोटे उपसमूह में टेस्टोस्टेरोन का स्तर घटने का संकेत मिला।
शोधकर्ताओं ने इन परिणामों को शुरुआती निष्कर्ष माना और इस विषय पर बड़े अध्ययनों की आवश्यकता बताई।
पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम यानी पीसीओएस से प्रभावित महिलाओं पर हुए कुछ अध्ययनों में भी अनार के रस के सेवन के बाद टेस्टोस्टेरोन में कमी देखी गई है। वर्ष 2025 में प्रकाशित एक व्यवस्थित समीक्षा और मेटा-विश्लेषण में चार यादृच्छिक नियंत्रित अध्ययनों तथा 128 महिलाओं के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। इसमें अनार के रस से टेस्टोस्टेरोन के स्तर में कमी आने के संकेत मिले।
हालांकि, इन निष्कर्षों की पुष्टि के लिए लंबे समय तक चलने वाले और अधिक प्रतिभागियों को शामिल करने वाले अध्ययनों की जरूरत है। पीसीओएस से प्रभावित महिलाओं में मिले परिणामों को स्वस्थ पुरुषों पर लागू नहीं किया जा सकता।
इन अध्ययनों से पता चलता है कि अनार का हार्मोन के स्तर पर प्रभाव व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति, सेवन के तरीके और अध्ययन की परिस्थितियों के अनुसार अलग हो सकता है। इसलिए अनार को पुरुषों के लिए निश्चित रूप से टेस्टोस्टेरोन बढ़ाने वाला फल कहना अभी वैज्ञानिक प्रमाणों से आगे बढक़र दावा करना होगा।
अनार में मौजूद पोषक तत्व क्यों हैं महत्वपूर्ण?
अनार में पॉलीफेनॉल जैसे प्राकृतिक पौध-आधारित यौगिक पाए जाते हैं। ये शरीर में एंटीऑक्सीडेंट गतिविधियों से जुड़े हैं। एंटीऑक्सीडेंट ऐसे यौगिक होते हैं जो शरीर की कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव तनाव से होने वाले नुकसान से बचाने में भूमिका निभाते हैं।
अनार के फल और रस पर हुए शोध में हृदय की सेहत तथा रक्तचाप जैसे पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। कुछ अध्ययनों में इसके सेवन से रक्तचाप में कमी आने के संकेत मिले हैं। हालांकि, इन परिणामों को अनार के सेवन से होने वाले निश्चित लाभ के रूप में नहीं देखना चाहिए, क्योंकि अलग-अलग अध्ययनों में इस्तेमाल की गई मात्रा, अवधि और प्रतिभागियों की स्वास्थ्य स्थिति में अंतर रहा है।
वर्ष 2024 में प्रकाशित एक व्यवस्थित समीक्षा और मेटा-विश्लेषण में वयस्कों पर किए गए 22 यादृच्छिक नियंत्रित अध्ययनों के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। संयुक्त परिणामों में अनार के सेवन से सिस्टोलिक और डायस्टोलिक रक्तचाप में कमी के संकेत मिले। इसके बावजूद अध्ययनों के बीच काफी अंतर था और शोधकर्ताओं ने बेहतर गुणवत्ता वाले अनुसंधानों की आवश्यकता बताई।
इसी तरह, वर्ष 2025 में प्रकाशित एक अन्य मेटा-विश्लेषण में 53 यादृच्छिक नियंत्रित अध्ययनों और 2,306 प्रतिभागियों के आंकड़ों की समीक्षा की गई। इसमें अनार के सेवन से रक्तचाप, शरीर के वजन, बॉडी मास इंडेक्स, खाली पेट रक्त शर्करा और कुल कोलेस्ट्रॉल जैसे कुछ स्वास्थ्य संबंधी मापदंडों में सुधार के संकेत मिले। हालांकि, सभी मापदंडों में महत्वपूर्ण बदलाव नहीं पाया गया।
इसलिए अनार को संतुलित आहार का हिस्सा बनाना उपयोगी हो सकता है, लेकिन इसके सेवन से किसी बीमारी का इलाज होने या हर व्यक्ति को समान लाभ मिलने की गारंटी नहीं दी जा सकती।
टेस्टोस्टेरोन का स्तर सामान्य रखने के लिए क्या करें?
यदि किसी पुरुष को टेस्टोस्टेरोन की कमी की आशंका है, तो केवल अनार खाने या उसका रस पीने पर निर्भर रहना सही तरीका नहीं है। शरीर में इस हार्मोन का स्तर कई कारणों से प्रभावित होता है। ऐसे में संपूर्ण जीवनशैली पर ध्यान देना अधिक महत्वपूर्ण है।
स्वस्थ वजन बनाए रखना जरूरी है। अधिक वजन और मोटापे का संबंध पुरुषों में कम टेस्टोस्टेरोन से हो सकता है। शोधों के मेटा-विश्लेषण में वजन घटाने के बाद कुल और मुक्त टेस्टोस्टेरोन के स्तर में वृद्धि के संकेत मिले हैं। हालांकि, इसका प्रभाव व्यक्ति की स्थिति और वजन में हुए बदलाव पर निर्भर कर सकता है।
पर्याप्त नींद लें। शरीर की सामान्य हार्मोन संबंधी प्रक्रियाओं के लिए नींद महत्वपूर्ण है। 252 पुरुषों को शामिल करने वाले 18 अध्ययनों के मेटा-विश्लेषण में पूरी तरह नींद से वंचित रहने की स्थिति में टेस्टोस्टेरोन का स्तर घटने के संकेत मिले। हालांकि, कम अवधि तक आंशिक रूप से नींद पूरी न होने के प्रभावों के परिणाम उतने स्पष्ट नहीं थे।
संतुलित भोजन और नियमित शारीरिक गतिविधि अपनाएं। शरीर को पर्याप्त पोषण देना, नियमित व्यायाम करना और स्वस्थ दिनचर्या बनाए रखना समग्र स्वास्थ्य के लिए जरूरी है। किसी एक फल या खाद्य पदार्थ को हार्मोन बढ़ाने का निश्चित उपाय मानने के बजाय विविध और संतुलित आहार को प्राथमिकता देनी चाहिए।
यदि लगातार थकान, यौन इच्छा में कमी या अन्य ऐसे लक्षण दिखाई दें जिनसे टेस्टोस्टेरोन की कमी का संदेह हो, तो चिकित्सक से सलाह लेना उचित है। केवल लक्षणों या किसी एक जांच के आधार पर स्वयं निष्कर्ष निकालने के बजाय चिकित्सकीय मूल्यांकन जरूरी है।
क्या पुरुषों को रोज अनार खाना चाहिए?
अनार एक पौष्टिक फल है और इसे संतुलित आहार में शामिल किया जा सकता है। इसके सेवन से एंटीऑक्सीडेंट सहित कई उपयोगी प्राकृतिक यौगिक मिलते हैं। लेकिन अभी उपलब्ध वैज्ञानिक प्रमाण यह स्थापित नहीं करते कि अनार खाने से पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन का स्तर निश्चित रूप से बढ़ता है।
अनार का सेवन करना और टेस्टोस्टेरोन की कमी का उपचार करना अलग-अलग बातें हैं। यदि हार्मोन का स्तर कम है, तो उसके कारण का पता लगाना और जरूरत के अनुसार उपचार लेना महत्वपूर्ण है। स्वस्थ वजन, पर्याप्त नींद, संतुलित भोजन और नियमित शारीरिक गतिविधि पर ध्यान देना समग्र स्वास्थ्य के लिए बेहतर तरीका है। अनार को पौष्टिक फल के रूप में खाएं, लेकिन इसे टेस्टोस्टेरोन बढ़ाने की दवा या निश्चित उपाय न समझें।
नोट: यह लेख केवल सामान्य स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें दी गई जानकारी चिकित्सकीय सलाह, जांच या उपचार का विकल्प नहीं है।








