Explore

Search

November 2, 2026 2:28 pm

लेटेस्ट न्यूज़

गिरफ्तारी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे आजम खान, इसी हफ्ते सुनवाई; जेल से रिहाई के बाद ED ने किया था गिरफ्तार

WhatsApp
Facebook
Twitter
Email

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री मोहम्मद आजम खान ने मनी लॉन्ड्रिंग के नए मामले में अपनी गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। सोमवार (2 नवंबर) को शीर्ष अदालत ने उनकी याचिका पर जल्द सुनवाई की मांग पर विचार करते हुए इसे इसी सप्ताह सूचीबद्ध करने पर सहमति जताई। आजम खान की ओर से पेश वकील निजाम पाशा ने अदालत के सामने तत्काल सुनवाई का अनुरोध किया था।

जेल से बाहर आते ही ED ने किया था गिरफ्तार

आजम खान की गिरफ्तारी का मामला 29 अक्टूबर का है। उन्हें उत्तर प्रदेश में दर्ज डुअल पैन कार्ड मामले में जेल से रिहाई मिली थी, लेकिन इसके करीब 40 मिनट बाद ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उन्हें एक नए मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार कर लिया। यह मामला रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय और उससे जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच से संबंधित है।

गिरफ्तारी के अगले दिन रविवार को गाजियाबाद की एमपी-एमएलए विशेष अदालत ने आजम खान को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। अदालत के निर्देश के अनुसार, उन्हें 13 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में रहना होगा।

सुप्रीम कोर्ट में आजम खान ने क्या मांग की?

आजम खान ने अपनी याचिका में ईडी की गिरफ्तारी को चुनौती दी है। इसके साथ ही उन्होंने 1 नवंबर को विशेष अदालत की ओर से पारित उस आदेश को निरस्त करने की मांग की है, जिसके तहत उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।

याचिका में उन्होंने तत्काल रिहाई की मांग भी की है। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने उनके वकील की दलील सुनने के बाद याचिका को इसी सप्ताह सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने पर सहमति जताई।

जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े मामले में 426.46 करोड़ की संपत्ति कुर्क

आजम खान की गिरफ्तारी से पहले ईडी ने रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय से जुड़ी करीब 426.46 करोड़ रुपये की जमीन और इमारतों को अस्थायी रूप से कुर्क किया था। यह कार्रवाई मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट, आजम खान और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ चल रही मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत की गई।

इस मामले में विश्वविद्यालय की संपत्तियों से जुड़े वित्तीय लेनदेन और अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है। आजम खान के लिए यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब इलाहाबाद हाई कोर्ट से उन्हें और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को कुछ मामलों में अल्पकालिक राहत मिली थी।

अब सभी की नजरें सुप्रीम कोर्ट की प्रस्तावित सुनवाई पर टिकी हैं। अदालत में आजम खान की गिरफ्तारी और न्यायिक हिरासत को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान आगे की कानूनी स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

Rajesh Bhagtani
Author: Rajesh Bhagtani

ताजा खबरों के लिए एक क्लिक पर ज्वाइन करे व्हाट्सएप ग्रुप

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement
लाइव क्रिकेट स्कोर