दिल्ली में नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ क्राइम ब्रांच ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक कथित अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में करीब 1.5 करोड़ रुपये की ड्रग्स बरामद की गई है और चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इस नेटवर्क से जुड़े लोगों पर नशीले पदार्थों की खरीद-फरोख्त और सप्लाई करने का संदेह है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क के तार किन-किन लोगों और ठिकानों से जुड़े हुए हैं।
MDMA और कोकीन की बरामदगी
इस मामले में MDMA और कोकीन जैसे नशीले पदार्थों की बरामदगी की जानकारी सामने आई है। ये पदार्थ अवैध नशे के कारोबार में इस्तेमाल किए जाते हैं। पुलिस बरामद सामग्री की मात्रा, उसके स्रोत और सप्लाई नेटवर्क से जुड़ी कड़ियों की जांच कर रही है। करीब 1.5 करोड़ रुपये की बताई जा रही ड्रग्स की बरामदगी को इस कार्रवाई की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
चार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जांच तेज
क्राइम ब्रांच ने कार्रवाई के दौरान चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि आरोपी कथित तौर पर नशीले पदार्थ कहां से हासिल करते थे और उन्हें किन लोगों तक पहुंचाया जाता था। इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस नेटवर्क में अन्य लोग शामिल हैं या नहीं और क्या इसकी गतिविधियां दिल्ली के बाहर भी फैली हुई थीं।
अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की कड़ियों की तलाश
इस मामले में जांच का एक अहम पहलू कथित अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि नशीले पदार्थों की सप्लाई का स्रोत क्या था और इस कारोबार में देश के भीतर या बाहर से कौन-कौन लोग जुड़े हो सकते हैं। आरोपियों से पूछताछ के आधार पर जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क की भूमिका और उसके संभावित संपर्कों की पड़ताल कर रही हैं।
ड्रग्स तस्करी के खिलाफ कार्रवाई तेज
दिल्ली में नशीले पदार्थों की तस्करी पर लगाम लगाने के लिए पुलिस समय-समय पर अभियान चलाती रही है। ऐसे मामलों में बरामदगी के साथ-साथ सप्लाई चेन से जुड़े लोगों की पहचान करना भी जरूरी होता है, ताकि अवैध कारोबार के बड़े नेटवर्क तक पहुंचा जा सके। इस मामले में भी पुलिस की जांच का दायरा चार गिरफ्तार आरोपियों से आगे बढ़ सकता है।
फिलहाल, इस कार्रवाई से जुड़ी सभी कड़ियों की जांच जारी है। पुलिस यह स्पष्ट करने में जुटी है कि बरामद ड्रग्स कहां से आई थीं और कथित सिंडिकेट का नेटवर्क कितना बड़ा था। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ हो सकेगी। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि कानूनी प्रक्रिया के तहत होगी।








