कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र सरकार पर विपक्षी नेताओं को डराने के लिए केंद्रीय जांच एजेंसियों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) जैसी एजेंसियों के जरिए विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन कांग्रेस और INDIA गठबंधन के नेता इससे डरने वाले नहीं हैं। खड़गे ने यह बयान दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित INDIA गठबंधन की महारैली को संबोधित करते हुए दिया।
रामलीला मैदान से केंद्र सरकार पर साधा निशाना
1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की महारैली आयोजित की गई थी। इस रैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, ममता बनर्जी, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव और फारूक अब्दुल्ला समेत विपक्ष के कई प्रमुख नेता शामिल हुए। रैली का मुख्य मुद्दा चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियां और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग रहा।
सभा को संबोधित करते हुए खड़गे ने केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक संस्थाओं और विपक्षी दलों को प्रभावित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं, महिलाओं और दलितों के मताधिकार से जुड़े मुद्दों को लेकर विपक्ष आवाज उठा रहा है। उनका आरोप था कि चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ियों के खिलाफ उठाई जा रही आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है।
‘ED और CBI से डराने की कोशिश, लेकिन हम पीछे नहीं हटेंगे’
अपने संबोधन में खड़गे ने जांच एजेंसियों की कार्रवाई को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विपक्षी नेताओं को डराने के लिए ED जैसी सरकारी एजेंसियों का इस्तेमाल करने की कोशिश कर सकते हैं, लेकिन विपक्ष इस तरह के दबाव में आने वाला नहीं है।
खड़गे ने कहा कि कांग्रेस और INDIA गठबंधन के नेता संघर्ष करने वाले लोग हैं। वे ऐसी कार्रवाइयों से पीछे नहीं हटेंगे और लोकतंत्र तथा संविधान से जुड़े मुद्दों पर अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से भी एकजुट रहने की अपील की।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग
खड़गे ने अपने भाषण में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को भी निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल हैं। कांग्रेस और INDIA गठबंधन के नेताओं ने ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग उठाई है।
खड़गे ने कहा कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, तब तक विपक्ष का आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों का जवाब देने के बजाय विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है।
बिहार, यूपी और महाराष्ट्र की सरकारों पर भी हमला
कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने भाषण में बिहार, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र की सरकारों पर भी निशाना साधा। उन्होंने इन राज्यों की सरकारों को लेकर चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों के आरोप लगाए। खड़गे ने कहा कि विपक्ष का संघर्ष केवल किसी एक पार्टी के खिलाफ नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था और जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए है।
उन्होंने मंच से ‘मोदी हटाओ, लोकतंत्र बचाओ’ का नारा भी दिया। खड़गे ने कहा कि विपक्षी दलों को एकजुट होकर लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए काम करना होगा।
INDIA गठबंधन ने दिखाई एकजुटता
रामलीला मैदान की इस महारैली में विपक्षी दलों के कई बड़े नेताओं की मौजूदगी ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। नेताओं ने अपने संबोधन में चुनावी प्रक्रिया, मतदाता सूची और केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई जैसे मुद्दे उठाए। वहीं, केंद्र सरकार और बीजेपी की ओर से विपक्ष के इन आरोपों पर अलग-अलग मौकों पर जवाब दिया गया है।
कुल मिलाकर, रामलीला मैदान की रैली में मल्लिकार्जुन खड़गे का ED और CBI को लेकर दिया गया बयान विपक्ष की रणनीति का अहम हिस्सा रहा। कांग्रेस अध्यक्ष ने साफ संदेश दिया कि जांच एजेंसियों के कथित दबाव से विपक्ष पीछे हटने वाला नहीं है और वह अपने राजनीतिक मुद्दों को लेकर आंदोलन जारी रखेगा।








