आंखों में जलन, चुभन, पानी आना या लालिमा जैसी समस्या कई लोगों को कभी-कभी परेशान करती है। लंबे समय तक स्क्रीन देखने, आंखों में सूखापन, धूल-धुआं, एलर्जी या संक्रमण जैसी कई वजहों से ऐसा हो सकता है। लेकिन हर तरह की जलन का इलाज एक जैसा नहीं होता। इसलिए बिना कारण समझे कोई भी आई ड्रॉप इस्तेमाल करना सही तरीका नहीं माना जाता।
आंखों में जलन क्यों होती है?
आंखों में जलन का एक आम कारण ड्राई आई हो सकता है। इसमें आंखों में चुभन, जलन, किरकिरापन, लालिमा या कभी-कभी ज्यादा पानी आने जैसी शिकायत हो सकती है। इसके अलावा एलर्जी, कंजंक्टिवाइटिस, पलकों की समस्या या आंख में किसी बाहरी कण के चले जाने से भी परेशानी हो सकती है।
इसलिए सिर्फ जलन के आधार पर खुद से यह तय करना मुश्किल हो सकता है कि समस्या का कारण क्या है।
क्या हर बार आई ड्रॉप डालना सही है?
जरूरी नहीं। आर्टिफिशियल टियर्स या लुब्रिकेटिंग आई ड्रॉप्स कुछ मामलों में ड्राई आई से होने वाली परेशानी को कम करने में मदद कर सकती हैं। अमेरिकन एकेडमी ऑफ ऑप्थल्मोलॉजी के अनुसार, अगर इन्हें दिन में छह बार से ज्यादा इस्तेमाल करना पड़े या प्रिजर्वेटिव से परेशानी होती हो, तो डॉक्टर की सलाह से प्रिजर्वेटिव-फ्री विकल्प इस्तेमाल किए जा सकते हैं।
लेकिन हर आई ड्रॉप एक जैसी नहीं होती। कुछ ड्रॉप्स विशेष बीमारियों या संक्रमण के लिए होती हैं और उनका इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही किया जाना चाहिए। आई ड्रॉप से एलर्जी या अन्य साइड इफेक्ट भी हो सकते हैं।
आंख लाल हो तो क्या करें?
अगर आंख में हल्की जलन या लालिमा है और दर्द, नजर में बदलाव या गंभीर परेशानी नहीं है, तो आंखों को रगड़ने से बचना और कॉन्टैक्ट लेंस का इस्तेमाल रोकना मददगार हो सकता है। कुछ मामलों में समस्या अपने आप भी ठीक हो सकती है।
अगर लालिमा बनी रहती है, आंखों से चिपचिपा डिस्चार्ज आता है या समस्या बढ़ रही है, तो डॉक्टर या आंखों के विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।
इन लक्षणों में डॉक्टर को दिखाना जरूरी
आंखों में जलन के साथ निम्न लक्षण हों तो इसे सामान्य समस्या मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए:
- आंख में तेज दर्द
- नजर धुंधली होना या अचानक दृष्टि में बदलाव
- रोशनी देखने में परेशानी या तेज चुभन
- आंख का बहुत ज्यादा लाल होना
- कॉन्टैक्ट लेंस पहनने के साथ दर्द या नजर में कमी
- आंख में चोट लगना
- आंख में कोई कण या वस्तु फंस जाना
- तेज सिरदर्द के साथ लाल आंख और मितली होना
इनमें से कुछ लक्षण गंभीर आंखों की समस्या से जुड़े हो सकते हैं और तत्काल चिकित्सकीय जांच की जरूरत पड़ सकती है।
केमिकल आंख में चला जाए तो तुरंत सावधानी
अगर किसी केमिकल या तेज रसायन के आंख में चले जाने से जलन हो, तो इसे सामान्य जलन समझकर आई ड्रॉप डालने के बजाय तुरंत साफ पानी से आंख धोना और चिकित्सा सहायता लेना जरूरी है। NHS के अनुसार, ऐसी स्थिति में आंख को कम से कम 20 मिनट तक पानी से धोते रहना चाहिए और तुरंत चिकित्सा मदद लेनी चाहिए।
आंखों को सुरक्षित रखने के लिए क्या करें?
आंखों की परेशानी से बचने के लिए आंखों को बार-बार रगड़ने से बचें। कॉन्टैक्ट लेंस इस्तेमाल करने वालों को जलन या लालिमा होने पर लेंस पहनना रोक देना चाहिए। अगर समस्या बार-बार होती है या लंबे समय तक बनी रहती है, तो आंखों की जांच कराना जरूरी है।
निष्कर्ष
आंखों में जलन हमेशा गंभीर बीमारी का संकेत नहीं होती, लेकिन हर बार एक ही आई ड्रॉप इस्तेमाल करना भी सही नहीं है। जलन का कारण ड्राई आई, एलर्जी, संक्रमण या कोई दूसरी समस्या हो सकती है। खासकर दर्द, बहुत ज्यादा लालिमा या नजर में बदलाव जैसे लक्षण दिखाई दें तो खुद इलाज करने के बजाय डॉक्टर से जांच कराना ज्यादा सुरक्षित है।
यह सामान्य स्वास्थ्य जानकारी है, व्यक्तिगत निदान या उपचार का विकल्प नहीं।








