त्योहारों और शादी-विवाह के मौकों पर मिठाइयों की सजावट के लिए चांदी और सोने जैसी चमकदार वर्क का इस्तेमाल किया जाता है। बाजार में बिकने वाली काजू कतली, बर्फी, पेड़ा और दूसरी कई मिठाइयों पर लगी चमकीली परत उन्हें आकर्षक बनाती है। लेकिन मिठाई की खूबसूरती बढ़ाने वाली यही वर्क अगर नकली हो या उसमें खाद्य उपयोग के लिए अनुपयुक्त धातुओं का इस्तेमाल किया गया हो, तो यह चिंता का विषय बन सकता है। ऐसे में मिठाई खरीदते समय सिर्फ उसकी चमक देखकर भरोसा करना सही नहीं है।
हाल में चांदी और सोने की वर्क की शुद्धता को लेकर सवाल उठे हैं। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि बाजार में बिकने वाली बड़ी मात्रा में वर्क नकली हो सकती है। इन दावों के मुताबिक, चांदी की वर्क के नाम पर एल्युमिनियम और सोने जैसी दिखने वाली वर्क में तांबा या जिंक जैसी धातुओं का इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि, किसी खास जांच के नतीजों और ‘99 प्रतिशत वर्क नकली’ होने जैसे दावों की पुष्टि के लिए मूल लैब रिपोर्ट, जांच का नमूना और संबंधित खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की जानकारी देखना जरूरी है। सभी मिठाइयों या बाजार में उपलब्ध पूरी वर्क को नकली मान लेना सही नहीं होगा।
नकली वर्क से क्यों बढ़ सकती है परेशानी?
खाद्य पदार्थों पर इस्तेमाल होने वाली सजावटी वर्क की गुणवत्ता और उसकी शुद्धता महत्वपूर्ण है। अगर मिठाई पर ऐसी धातु की परत लगाई गई है जो खाने के लिए सुरक्षित नहीं है, तो उसके सेवन से स्वास्थ्य संबंधी जोखिम पैदा हो सकते हैं। जोखिम इस बात पर निर्भर करता है कि वर्क में कौन-सा पदार्थ मौजूद है, उसकी कितनी मात्रा है और व्यक्ति कितनी बार उसका सेवन करता है। इसलिए बिना जांच के यह कहना उचित नहीं है कि किसी खास वर्क को खाने से निश्चित रूप से लिवर या किडनी खराब हो जाएगी। फिर भी खाद्य उपयोग के लिए अनुपयुक्त सामग्री मिलाए जाने की आशंका को गंभीरता से लेना चाहिए।
असली और नकली वर्क की पहचान कैसे करें?
सिर्फ रंग, चमक या दिखावट के आधार पर असली और नकली वर्क की पहचान करना मुश्किल हो सकता है। चांदी जैसी दिखने वाली हर परत असली चांदी नहीं होती और केवल देखकर उसकी शुद्धता की गारंटी भी नहीं दी जा सकती। इसलिए मिठाई खरीदते समय साफ-सफाई, दुकान की विश्वसनीयता और उत्पाद की गुणवत्ता पर ध्यान दें। जहां संभव हो, प्रतिष्ठित मिठाई विक्रेता से खरीदारी करें और पैक की गई मिठाइयों पर निर्माता, सामग्री, पैकिंग और खाद्य सुरक्षा से जुड़ी जानकारी देखें।
मिठाई खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान
मिठाई खरीदते समय ऐसी दुकानों को प्राथमिकता दें जहां खाद्य पदार्थ ढककर रखे जाते हों और साफ-सफाई का ध्यान रखा जाता हो। बहुत ज्यादा चमकदार सजावट देखकर ही मिठाई को बेहतर गुणवत्ता वाला न मानें। पैक की गई मिठाइयों पर लेबल और सामग्री की जानकारी पढ़ें। अगर किसी उत्पाद की गुणवत्ता या उसमें इस्तेमाल की गई वर्क को लेकर संदेह हो, तो दुकानदार से जानकारी मांगें और जरूरत पड़ने पर खाद्य सुरक्षा विभाग में शिकायत करें।
चांदी की वर्क का इस्तेमाल पारंपरिक रूप से कई भारतीय मिठाइयों की सजावट में किया जाता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि बाजार में मिलने वाली हर वर्क असली या सुरक्षित है। इसी तरह, केवल किसी मिठाई पर चमकदार परत होने से उसे नकली भी नहीं कहा जा सकता। सही निष्कर्ष के लिए प्रमाणित जांच और विश्वसनीय जानकारी जरूरी है।
त्योहारों के मौसम में मिठाइयों की मांग बढ़ने के साथ खरीदारी में सावधानी बरतना और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। मिठाई की सुंदरता के बजाय उसकी गुणवत्ता, स्वच्छता और विश्वसनीय स्रोत को प्राथमिकता दें। अगर नकली या अनुपयुक्त वर्क के इस्तेमाल का संदेह हो, तो संबंधित खाद्य सुरक्षा अधिकारियों से जांच कराने की मांग की जा सकती है। जागरूक खरीदारी से ही मिलावट के जोखिम को कम करने और सुरक्षित खाद्य पदार्थ चुनने में मदद मिल सकती है।








