अहमदाबाद। गुजरात के अहमदाबाद में स्थित साबरमती सेंट्रल जेल में बंद कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को जेल परिसर के भीतर ही एक बेहद सख्त और अति-सुरक्षित (अल्ट्रा हाई-सिक्योरिटी) ब्लॉक में स्थानांतरित कर दिया गया है।
खबरों के अनुसार, यह कदम हाल ही में अभिनेता टाइगर श्रॉफ के घर के बाहर हुई गोलीबारी की घटना के घटनाक्रमों के बाद उठाया गया है, जिसमें बिश्नोई गैंग के शामिल होने की आशंका जताई गई है।
बिश्नोई अगस्त 2023 से साबरमती जेल में बंद है और अब उसे जेल की उस विशेष बैरक में रखा गया है जहाँ 2008 के अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट के दोषियों और अन्य गंभीर अपराधों में संलिप्त खतरनाक कैदियों को रखा जाता है।
‘दो सौ खोली’ या ‘ब्लॉक 200’ के नाम से मशहूर इस अति-सुरक्षित ब्लॉक को कुल चार अलग-अलग खंडों में विभाजित किया गया है, जिनमें से प्रत्येक खंड में 50 कैदियों को रखने की क्षमता है। इस विशेष व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य कैदियों के एक-दूसरे से संपर्क और अंतर-बैरक आवाजाही को पूरी तरह से रोकना है। बिश्नोई को यहाँ एक बिल्कुल अलग-थलग (आइसोलेटेड) सेल में रखा गया है।
जेल प्रशासन को उम्मीद है कि इस कड़े प्रबंध के बाद लॉरेंस बिश्नोई अपने वकील और अदालती सुनवाई के अलावा बाहरी दुनिया से किसी भी प्रकार का संपर्क नहीं साध पाएगा, जिससे जेल के भीतर से अपने आपराधिक नेटवर्क को संचालित करने का जोखिम काफी हद तक समाप्त हो जाएगा।








