उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में तीन लोगों की हत्या की घटना से इलाके में सनसनी फैल गई। सआदतगंज थाना क्षेत्र के नौबस्ता स्थित ब्राह्मणी टोला में 26 अक्टूबर को पड़ोसियों के बीच शुरू हुआ विवाद खूनी वारदात में बदल गया। इस घटना में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। आरोप है कि ऋषभ शुक्ला ने विवाद के दौरान गोलीबारी की। वारदात के बाद आरोपी घटनास्थल पर ही मौजूद रहा, जहां से पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। घटना के बाद इलाके में पुलिस बल तैनात किया गया और मामले की जांच शुरू की गई।
पार्किंग और चबूतरे को लेकर चल रहा था विवाद
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, दोनों परिवारों के बीच खाली जगह पर गाड़ी खड़ी करने और बरगद के पेड़ के नीचे चबूतरा बनाने को लेकर पहले से विवाद चल रहा था। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस मुद्दे पर पहले भी दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हो चुकी थी। सोमवार सुबह एक बार फिर इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया। देखते ही देखते मामला इतना बिगड़ गया कि आरोपी पर पड़ोसी परिवार के तीन लोगों पर गोली चलाने का आरोप लगा।
पुलिस की शुरुआती जांच में पार्किंग विवाद को घटना की प्रमुख वजह माना गया है। हालांकि, पूरे घटनाक्रम और दोनों पक्षों के बीच पहले से चल रहे विवाद की परिस्थितियों की जांच की जा रही है।
एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत
इस घटना में शिवाजी तिवारी, उनके भाई शिवेंद्र उर्फ शंभू तिवारी और शिवाजी के बेटे सुयश तिवारी की मौत हो गई। रिपोर्टों के मुताबिक, शिवाजी तिवारी और सुयश की मौत घटनास्थल पर ही हो गई थी, जबकि गंभीर रूप से घायल शिवेंद्र तिवारी ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
तीनों को इलाज के लिए किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया था। लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत से परिजनों और परिचितों में शोक का माहौल है।
वारदात के बाद घटनास्थल पर ही मौजूद रहा आरोपी
इस मामले में सामने आई जानकारी के मुताबिक, गोलीबारी के बाद ऋषभ शुक्ला घटनास्थल से भागा नहीं और वहीं मौजूद रहा। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उसे हिरासत में लिया। घटनास्थल से कथित तौर पर वारदात में इस्तेमाल किया गया हथियार और खाली कारतूस भी बरामद किए गए। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मामले से जुड़े साक्ष्य जुटाए।
घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया।
मर्चेंट नेवी में काम कर चुका था आरोपी
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ऋषभ शुक्ला पहले मर्चेंट नेवी में नेविगेशन अधिकारी के तौर पर काम कर चुका था। उसकी पृष्ठभूमि और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि लंबे समय से चल रहे विवाद ने किस तरह गंभीर रूप लिया और वारदात से पहले घटनास्थल पर क्या-क्या हुआ था।
सुयश की शादी की चल रही थीं तैयारियां
इस घटना का सबसे दुखद पहलू यह है कि मृतकों में शामिल सुयश तिवारी की शादी की तैयारियां चल रही थीं। रिपोर्टों के मुताबिक, उनकी शादी अगले महीने होने वाली थी। परिवार में जहां आने वाले समय को लेकर खुशियों का माहौल होना चाहिए था, वहीं इस घटना के बाद मातम छा गया।
पुलिस जांच जारी, कानूनी कार्रवाई की जा रही है
पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की। तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। जांच में प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, घटनास्थल से मिले साक्ष्य और दोनों परिवारों के बीच पुराने विवाद से जुड़ी जानकारी अहम मानी जा रही है।
फिलहाल, शुरुआती जानकारी में पार्किंग और चबूतरा निर्माण को लेकर विवाद सामने आया है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की पड़ताल कर रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि विवाद किस तरह बढ़ा और वारदात किन परिस्थितियों में हुई। लखनऊ की इस घटना ने एक बार फिर पड़ोसियों के बीच लंबे समय से चल रहे विवादों के गंभीर परिणामों को सामने ला दिया है।








