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October 7, 2026 1:12 pm

‘जिसने जिताया, उसने विनम्र होना सिखाया; जिसने गिराया, उसने खड़ा होना’, 25 साल पर बोले PM मोदी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकार के प्रमुख के तौर पर 25 साल पूरे होने के मौके पर अपने लंबे राजनीतिक सफर को याद किया। 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद से वह लगातार सरकार के प्रमुख की भूमिका में हैं। इस अवसर पर पीएम मोदी ने अपने सफर में मिले अनुभवों और उनसे मिली सीख का जिक्र करते हुए कहा कि उनके जीवन में आए हर व्यक्ति और हर घटना ने उन्हें कुछ न कुछ सिखाया।

पीएम मोदी ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, “जिसने मुझे जिताया, उसने मुझे विनम्र होना सिखाया और जिसने मुझे गिराया, उसने मुझे फिर खड़ा होना सिखाया।” उनके मुताबिक, समर्थकों से मिली सफलता ने उन्हें विनम्र रहने की सीख दी, जबकि मुश्किलों और विरोध की परिस्थितियों ने चुनौतियों का सामना करके आगे बढ़ने का अवसर दिया।

25 साल के सफर को बताया सीख से भरा अनुभव

प्रधानमंत्री के अनुसार, 25 वर्षों के इस सफर को केवल राजनीतिक उपलब्धियों के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि यह लगातार सीखने और लोगों के साथ जुड़कर काम करने की यात्रा भी रही है। उन्होंने पीछे मुड़कर देखने पर अपने मन में कृतज्ञता का भाव होने की बात कही।

7 अक्टूबर 2001 को नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में पदभार संभाला था। इसके बाद वह गुजरात के मुख्यमंत्री रहे और 2014 में देश के प्रधानमंत्री बने। तब से वह लगातार प्रधानमंत्री के पद पर हैं।

विरोधियों से भी मिली सीख

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में विरोधियों और राजनीतिक चुनौतियों से मिली सीख का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अलग-अलग विचार और मतभेद भी महत्वपूर्ण होते हैं और विरोध की परिस्थितियां व्यक्ति को अपनी भूमिका तथा लोकतांत्रिक व्यवस्था को समझने का अवसर देती हैं। उनके बयान में लोकतंत्र की शक्ति और अलग-अलग विचारों के महत्व पर जोर दिखाई दिया।

गुजरात से दिल्ली तक का सफर

प्रधानमंत्री मोदी के 25 साल के राजनीतिक नेतृत्व की शुरुआत गुजरात से हुई थी। 2001 में मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने राज्य में करीब 13 साल तक सरकार का नेतृत्व किया। इसके बाद 2014 में वह देश के प्रधानमंत्री बने और 2019 तथा 2024 के लोकसभा चुनावों के बाद भी प्रधानमंत्री पद पर बने रहे।

इस मौके पर बीजेपी और उसके सहयोगी दलों की ओर से देशभर में अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। बीजेपी ने प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे होने के अवसर पर ‘सेवा संकल्प महोत्सव’ जैसे कार्यक्रमों की योजना बनाई थी।

मंदिर में की पूजा-अर्चना

25 साल पूरे होने के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली के सरोजिनी नगर स्थित श्री विनायक मंदिर में पूजा-अर्चना और आरती भी की। उन्होंने देशवासियों की खुशहाली के लिए प्रार्थना की और राष्ट्र की सेवा के संकल्प को दोहराया।

इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत बीजेपी के कई नेताओं ने प्रधानमंत्री मोदी को बधाई दी। शाह ने सोशल मीडिया पोस्ट में उनके 25 वर्षों के राजनीतिक सफर को सेवा, संघर्ष और समर्पण से जुड़ी यात्रा बताया।

देश-विदेश से मिल रही बधाइयां

प्रधानमंत्री मोदी के सरकार के प्रमुख के रूप में 25 साल पूरे होने पर विदेशों से भी बधाई संदेश आए। नाइजीरिया के राष्ट्रपति बोला अहमद टिनूबू ने इसे लोकतंत्र में एक दुर्लभ उपलब्धि बताया। जापान की प्रधानमंत्री ने भी प्रधानमंत्री मोदी को बधाई देते हुए भारत-जापान संबंधों को आगे बढ़ाने की बात कही।

इस तरह प्रधानमंत्री मोदी के 25 साल के राजनीतिक नेतृत्व का यह पड़ाव उनके गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर देश के प्रधानमंत्री तक के सफर को रेखांकित करता है। अपने इस लंबे सफर को याद करते हुए पीएम मोदी ने सफलता, असफलता, समर्थन और विरोध—सभी को सीख का हिस्सा बताया और कृतज्ञता का भाव व्यक्त किया।

Rashmi Repoter
Author: Rashmi Repoter

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