जयपुर। बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के कमजोर होकर दक्षिणी छत्तीसगढ़ पर अवदाब (डिप्रेशन) में बदलने और उत्तर भारत में एक नए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने से राजस्थान के मौसम में अचानक बड़ा बदलाव आया है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और जयपुर मौसम केंद्र ने राज्य के कई संभागों में तेज हवाओं, मेघगर्जन, बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। इस मौसमी बदलाव से अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आने का अनुमान है, जिससे लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिलेगी, लेकिन किसानों के लिए फसलों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
मौसम विभाग के बुलेटिन के अनुसार, 29 और 30 अक्टूबर को पूर्वी राजस्थान के जयपुर, भरतपुर, अजमेर, कोटा और उदयपुर संभागों में आसमान में घने बादल छाए रहने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और हल्की से मध्यम बारिश होने की प्रबल संभावना है। विशेष रूप से जयपुर और भरतपुर संभाग के उत्तरी जिलों—जैसे अलवर, दौसा, करौली और आसपास के क्षेत्रों—में मध्यम से भारी बारिश के साथ कुछ स्थानों पर ओले गिरने की भी आशंका जताई गई है। वहीं पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर और बीकानेर संभाग के पूर्वी हिस्सों में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और हल्की वर्षा की संभावना है, हालांकि भारत-पाक सीमा से सटे दूरदराज के इलाके मुख्य रूप से शुष्क रहेंगे।
मौसम वैज्ञानिकों ने आगाह किया है कि तेज हवाओं और ओलावृष्टि से टिनशेड, बिजली के खंभों, होर्डिंग्स तथा खेतों में कटाई के बाद रखी फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। मौसम केंद्र के अनुसार, 31 अक्टूबर तक पूर्वी राजस्थान में कहीं-कहीं हल्की वर्षा की गतिविधियां जारी रह सकती हैं, जिसके बाद 1 नवंबर से पूरे राज्य में मौसम के पुनः शुष्क और साफ हो जाने का अनुमान है।








