उत्तर भारत में गर्मी ने इस बार नौतपा से पहले ही अपना विकराल रूप दिखाना शुरू कर दिया है। राजधानी New Delhi और Uttar Pradesh के कई जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। दिन के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा नजर आ रहा है और तेज धूप तथा लू के थपेड़ों ने लोगों को घरों में रहने पर मजबूर कर दिया है।
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले पांच से छह दिनों तक राहत मिलने की कोई संभावना नहीं है। लगातार बढ़ते तापमान और शुष्क हवाओं के कारण लू का प्रभाव और तेज हो सकता है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इस दौरान दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक बाहर निकलना स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है।
दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में सड़कें तपती धूप में मानो आग उगलती नजर आ रही हैं। भीषण गर्मी के कारण अस्पतालों में हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन के मामलों में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है। डॉक्टरों ने लोगों को पर्याप्त पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने और अनावश्यक रूप से धूप में न निकलने की सलाह दी है।
गर्मी के इस प्रकोप का असर केवल आम जनजीवन पर ही नहीं, बल्कि बिजली की मांग पर भी पड़ रहा है। जैसे-जैसे तापमान बढ़ रहा है, वैसे-वैसे एयर कंडीशनर और कूलर की खपत भी बढ़ गई है, जिससे कई इलाकों में बिजली आपूर्ति पर दबाव बढ़ा है।
ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लोग इस असामान्य गर्मी से परेशान हैं। किसानों को भी इसका असर झेलना पड़ रहा है, क्योंकि खेतों में काम करना मुश्किल हो गया है और पानी की उपलब्धता पर भी असर देखा जा रहा है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार नौतपा शुरू होने से पहले ही गर्मी ने रिकॉर्ड स्तर छू लिया है, जो जलवायु परिवर्तन के प्रभाव की ओर भी इशारा करता है। लगातार बढ़ता तापमान आने वाले दिनों में और चुनौती पैदा कर सकता है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे गर्मी के दौरान विशेष सावधानी बरतें और बच्चों व बुजुर्गों का खास ध्यान रखें। साथ ही, हीट वेव को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट पर रखा गया है।
फिलहाल उत्तर भारत में सूरज की तपिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं और अगले कुछ दिन राहत की उम्मीद बेहद कम नजर आ रही है।








