जयपुर। ऊर्जा मंत्री श्री हीरालाल नागर ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य प्रदेश को विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है। इसके लिए विद्युत निगम ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ-साथ बैटरी ऊर्जा भंडारण क्षमता विकसित करने काम को भी तेजी से आगे बढ़ाएं। इससे पीक ऑवर्स की डिमांड को भी स्वयं के संसाधनों से पूरा किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त उन्होंने पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना में यूटिलिटी लेड एग्रीगेशन मॉडल के अन्तर्गत 3 लाख घरों को सौर ऊर्जा से जोड़ने के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम को भी गति देने के निर्देश दिए।
श्री नागर मंगलवार शाम को विद्युत भवन में ऊर्जा विभाग की समीक्षा कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में विद्युत आपूर्ति की स्थिति, आरडीएसएस, पीएम सूर्यघर आदि योजनाओं, बजट में घोषित ग्रिड सब स्टेशनों के निर्माण कार्यों तथा विद्युत तंत्र को सुदृढ़ करने के लिए संचालित विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की।
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि प्रदेशवासियों को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराना सरकार की महत्वपूर्ण प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने वर्ष 2027 तक प्रदेश के सभी जिलों में कृषि क्षेत्र को दिन में विद्युत आपूर्ति की प्रतिबद्धता व्यक्त की है। ऐसे में विद्युत सुदृढ़ीकरण के काम को और गति दी जाए ताकि शेष जिलों में भी किसानों को दिन में दो ब्लॉक में सप्लाई से जोड़ा जा सके।

बैठक में ऊर्जा सचिव सुश्री आरती डोगरा ने बताया कि तीनों डिस्कॉम्स ने पायलट आधार पर 172 मेगावाट/688 मेगावाट ऑवर बैटरी भंडारण क्षमता विकसित करने के लिए निविदाएं आमंत्रित की हैं। उत्पादन निगम एवं अक्षय ऊर्जा निगम द्वारा भी 12 हजार 400 मेगावाट ऑवर क्षमता की बैटरी ऊर्जा भंडारण क्षमता विकसित करने की परियोजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है। उन्होंने अवगत कराया कि अब तक प्रदेश के 26 जिलों में किसानों को दिन के दो ब्लॉक में विद्युत आपूर्ति से जोड़ा जा चुका है। शेष जिलों में भी ट्रांसमिशन क्षमता को सुदृढ़ करने, लाइनों के विस्तार तथा नए सब स्टेशन निर्माण के कार्य किए जा रहे हैं।
ऊर्जा विकास निगम के प्रबंध निदेशक श्री शिवप्रसाद नकाते ने बताया कि 18 जुलाई को राज्य ने अब तक की सर्वाधिक विद्युत खपत 4040 लाख यूनिट को बिना किसी व्यवधान के पूरा किया है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष जुलाई माह में विद्युत की दैनिक औसत खपत 3369 लाख यूनिट दर्ज की गई जो कि गत वर्ष इसी माह की तुलना में 22 प्रतिशत अधिक है। इसी अवधि में सर्वाधिक डिमांड 18164 मेगावाट रही जो कि गत वर्ष जुलाई माह के मुकाबले 24 प्रतिशत अधिक है। इस प्रकार प्रदेश में उपभोक्ताओं को निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
बैठक में श्री नागर ने स्मार्ट मीटर स्थापना, बजट में घोषित ग्रिड सब स्टेशनों के निर्माण आदि कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की। जोधपुर तथा अजमेर विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक डॉ. भंवरलाल वीसी के जरिए जुड़े। उत्पादन निगम के सीएमडी श्री देवेन्द्र श्रृंगी, ऊर्जा विभाग के सलाहकार श्री नवीन अरोड़ा सहित वितरण निगमों, अक्षय ऊर्जा निगम, प्रसारण निगम के निदेशक तकनीकी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
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