मणिपुर में नशे के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। सुरक्षा बलों और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में करीब 50 किलोग्राम अफीम जब्त की गई है। अधिकारियों का मानना है कि यह खेप अवैध तस्करी के जरिए दूसरे राज्यों या अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क तक पहुंचाई जानी थी। समय रहते कार्रवाई कर पुलिस ने तस्करी की इस साजिश को नाकाम कर दिया।
पुलिस के अनुसार, गुप्त सूचना के आधार पर संदिग्ध इलाके में विशेष अभियान चलाया गया। तलाशी के दौरान एक वाहन और कुछ संदिग्ध स्थानों की जांच में भारी मात्रा में अफीम बरामद हुई। बरामद मादक पदार्थ को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि यह खेप संगठित ड्रग्स तस्कर गिरोह से जुड़ी हो सकती है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि अफीम कहां से लाई गई थी, इसे किस स्थान तक पहुंचाया जाना था और इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं। मामले में कई संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
अधिकारियों का कहना है कि मणिपुर की भौगोलिक स्थिति के कारण राज्य लंबे समय से मादक पदार्थों की तस्करी के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। इसी वजह से पुलिस, असम राइफल्स और अन्य सुरक्षा एजेंसियां सीमावर्ती इलाकों में लगातार निगरानी और विशेष अभियान चला रही हैं, ताकि नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
पुलिस ने बताया कि जब्त की गई अफीम की बाजार में कीमत काफी अधिक हो सकती है। यदि यह खेप तस्करों तक पहुंच जाती, तो इससे न केवल अवैध कारोबार को बढ़ावा मिलता बल्कि युवाओं में नशे की लत फैलने का खतरा भी बढ़ जाता। समय पर की गई कार्रवाई से एक बड़े ड्रग्स नेटवर्क को झटका लगा है।
राज्य सरकार भी मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर काम कर रही है। हाल के महीनों में ड्रग्स तस्करी के कई मामलों का खुलासा हुआ है और बड़ी मात्रा में हेरोइन, अफीम तथा अन्य प्रतिबंधित मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं। साथ ही, इस कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस ने लोगों से भी अपील की है कि यदि उन्हें अपने आसपास किसी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या मादक पदार्थों की तस्करी की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। अधिकारियों का कहना है कि आम नागरिकों के सहयोग से ही नशे के खिलाफ इस अभियान को और प्रभावी बनाया जा सकता है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस तस्करी के पीछे कौन-सा गिरोह सक्रिय था। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि नशे के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और भविष्य में भी ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे।








