दीपावली का त्योहार नजदीक आते ही घरों में तैयारियां जोरों पर हैं, जहां साफ-सफाई के साथ-साथ नई वस्तुओं की खरीदारी के लिए सूचियां तैयार की जा रही हैं। लोग घरों को सजाने के लिए आकर्षक लाइटों और वंदनवारों का चयन कर रहे हैं, वहीं कई लोग धनतेरस के मौके पर सोना-चांदी, बर्तन और वाहन खरीदने की योजना बना रहे हैं। इस बीच दीपावली से ठीक पहले खरीदारी के लिए एक बेहद खास और शुभ मुहूर्त आ रहा है, क्योंकि 1 और 2 नवंबर को पुष्य नक्षत्र का अद्भुत संयोग बन रहा है। जमीन-मकान जैसी स्थायी संपत्ति खरीदने के लिए यह समय सर्वश्रेष्ठ माना गया है। इसके अलावा, ज्योतिष शास्त्र में पुष्य नक्षत्र के दौरान नए कार्यों की शुरुआत करने का भी विशेष महत्व बताया गया है, और यदि यह रवि पुष्य हो तो इसके परिणाम अत्यंत शुभ और सकारात्मक मिलते हैं।
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, पुष्य नक्षत्र में खरीदी गई कोई भी वस्तु लंबे समय तक टिकने वाली और बेहद शुभ फल देने वाली होती है, यही वजह है कि लोग इस शुभ मुहूर्त को ध्यान में रखकर अपनी खरीदारी की योजना बना रहे हैं। पुष्य नक्षत्र को ‘अमरेज्य’ भी कहा जाता है। हालांकि यह एक शनि प्रधान नक्षत्र है, लेकिन इसका स्वभाव देवगुरु बृहस्पति के समान माना गया है। इस विशेष नक्षत्र में सोने के आभूषण, वाहन, और घरेलू उपयोग की वस्तुएं जैसे फ्रिज, टीवी तथा वॉशिंग मशीन खरीदना बहुत मंगलकारी माना गया है। इस शुभ अवसर को भुनाने के लिए बाजार भी पूरी तरह तैयार हो चुके हैं, विशेषकर सराफा बाजार में रौनक दिखाई दे रही है और सोने-चांदी के भावों में नरमी के कारण खरीदार खासी दिलचस्पी दिखा रहे हैं।
कारोबारियों का मानना है कि इस बार हल्के आभूषणों की मांग सबसे ज्यादा है, जबकि इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार में भी पुष्य नक्षत्र को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। रविवार के दिन पड़ने के कारण यह ‘रवि पुष्य नक्षत्र’ या ‘रवि पुष्यामृत योग’ बन रहा है, जो खरीदारी के साथ-साथ किसी भी नए व्यापार या कार्य की शुरुआत के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है। आगामी दीपावली से ठीक पहले आ रहा यह नक्षत्र सोना, चांदी या जमीन-जायदाद खरीदने के साथ-साथ नए उपक्रम शुरू करने वाले जातकों के लिए विशेष सफलता के द्वार खोल सकता है।








