जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने पाकिस्तान को लेकर एक ऐसा विवादित बयान दिया है, जिससे राजनीतिक सरगर्मी काफी तेज हो गई है। बारामूला में आयोजित एक सम्मेलन के दौरान उन्होंने दावा किया कि आज कश्मीरी लोग केवल इसलिए सुरक्षित बचे हुए हैं क्योंकि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर लगातार कश्मीर का मुद्दा उठाता रहता है।
इस दौरान उन्होंने एक बार फिर अनुच्छेद 370 को दोबारा बहाल करने और जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा दिए जाने की अपनी पुरानी मांग को भी दोहराया। अपने संबोधन में उन्होंने जनता से आह्वान किया कि जब तक लोग खुद अपने पैरों पर खड़े नहीं होंगे, तब तक उन्हें समाज में उचित सम्मान नहीं मिल सकता, इसलिए सभी को एकजुट रहकर ईश्वर के दिखाए मार्ग पर चलने की आवश्यकता है।
राजनीतिक सफर की बात करते हुए उन्होंने कहा कि देश की राजनीति में कई दिग्गज नेता आए और चले गए, लेकिन जब तक आम जनता एकजुट नहीं होगी, वे अपने लोकतांत्रिक अधिकार हासिल नहीं कर पाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने देश के अन्य भाजपा शासित राज्यों में चल रही बुलडोजर कार्रवाई का पुरजोर विरोध किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि देश के विभिन्न हिस्सों में सुनियोजित तरीके से लोगों की बस्तियों को उजाड़ा जा रहा है, उनके घरों और दुकानों को तोड़ा जा रहा है और यह सब किसी से छिपा नहीं है। केंद्र सरकार और भाजपा पर जम्मू-कश्मीर की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान को कमजोर करने का गंभीर आरोप लगाते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी अनुच्छेद 370 की वापसी के लिए अपना संघर्ष आगे भी जारी रखेगी और अपने हक की आवाज उठाना देशद्रोह नहीं है।
सम्मेलन में आगे बोलते हुए उन्होंने आज की नई पीढ़ी के लगातार अपने गौरवशाली इतिहास से दूर होते जाने पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों को यहां के इतिहास से अवगत कराएं ताकि उन्हें यह पता चल सके कि कश्मीरी समाज वर्तमान स्थिति तक कैसे पहुंचा है। आज के दौर में बच्चों द्वारा मोबाइल फोन के अत्यधिक उपयोग पर बात करते हुए उन्होंने माता-पिता को उनकी गतिविधियों पर पैनी नजर रखने की सलाह दी।
इसके अलावा, उन्होंने जम्मु-कश्मीर में तेजी से बढ़ती राजनीतिक दलों की संख्या पर भी सवालिया निशान खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि कई जगहों पर नए राजनीतिक दल खड़े करने के पीछे काले धन की अहम भूमिका होती है और कुछ लोग अपने निजी फायदों के लिए वैचारिक समझौते कर लेते हैं।
फारूक अब्दुल्ला के इस बयान के सामने आने के तुरंत बाद भारतीय जनता पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। जम्मू-कश्मीर के भाजपा नेता युद्धवीर शेट्टी ने इस बयान को बेहद निंदनीय करार देते हुए आरोप लगाया कि पाकिस्तान को कश्मीरी अवाम का हितैषी बताना सीधे तौर पर देश विरोधी ताकतों को बढ़ावा देने जैसा है। भाजपा ने कड़े शब्दों में फारूक अब्दुल्ला से उनके इस बयान के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है और साथ ही उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई तथा देशद्रोह का मामला दर्ज किए जाने की भी बात कही है।








