अजमेर: एक बिजनेसमैन के घर करीब 3 करोड़ रुपये की डकैती का मामला सामने आया है। वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने ऐसी योजना बनाई कि वे खुद को इनकम टैक्स (IT) विभाग का अधिकारी बताकर कारोबारी के घर पहुंच गए। इस साजिश में कारोबारी का पूर्व कर्मचारी मुख्य आरोपी बताया जा रहा है, जिसने अपने साथियों के साथ मिलकर डकैती की योजना बनाई। पुलिस ने मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए वारदात के करीब तीन घंटे के भीतर छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
जानकारी के मुताबिक, आरोपियों को कारोबारी के घर और वहां मौजूद संपत्ति के बारे में पहले से जानकारी थी। इसी जानकारी का फायदा उठाकर पूर्व कर्मचारी ने अपने साथियों के साथ मिलकर वारदात की योजना बनाई। आरोपी कथित तौर पर IT अधिकारियों का रूप धारण कर कारोबारी के घर पहुंचे, जिससे उनकी पहचान और आने के उद्देश्य को लेकर संदेह कम हो सके। इसके बाद उन्होंने घर में डकैती की वारदात को अंजाम दिया। मामले में लूटी गई संपत्ति की कीमत करीब 3 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हो गई और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तेजी से जांच की। शुरुआती जांच और उपलब्ध सुरागों के आधार पर संदिग्धों की पहचान की गई। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी वारदात के लगभग तीन घंटे के भीतर हुई, जिससे मामले का खुलासा तेजी से हो सका।
जांच में पूर्व कर्मचारी की भूमिका अहम मानी जा रही है। कारोबारी के यहां पहले काम कर चुके होने के कारण उसे घर और कारोबारी से जुड़ी कुछ जानकारियां होने की आशंका है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि डकैती की योजना कब बनाई गई, इसमें कौन-कौन शामिल था और आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने के लिए किस तरह की तैयारी की थी।
पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू लूटी गई संपत्ति की बरामदगी भी है। इसके अलावा पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपियों ने खुद को IT अधिकारी बताने के लिए किन तरीकों का इस्तेमाल किया और क्या इस वारदात में किसी अन्य व्यक्ति ने भी उनकी मदद की थी।
इस घटना ने कारोबारी परिवारों की सुरक्षा और पहचान की पुष्टि किए बिना किसी को घर में प्रवेश देने के जोखिम को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। सरकारी अधिकारी बनकर आने वाले किसी भी व्यक्ति की पहचान की पुष्टि करना जरूरी है। हालांकि, इस मामले में डकैती से जुड़े सभी तथ्यों, लूटी गई संपत्ति की बरामदगी और आरोपियों की अलग-अलग भूमिका की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
फिलहाल पुलिस मामले की आगे की जांच में जुटी है। छह आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब यह पता लगाने पर जोर है कि वारदात की पूरी साजिश कैसे रची गई और करीब 3 करोड़ रुपये की संपत्ति कहां है।








