नई दिल्ली। एमएलसी चुनाव के नतीजों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कांग्रेस पर साधे गए निशाने का जवाब देते हुए कांग्रेस ने तीखा हमला बोला है। पार्टी ने प्रधानमंत्री को दूसरों को उपदेश देने के बजाय कमरतोड़ महंगाई और निजी निवेश में आ रही गिरावट जैसी गंभीर समस्याओं पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने कहा है कि वाराणसी, नागपुर, लखनऊ, प्रयागराज और पटना तक की जनता ने प्रधानमंत्री की नीतियों के खिलाफ स्पष्ट रूप से अविश्वास प्रस्ताव पारित कर दिया है।
जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर कहा कि प्रधानमंत्री को दूसरों पर टिप्पणी करने के बजाय आत्ममंथन करने की आवश्यकता है। उन्होंने सवाल उठाया कि कांग्रेस की सीटें गिनने से पहले प्रधानमंत्री को इस बात पर विचार करना चाहिए कि उनके अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी की दोनों सीटों पर भारतीय जनता पार्टी को हार का सामना क्यों करना पड़ा। इसके साथ ही उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि किस तरह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के गढ़ माने जाने वाले नागपुर में कांग्रेस ने भाजपा को शिकस्त दी है। उन्होंने आग्रह किया कि प्रधानमंत्री अहंकार छोड़कर देश के युवाओं की बेरोजगारी और आर्थिक समस्याओं पर ध्यान दें।
दूसरी ओर, चुनाव प्रक्रिया में ईवीएम और बैलेट पेपर के इस्तेमाल को लेकर जारी बहस के बीच कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने भी प्रधानमंत्री के बयानों पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि यदि प्रधानमंत्री को यह भरोसा है कि चुनावी नतीजों पर ईवीएम का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है, तो उन्हें बयानबाजी के बजाय व्यावहारिक कदम उठाकर इसे साबित करना चाहिए। खेड़ा ने मांग की कि आगामी सभी लोकसभा और विधानसभा चुनाव बैलेट पेपर से कराए जाने चाहिए और मतदाता सूचियों में सुधार कर चुनावी पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जब तक इन विषयों पर ठोस कदम नहीं उठाए जाते, तब तक ऐसे बयानों का कोई औचित्य नहीं रह जाता।








