दिल्ली के पितमपुरा इलाके में बुकी साहिल जैन उर्फ गूगल के घर पर फायरिंग की घटना सामने आने के बाद इलाके में हलचल मच गई। घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज में दो संदिग्ध शूटर दिखाई देने की बात सामने आई है। इस मामले ने राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था और आपराधिक गतिविधियों को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है और हमलावरों की पहचान करने के साथ-साथ फायरिंग के पीछे की वजह का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, हमलावर साहिल जैन के घर के बाहर पहुंचे और वहां गोलियां चलाईं। घटना के बाद पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की, ताकि आरोपियों की गतिविधियों और उनके आने-जाने के रास्ते के बारे में जानकारी मिल सके। फुटेज में नजर आ रहे दोनों संदिग्धों की पहचान और उनकी भूमिका की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
CCTV फुटेज में दिखे दो संदिग्ध शूटर
इस घटना में सीसीटीवी फुटेज अहम साक्ष्य माना जा रहा है। फुटेज के आधार पर पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर सकती है कि संदिग्ध किस दिशा से आए थे, वारदात के दौरान उनकी गतिविधियां क्या थीं और घटना के बाद वे किस ओर गए। जांच एजेंसियां आसपास के अन्य कैमरों की रिकॉर्डिंग भी देख सकती हैं, जिससे आरोपियों के बारे में अतिरिक्त सुराग मिल सकें।
फायरिंग के मामले में आरोपियों की पहचान, इस्तेमाल किए गए हथियार और घटना में किसी वाहन के इस्तेमाल जैसे पहलुओं की जांच महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल, उपलब्ध जानकारी के आधार पर दोनों संदिग्धों को आरोपी ठहराना उचित नहीं होगा। उनकी भूमिका जांच और उपलब्ध सबूतों के आधार पर ही स्पष्ट होगी।
कौन है साहिल जैन उर्फ गूगल?
साहिल जैन को मीडिया रिपोर्टों में दिल्ली का बुकी बताया गया है और वह ‘गूगल’ नाम से भी जाना जाता है। हालांकि, उसके कारोबारी और आपराधिक संबंधों से जुड़े दावों को आधिकारिक पुलिस जानकारी और दस्तावेजों के आधार पर ही देखा जाना चाहिए। किसी व्यक्ति को बुकी बताए जाने या उसका नाम किसी मामले में सामने आने भर से उसके खिलाफ किसी अपराध में संलिप्तता साबित नहीं होती।
फायरिंग की घटना के पीछे व्यक्तिगत रंजिश, धमकी या किसी अन्य कारण की आशंका की जांच की जा सकती है, लेकिन ठोस सबूत सामने आने से पहले किसी वजह को निश्चित नहीं माना जा सकता।
दीवार और पार्किंग में खड़ी कार को बनाया निशाना
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, बाइक सवार दोनों हमलावरों ने साहिल जैन के घर के बाहर पहुंचकर फायरिंग की। इस दौरान घर की दीवार और पार्किंग में खड़ी कार पर गोलियां लगीं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, कुल छह राउंड फायर किए गए। राहत की बात यह रही कि घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। फायरिंग के बाद दोनों हमलावर बाइक से मौके से फरार हो गए।
घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाल रही है, ताकि संदिग्धों की पहचान की जा सके और उनके भागने के रास्ते का पता लगाया जा सके।
रंगदारी के एंगल से जांच कर रही पुलिस
पुलिस इस घटना को संभावित रंगदारी से जोड़कर भी जांच कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि फायरिंग के पीछे किसी तरह की धमकी या पैसे की मांग का मामला तो नहीं है। हालांकि, घटना का वास्तविक मकसद अभी स्पष्ट नहीं हुआ है।
जांच में यह पहलू भी शामिल है कि वारदात के पीछे लॉरेंस बिश्नोई गैंग का हाथ है या किसी दूसरे आपराधिक गिरोह ने घटना को अंजाम दिया है। फिलहाल किसी गैंग की भूमिका की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
2021 में भी मिली थी कथित धमकी
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, साहिल जैन उर्फ गूगल को वर्ष 2021 में लॉरेंस बिश्नोई की ओर से कथित तौर पर धमकी मिली थी। उस समय एक कथित ऑडियो भी सामने आया था, जिसमें धमकी दिए जाने का दावा किया गया था। इसी पुराने घटनाक्रम को मौजूदा फायरिंग की जांच के संदर्भ में देखा जा रहा है।
हालांकि, पुरानी कथित धमकी और हालिया फायरिंग के बीच सीधा संबंध अभी स्थापित नहीं हुआ है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि दोनों घटनाओं के बीच कोई कड़ी है या नहीं।
आरोपियों की पहचान में जुटी पुलिस
फिलहाल पुलिस का मुख्य ध्यान सीसीटीवी फुटेज के जरिए दोनों संदिग्धों की पहचान करने और फायरिंग के पीछे के मकसद का पता लगाने पर है। जांच में रंगदारी, धमकी और किसी गिरोह की संभावित भूमिका समेत विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखा जा रहा है।
दिल्ली के पितमपुरा में हुई इस घटना ने एक बार फिर राजधानी में सुरक्षा और जबरन वसूली से जुड़े मामलों को लेकर चिंता बढ़ा दी है। हालांकि, मामले में आगे की तस्वीर पुलिस जांच पूरी होने और आरोपियों की पहचान होने के बाद ही साफ हो सकेगी।








