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November 4, 2026 4:18 pm

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पीएम मोदी ने की सीएम चंद्रबाबू नायडू से बात, चक्रवात अर्नब और मुरासु से हुए नुकसान की ली जानकारी

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू से फोन पर बातचीत की और राज्य में चक्रवात अर्नब तथा मुरासु के कारण पैदा हुई परिस्थितियों और नुकसान का जायजा लिया। एक सप्ताह के भीतर राज्य में दो चक्रवातों के दस्तक देने से कई इलाके प्रभावित हुए हैं। प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री से प्रभावित क्षेत्रों की मौजूदा स्थिति, जान-माल के नुकसान और राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी प्राप्त की।

मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने प्रधानमंत्री को दोनों चक्रवातों के प्रभाव और राज्य के विभिन्न हिस्सों में हुए नुकसान के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि भारी बारिश और तेज हवाओं के चलते किसानों को बड़े पैमाने पर नुकसान उठाना पड़ा है। इसके अलावा सड़कों, बिजली आपूर्ति और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से राज्य को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का आग्रह किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने चक्रवात प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों को लेकर राज्य सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने लगातार सतर्कता बरतने और प्राकृतिक आपदा से उत्पन्न चुनौतियों का सामना करने के लिए मुख्यमंत्री नायडू के प्रयासों की प्रशंसा की। साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों और मौजूदा परिस्थितियों के बारे में जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने केंद्र से मांगी वित्तीय सहायता

इससे पहले मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर लगातार आए चक्रवातों से प्रभावित राज्य के लिए तत्काल सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था। पत्र में उन्होंने बताया कि राज्य के कई जिलों में फसलों, संपत्तियों और सार्वजनिक बुनियादी सुविधाओं को भारी नुकसान पहुंचा है। प्राकृतिक आपदा के चलते आम लोगों को भी कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की ओर से चलाए जा रहे राहत और बचाव अभियानों का विवरण देते हुए केंद्र से आवश्यक वित्तीय सहायता शीघ्र जारी करने की मांग की।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी मंगलवार को मुख्यमंत्री नायडू से फोन पर बातचीत की थी। इस दौरान उन्होंने चक्रवात मुरासु के प्रभाव, उससे हुए नुकसान और प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे राहत कार्यों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने उन्हें राज्य की ताजा स्थिति से अवगत कराया और लगातार दो चक्रवातों के कारण पैदा हुई चुनौतियों के बारे में विस्तार से बताया।

अर्नब के बाद मुरासु ने बढ़ाई राज्य की मुश्किलें

मुख्यमंत्री नायडू ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ एक ही दिन में दो बार बातचीत के दौरान बताया कि आंध्र प्रदेश चक्रवात अर्नब से हुए नुकसान से पूरी तरह उबर भी नहीं पाया था कि चक्रवात मुरासु ने एक बार फिर राज्य की मुश्किलें बढ़ा दीं। लगातार प्राकृतिक आपदाओं के कारण राहत और पुनर्वास कार्यों पर अतिरिक्त दबाव पड़ा है। कई जिलों में कृषि क्षेत्र को भारी नुकसान पहुंचा है, जबकि सार्वजनिक संपत्तियों और बुनियादी सुविधाओं पर भी इसका असर पड़ा है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, चक्रवात मुरासु के कारण राज्य के आठ सरकारी विभागों को शुरुआती अनुमान के मुताबिक कुल 343.95 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इसमें सबसे अधिक क्षति कृषि क्षेत्र में दर्ज की गई है। कुल अनुमानित नुकसान का लगभग 94 प्रतिशत हिस्सा कृषि से संबंधित है। राज्य सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का आकलन करने और राहत पहुंचाने की प्रक्रिया तेज कर दी है।

सात जिलों के 465 गांवों में फसलें बर्बाद

चक्रवात मुरासु के प्रभाव से राज्य के सात जिलों के 465 गांवों में करीब 50,473 हेक्टेयर क्षेत्र में खड़ी फसलें क्षतिग्रस्त हुई हैं। इस प्राकृतिक आपदा से लगभग 69,828 किसान प्रभावित हुए हैं। प्रभावित कृषि भूमि में करीब 45,900 हेक्टेयर क्षेत्र में धान की फसल लगी हुई थी। शुरुआती आकलन के अनुसार, कृषि क्षेत्र को अकेले लगभग 324.22 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि बापटला, कृष्णा और गुंटूर जिलों में फसलों के साथ-साथ बागवानी उपज को भी काफी नुकसान पहुंचा है। इन क्षेत्रों में किसानों की आजीविका पर चक्रवात का व्यापक प्रभाव पड़ा है। राज्य सरकार प्रभावित किसानों और अन्य नुकसान झेलने वाले लोगों को राहत उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम उठा रही है।

राहत और बचाव के लिए एसडीआरएफ-एनडीआरएफ की टीमें तैनात

चक्रवात के संभावित प्रभाव को देखते हुए आंध्र प्रदेश सरकार ने पहले से ही आपदा प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्थाओं को सक्रिय कर दिया था। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, रियल-टाइम गवर्नेंस सोसाइटी और आपातकालीन संचालन केंद्रों को हाई अलर्ट पर रखा गया था, ताकि मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा सके और जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।

प्रभावित इलाकों में राहत एवं पुनर्वास कार्यों के लिए राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की 11 टीमें और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की 13 टीमें तैयार रखी गई थीं। इन टीमों को आपात परिस्थितियों में लोगों की मदद करने, प्रभावित क्षेत्रों में राहत पहुंचाने और आवश्यक बचाव अभियान चलाने के लिए लगाया गया।

इसके अलावा, चक्रवात प्रभावित जिलों में 480 स्कूलों को अस्थायी राहत केंद्रों में परिवर्तित किया गया है। इन केंद्रों के माध्यम से प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और उन्हें जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई। अब तक करीब 12,230 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जा चुका है।

लगातार दो चक्रवातों के प्रभाव से जूझ रहे आंध्र प्रदेश में फिलहाल राहत, बचाव और नुकसान के आकलन का काम जारी है। राज्य सरकार ने केंद्र से वित्तीय सहायता की मांग की है, जबकि प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री ने मुख्यमंत्री से बातचीत कर प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति की जानकारी ली है। अब राज्य के सामने किसानों को हुए नुकसान की भरपाई करने, क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे को बहाल करने और प्रभावित परिवारों को राहत उपलब्ध कराने की चुनौती है।

Rajesh Bhagtani
Author: Rajesh Bhagtani

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