हैदराबाद। तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में कारों के टायर और रिम चोरी करने के आरोप में पुलिस ने एक MBA छात्र को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से पुलिस ने कुल 15 पहिए बरामद किए हैं, जिनमें महिंद्रा थार के 12 पहिए शामिल हैं। जांच में सामने आया है कि आरोपी विशेष रूप से महिंद्रा थार को निशाना बनाता था और मौका देखकर उसके पहिए चोरी कर लेता था। पुलिस ने शनिवार को कार्रवाई करते हुए आरोपी शोबान अली खान को गिरफ्तार किया।
इस मामले की जांच 20 अक्टूबर को दर्ज कराई गई एक शिकायत के बाद शुरू हुई थी। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया था कि हैदराबाद के रेथीबोवली इलाके में स्थित गैलेक्सी एन्क्लेव अपार्टमेंट के बाहर खड़ी एक महिंद्रा थार का पिछला स्टेपनी टायर चोरी हो गया है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की।
सीसीटीवी फुटेज की जांच के दौरान पुलिस को एक युवक स्कूटर से घटनास्थल पर आता दिखाई दिया। युवक की पहचान शोबान अली खान के रूप में हुई। फुटेज में वह महिंद्रा थार के पिछले हिस्से में लगे स्टेपनी टायर को खोलकर चोरी करता नजर आया। इसके बाद पुलिस ने उसकी पहचान के आधार पर तलाश शुरू की और शनिवार को उसे गिरफ्तार कर लिया।
सीसीटीवी में कैद हुई टायर चोरी की पूरी वारदात
पुलिस की जांच में सामने आए सीसीटीवी फुटेज में चोरी की पूरी घटना क्रमवार दिखाई दी। आरोपी सबसे पहले अपने स्कूटर से घटनास्थल पर पहुंचा और अपने साथ लाए औजारों की मदद से महिंद्रा थार का स्टेपनी टायर खोलने लगा। इस दौरान वह लगातार आसपास की गतिविधियों पर भी नजर रख रहा था। उसने टायर में लगे सभी बोल्ट खोलने शुरू कर दिए, लेकिन इसी बीच सड़क से एक दूसरा स्कूटर गुजरता दिखाई दिया। उसे देखकर आरोपी ने तत्काल टायर खोलने का काम रोक दिया और सामान्य दिखने की कोशिश करने लगा।
कुछ समय बाद जब सड़क पर आवाजाही कम हुई तो वह दोबारा कार के पास पहुंचा। हालांकि, आसपास किसी व्यक्ति की मौजूदगी का आभास होने पर वह फिर अपने स्कूटर की तरफ लौट गया। इसके बाद उसने करीब एक मिनट तक सड़क पर लोगों की आवाजाही पर नजर रखी और अनुकूल मौका मिलने का इंतजार किया। जब उसे लगा कि आसपास कोई देखने वाला नहीं है, तो वह दोबारा महिंद्रा थार के पास पहुंचा।
इस बार आरोपी ने तेजी से स्टेपनी टायर निकाला और उसे अपने स्कूटर पर रख लिया। इसके बाद वह बिना देर किए मौके से फरार हो गया। सीसीटीवी फुटेज में उसकी पूरी गतिविधि रिकॉर्ड हो गई, जिसके आधार पर पुलिस को मामले की जांच आगे बढ़ाने में मदद मिली।
पंचर की दुकानों से औजार लेकर करता था चोरी
पुलिस की पूछताछ में आरोपी के चोरी करने के तरीके से जुड़ी एक और जानकारी सामने आई है। बताया गया है कि शोबान टायर और रिम निकालने के लिए जरूरी औजार अपने पास रखने के बजाय पंचर की दुकानों से लेता था। वह किसी पंचर की दुकान पर पहुंचकर दुकानदार से टायर खोलने और पंचर बनाने में इस्तेमाल होने वाले औजार मांगता था। इसके बदले वह दुकानदार के पास 200 से 300 रुपये तक की रकम सिक्योरिटी के तौर पर जमा कर देता था।
कार से स्टेपनी टायर और रिम निकालने के बाद वह औजार वापस दुकानदार को लौटा देता था और अपनी जमा की हुई रकम भी वापस ले लेता था। इस तरीके से वह बिना अपने पास औजार रखे चोरी की वारदात को अंजाम देता था। पुलिस के अनुसार, आरोपी स्पैनर की मदद से आसानी से कारों के स्टेपनी टायर निकाल लेता था।
जांच में यह भी पता चला है कि आरोपी के पिता व्हील अलाइनमेंट की दुकान पर काम करते हैं। इसी वजह से शोबान को गाड़ियों के पहियों और उनसे जुड़ी तकनीकी जानकारी पहले से थी। माना जा रहा है कि इसी जानकारी का इस्तेमाल वह कारों के पहिए और रिम चोरी करने में करता था।
10 पुलिस थानों में दर्ज 11 चोरी के मामलों में शामिल होने की बात कबूली
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान शोबान अली खान ने अलग-अलग इलाकों में चोरी की कई वारदातों में शामिल होने की बात स्वीकार की है। उसने 10 पुलिस थानों में दर्ज चोरी के 11 मामलों में अपनी संलिप्तता कबूल की है। पुलिस ने उसके कब्जे से महिंद्रा थार के अलावा अन्य वाहनों के पहिए भी बरामद किए हैं।
बरामद किए गए कुल 15 पहियों में फोर्ड एंडेवर के दो पहिए और फोर्ड इकोस्पोर्ट का एक पहिया भी शामिल है। इसके अलावा पुलिस को महिंद्रा थार के 12 पहिए मिले हैं। पुलिस इन सभी पहियों के चोरी से जुड़े मामलों की जानकारी जुटा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि आरोपी ने किन-किन स्थानों से वाहनों के पहिए चोरी किए थे।
फिलहाल पुलिस आरोपी को रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है। उससे पूछताछ के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि उसने टायर और रिम चोरी करने की वारदातें कब से शुरू की थीं और क्या वह उन अन्य मामलों में भी शामिल है, जिनकी शिकायत अलग-अलग थानों में दर्ज कराई गई है। इसके साथ ही पुलिस चोरी किए गए पहियों की बिक्री से जुड़े नेटवर्क की भी जांच करेगी। जांच का एक प्रमुख पहलू यह पता लगाना है कि आरोपी चोरी किए गए टायर और रिम किन लोगों को बेचता था और अब तक इस तरह की वारदातों से कितनी संपत्ति जुटा चुका है। पुलिस को उम्मीद है कि आगे की पूछताछ में चोरी की अन्य घटनाओं और उनसे जुड़े लोगों के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।








