सोना और चांदी खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए बड़ी खबर है। अक्टूबर का महीना कीमती धातुओं के लिए भारी गिरावट वाला साबित हुआ है। चांदी की कीमतों में करीब 40 हजार रुपये प्रति किलो की कमी आई है, जबकि सोने के भाव में भी हजारों रुपये की गिरावट दर्ज की गई है। कभी रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने वाली सोने-चांदी की कीमतें अब तेजी से नीचे आ रही हैं।
त्योहारों और शादी के सीजन से पहले आई इस गिरावट ने सर्राफा बाजार में हलचल बढ़ा दी है। खासतौर पर चांदी की कीमतों में आई बड़ी कमी ने सबका ध्यान खींचा है। आइए जानते हैं अक्टूबर में सोना-चांदी कितना सस्ता हुआ और अब 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव क्या है।
चांदी एक महीने में करीब ₹40,000 सस्ती
अक्टूबर में चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के मुताबिक, 1 अक्टूबर 2026 को चांदी का भाव 2,20,829 रुपये प्रति किलो था। महीने के आखिरी कारोबारी दिन यानी 30 अक्टूबर को यह घटकर 1,81,344 रुपये प्रति किलो रह गया।
इस तरह सिर्फ एक महीने में चांदी करीब 39,485 रुपये प्रति किलो सस्ती हो गई। यानी चांदी की कीमत में लगभग 40 हजार रुपये की गिरावट दर्ज की गई है। शुक्रवार को भी चांदी के वायदा भाव में बड़ी गिरावट देखने को मिली और MCX पर दिसंबर डिलीवरी वाली चांदी 1.80 लाख रुपये प्रति किलो के स्तर से नीचे पहुंच गई।
सोने की कीमतों में भी आई बड़ी गिरावट
चांदी के साथ-साथ सोने की कीमतों में भी अक्टूबर के दौरान कमजोरी देखने को मिली है। IBJA के मुताबिक, 1 अक्टूबर को 24 कैरेट सोने का भाव 1,48,138 रुपये प्रति 10 ग्राम था। 30 अक्टूबर को यह घटकर 1,40,054 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया।
इस तरह अक्टूबर के दौरान 24 कैरेट सोना करीब 8,084 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हुआ है। वहीं, MCX पर सोने के वायदा भाव में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई। शुक्रवार को सोना 4,347 रुपये प्रति 10 ग्राम तक टूटकर 1,38,249 रुपये के निचले स्तर पर पहुंच गया।
रिकॉर्ड ऊंचाई से कितना नीचे आया सोना-चांदी?
अगर सोने और चांदी की कीमतों की तुलना उनके रिकॉर्ड स्तर से करें तो गिरावट और भी बड़ी नजर आती है।
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चांदी: जनवरी 2026 में 4,20,048 रुपये प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची थी। अब इसकी कीमत में 50 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है।
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सोना: जनवरी में 1,80,779 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा था। अब यह अपने रिकॉर्ड भाव से करीब 42,321 रुपये नीचे आ चुका है।
इससे साफ है कि इस साल रिकॉर्ड तेजी के बाद सोने और चांदी दोनों में बड़ा करेक्शन देखने को मिला है।
आखिर क्यों टूट रहे हैं सोने-चांदी के भाव?
सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट के पीछे कई अंतरराष्ट्रीय कारण बताए जा रहे हैं। बढ़ती कच्चे तेल की कीमतों और महंगाई की चिंताओं ने अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता बढ़ाई है।
ब्याज दरें ऊंची रहने या उनमें बढ़ोतरी की आशंका से सोने और चांदी जैसी कीमती धातुओं की मांग प्रभावित होती है। इसके अलावा, डॉलर की मजबूती और वैश्विक बाजार में निवेशकों की बिकवाली का दबाव भी कीमतों में गिरावट की वजह बना है।
चांदी पर इसका असर ज्यादा देखने को मिला है, क्योंकि इसका इस्तेमाल निवेश के अलावा सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और कई औद्योगिक क्षेत्रों में भी होता है। औद्योगिक मांग में बदलाव से चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है।
नवंबर में फिर बढ़ सकते हैं सोने-चांदी के भाव?
नवंबर का महीना सोने-चांदी के बाजार के लिए महत्वपूर्ण रहने वाला है। भारत में धनतेरस और दिवाली के अलावा शादी का सीजन भी शुरू होने वाला है। ऐसे में कीमती धातुओं की मांग बढ़ सकती है।
धनतेरस 6 नवंबर 2026 को है। इस दिन बड़ी संख्या में लोग सोने-चांदी के सिक्के, गहने और अन्य वस्तुओं की खरीदारी करते हैं। त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने से कीमतों को सहारा मिल सकता है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार की परिस्थितियां और ब्याज दरों से जुड़े फैसले आगे भी कीमतों को प्रभावित कर सकते हैं।
कुल मिलाकर, अक्टूबर में सोने और चांदी दोनों की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। चांदी करीब 40 हजार रुपये प्रति किलो सस्ती हुई, जबकि 24 कैरेट सोना भी करीब 8 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम टूट गया। हालांकि, कीमतों में आगे तेजी आएगी या गिरावट जारी रहेगी, यह अंतरराष्ट्रीय बाजार की चाल पर निर्भर करेगा।
नोट: सोने-चांदी के ऊपर दिए गए भाव IBJA के 30 अक्टूबर 2026 के संदर्भ भाव हैं। अलग-अलग शहरों में स्थानीय टैक्स, जीएसटी और अन्य शुल्कों के कारण खरीदारी की कीमत अलग हो सकती है।








