मध्य प्रदेश के नीमच में एक फर्नीचर गोदाम में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। आग इतनी तेज थी कि कुछ ही देर में गोदाम में रखा बड़ी मात्रा में फर्नीचर इसकी चपेट में आ गया। सोफा, पलंग, गद्दे समेत अन्य सामान जलकर खाक हो गया, जबकि गोदाम के शेड को भी आग से नुकसान पहुंचा है। शुरुआती अनुमान के मुताबिक, हादसे में करीब 6 करोड़ रुपये के नुकसान की बात सामने आई है।
आग लगते ही मचा हड़कंप
फर्नीचर गोदाम में आग लगने की जानकारी मिलते ही आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। देखते ही देखते आग की लपटें तेज होती गईं और गोदाम से धुएं का गुबार उठने लगा। आसपास मौजूद लोगों ने इसकी सूचना दमकल विभाग को दी।
गोदाम में बड़ी मात्रा में फर्नीचर, गद्दे और अन्य सामान रखा होने के कारण आग तेजी से फैलती चली गई। आग की भयावहता को देखते हुए प्रशासन और दमकल विभाग को तत्काल कार्रवाई करनी पड़ी।
7 दमकल गाड़ियों ने संभाला मोर्चा
आग पर काबू पाने के लिए मौके पर 7 फायर ब्रिगेड को लगाया गया। दमकलकर्मियों ने कई दिशाओं से पानी की बौछार कर आग को नियंत्रित करने का प्रयास किया। आग के लगातार फैलने के कारण दमकल टीम के सामने इसे पूरी तरह बुझाना बड़ी चुनौती रही।
काफी मशक्कत के बाद आग को काबू में करने की कोशिश की गई। दमकल विभाग की प्राथमिकता आग को गोदाम से आसपास के इलाकों तक फैलने से रोकना रही।
सोफा, पलंग और गद्दे हुए खाक
आग से गोदाम में रखा फर्नीचर बुरी तरह प्रभावित हुआ। सोफा, पलंग, गद्दे और अन्य फर्नीचर आग की चपेट में आ गए। इसके अलावा गोदाम का शेड भी जल गया। आग बुझने के बाद बड़ी मात्रा में जला हुआ सामान और मलबा दिखाई दिया।
फर्नीचर और गद्दों जैसे सामान के कारण आग को तेजी से फैलने में मदद मिली। इसी वजह से शुरुआती दौर में आग पर नियंत्रण पाना मुश्किल रहा।
6 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान
हादसे में कारोबारी को भारी आर्थिक नुकसान होने की बात सामने आई है। शुरुआती आकलन के अनुसार, करीब 6 करोड़ रुपये का सामान जलकर नष्ट होने का अनुमान है। हालांकि नुकसान की वास्तविक रकम का पता विस्तृत सर्वे और सामान के आकलन के बाद ही चल सकेगा।
गोदाम में रखा फर्नीचर बड़ी मात्रा में था, इसलिए आग ने कुछ ही समय में काफी सामान को अपनी चपेट में ले लिया। घटना के बाद कारोबारी और कर्मचारियों के सामने बड़ा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
आग लगने की वजह की जांच जारी
फिलहाल आग लगने के कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। आग शॉर्ट सर्किट या किसी अन्य वजह से लगी, इसकी जांच की जा रही है। संबंधित विभाग मौके का निरीक्षण कर आग लगने के संभावित कारणों का पता लगाने में जुटा है।
साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि गोदाम में आग से बचाव के लिए किस तरह के सुरक्षा इंतजाम मौजूद थे। जांच पूरी होने के बाद ही आग की वजह और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की स्पष्ट जानकारी सामने आएगी।
बड़े गोदामों में फायर सेफ्टी पर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर बड़े गोदामों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में फायर सेफ्टी व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। फर्नीचर, गद्दे और अन्य ज्वलनशील सामान रखने वाले स्थानों पर आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम होना बेहद जरूरी है।
फिलहाल दमकल विभाग और प्रशासन की टीम घटना से जुड़े तथ्यों को जुटा रही है। सात दमकल गाड़ियों की मदद से आग पर काबू पाने की कार्रवाई की गई। वहीं, करीब 6 करोड़ रुपये के नुकसान के अनुमान ने इस हादसे की गंभीरता को और बढ़ा दिया है। जांच पूरी होने के बाद आग लगने के कारण और कुल नुकसान की वास्तविक तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।








