पहलगाम हमले की बरसी पर देश ने शहीदों को याद करते हुए आतंकवाद के खिलाफ अपने संकल्प को दोहराया। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत आतंकवाद के आगे कभी नहीं झुकेगा और इस लड़ाई को पूरी मजबूती के साथ जारी रखा जाएगा।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि पहलगाम की घटना देश के लिए गहरा घाव है, जिसे भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनका बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा और दोषियों को उनके कृत्यों की सजा जरूर मिलेगी। उन्होंने यह भी जोर दिया कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति “जीरो टॉलरेंस” की है और इसमें किसी तरह की ढील नहीं दी जाएगी।
इस अवसर पर देशभर में कई कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां लोगों ने मोमबत्तियां जलाकर और दो मिनट का मौन रखकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। सुरक्षा एजेंसियों ने भी इस दिन को देखते हुए सतर्कता बढ़ा दी थी, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचा जा सके।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि भारत न केवल अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि इस खतरे के खिलाफ सभी देश एकजुट होकर काम करें।
विशेषज्ञों का मानना है that ऐसे बयानों से एक मजबूत राजनीतिक संदेश जाता है कि देश आतंकवाद के मुद्दे पर किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगा। साथ ही, यह सुरक्षा बलों का मनोबल बढ़ाने और आम नागरिकों में विश्वास कायम रखने का भी काम करता है।
फिलहाल, पहलगाम हमले की बरसी पर दिया गया यह संदेश देश के संकल्प और एकजुटता को दर्शाता है। सरकार ने साफ कर दिया है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी और देश की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।







