वॉशिंगटन: भारत की संभावित लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-6 को लेकर एक पाकिस्तानी पत्रकार ने अमेरिकी रक्षा मंत्री Pete Hegseth से सवाल पूछकर अमेरिका की चिंता बढ़ाने की कोशिश की। हालांकि, हेगसेथ ने अपने जवाब में ऐसा कोई संकेत नहीं दिया जिससे भारत के मिसाइल कार्यक्रम को लेकर अमेरिकी असहजता दिखाई दे। उनके संतुलित और कूटनीतिक जवाब ने पत्रकार की कोशिशों पर पानी फेर दिया।
प्रेस वार्ता के दौरान पत्रकार ने भारत के उन्नत मिसाइल कार्यक्रम और अग्नि-6 की संभावित क्षमताओं का हवाला देते हुए पूछा कि क्या अमेरिका इस विकास को क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए चुनौती के रूप में देखता है। सवाल का जवाब देते हुए हेगसेथ ने कहा कि अमेरिका अपने सहयोगियों और साझेदार देशों के साथ सुरक्षा एवं स्थिरता बनाए रखने के लिए काम करता है और किसी विशेष देश पर टिप्पणी करने से बचा।
हेगसेथ के जवाब से साफ संकेत मिला कि अमेरिका भारत के रक्षा आधुनिकीकरण को लेकर सार्वजनिक रूप से कोई नकारात्मक रुख अपनाने के मूड में नहीं है। उनके जवाब के बाद पत्रकार आगे कोई प्रभावी प्रतिवाद नहीं कर सकी, जिसके चलते यह बातचीत सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई।
भारत की अग्नि श्रृंखला की मिसाइलें देश की रणनीतिक प्रतिरोधक क्षमता का अहम हिस्सा मानी जाती हैं। हालांकि, भारत ने अभी तक अग्नि-6 को आधिकारिक रूप से सेवा में शामिल किए जाने की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि भारत का मिसाइल कार्यक्रम मुख्य रूप से अपनी सुरक्षा जरूरतों और रणनीतिक संतुलन को ध्यान में रखकर विकसित किया जाता है।
इस घटनाक्रम के बाद सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने दावा किया कि पाकिस्तानी पत्रकार भारत के मिसाइल कार्यक्रम को लेकर अमेरिकी चिंता पैदा करना चाहती थीं, लेकिन हेगसेथ के संयमित जवाब ने उस कोशिश को सफल नहीं होने दिया। हालांकि, इस तरह के दावों को राजनीतिक और कूटनीतिक संदर्भ में देखा जाना चाहिए।








