बांसवाड़ा जिले के टामटिया गांव में रविवार रात हुए बवाल के बाद आज भी तनाव है। ग्रामीण सोमवार सुबह से ही मोटा गांव थाने में पहुंचने लगे।
एक दर्दनाक हत्या की घटना ने पूरे इलाके को हिंसा की आग में झोंक दिया। बहन के प्रेम संबंध को लेकर हुए विवाद में एक युवक की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी गई, जिसके बाद गांव में हालात बेकाबू हो गए। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि भीड़ ने पथराव और आगजनी शुरू कर दी, और 30 से ज्यादा घरों को आग के हवाले कर दिया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना के बाद मृतक के पक्ष के लोग गुस्से में सड़कों पर उतर आए। पहले आरोपियों के घरों को निशाना बनाया गया, लेकिन जल्द ही हिंसा फैलकर पूरे इलाके में फैल गई। भीड़ ने कई घरों में तोड़फोड़ की और फिर उनमें आग लगा दी। हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस की मौजूदगी के बावजूद उपद्रवियों को काबू करना मुश्किल हो गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस मौके पर मौजूद थी, लेकिन भीड़ की संख्या और आक्रोश इतना ज्यादा था कि शुरुआत में हालात संभालना चुनौतीपूर्ण हो गया। कई जगहों पर पथराव भी हुआ, जिससे पुलिसकर्मियों और ग्रामीणों को चोटें आईं। बाद में अतिरिक्त बल बुलाकर स्थिति को धीरे-धीरे नियंत्रित किया गया।
प्रशासन ने एहतियात के तौर पर गांव में बाहरी लोगों की एंट्री पर रोक लगा दी है और पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। रातभर पुलिस और सुरक्षा बलों ने गश्त की, ताकि किसी भी नई हिंसा को रोका जा सके। अधिकारियों के मुताबिक, स्थिति अब नियंत्रण में है, लेकिन तनाव अभी भी बना हुआ है।
इस घटना में कई परिवार बेघर हो गए हैं, जिनके घर जलकर खाक हो चुके हैं। प्रशासन ने पीड़ितों के लिए राहत और पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही है। साथ ही, हिंसा में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आश्वासन भी दिया गया है।
पुलिस ने हत्या के मुख्य आरोपी को पकड़ने के लिए छापेमारी शुरू कर दी है और मामले की जांच तेज कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि व्यक्तिगत विवाद किस तरह सामूहिक हिंसा का रूप ले लेते हैं और कानून-व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बन जाते हैं। फिलहाल प्रशासन की कोशिश है कि गांव में शांति बहाल की जाए और लोगों के बीच विश्वास दोबारा कायम किया जाए।







