Explore

Search

June 2, 2026 10:51 pm

केरल में मानसून की आहट, यूपी-बिहार में गर्मी का कहर; राजस्थान में धूलभरी आंधी के बाद ओलावृष्टि

WhatsApp
Facebook
Twitter
Email

 देशभर में मौसम के अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। एक ओर दक्षिण भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून की गतिविधियां तेज होने से केरल में बारिश का दौर शुरू हो गया है और मानसून के आगमन की उम्मीदें बढ़ गई हैं, वहीं दूसरी ओर उत्तर भारत के कई हिस्से भीषण गर्मी और लू की चपेट में हैं। इस बीच राजस्थान में मौसम ने अचानक करवट लेते हुए धूलभरी आंधी, तेज बारिश और कई इलाकों में ओलावृष्टि दर्ज की गई, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिली।

केरल में मानसून की दस्तक का इंतजार

मौसम विभाग के अनुसार अरब सागर और आसपास के क्षेत्रों में अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं। केरल के तटीय इलाकों में बादलों की सक्रियता बढ़ी है और कई स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश रिकॉर्ड की गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून की प्रगति सामान्य बनी हुई है और अगले कुछ दिनों में केरल में इसके पूरी तरह सक्रिय होने की संभावना है।

मानसून के आगमन के साथ ही किसानों, बागान मालिकों और आम लोगों की उम्मीदें बढ़ गई हैं। केरल में मानसून केवल मौसम परिवर्तन नहीं बल्कि कृषि, जल संसाधनों और स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

यूपी-बिहार में झुलसा रही गर्मी

दूसरी ओर उत्तर प्रदेश और बिहार के अधिकांश हिस्सों में गर्मी का प्रकोप जारी है। कई जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर दर्ज किया गया है। दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिमी और मध्य भारत से आने वाली गर्म एवं शुष्क हवाओं के कारण तापमान में वृद्धि हो रही है। कई शहरों में लोग सुबह से ही उमस और गर्मी महसूस कर रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर के समय घरों से बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और धूप से सुरक्षा बरतने की सलाह दी है।

गर्मी के चलते बिजली की मांग में भी तेजी से बढ़ोतरी देखी जा रही है। कई शहरों में एयर कंडीशनर और कूलर के बढ़ते उपयोग के कारण बिजली खपत रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच रही है।

राजस्थान में बदला मौसम का मिजाज

राजस्थान में पिछले कुछ दिनों से जारी भीषण गर्मी के बीच अचानक मौसम ने करवट ली। कई जिलों में धूलभरी आंधी चलने के बाद तेज बारिश हुई और कुछ क्षेत्रों में ओले भी गिरे। मौसम के इस बदलाव से तापमान में गिरावट दर्ज की गई और लोगों को राहत मिली।

जयपुर, बीकानेर, चूरू, सीकर, झुंझुनूं और आसपास के इलाकों में तेज हवाओं के साथ मौसम में बदलाव देखा गया। कई स्थानों पर पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की भी खबरें सामने आईं। किसानों के लिए यह मौसम मिश्रित प्रभाव लेकर आया है। जहां बारिश से कुछ फसलों को फायदा हो सकता है, वहीं ओलावृष्टि से बागवानी और तैयार फसलों को नुकसान की आशंका भी बनी हुई है।

अगले कुछ दिनों का मौसम

मौसम विभाग का अनुमान है कि दक्षिण भारत में बारिश की गतिविधियां और बढ़ सकती हैं। केरल, कर्नाटक और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में अच्छी वर्षा की संभावना है। वहीं उत्तर प्रदेश, बिहार और आसपास के मैदानी क्षेत्रों में अभी कुछ दिनों तक गर्मी का असर बना रह सकता है, हालांकि कहीं-कहीं हल्की बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें राहत दे सकती हैं।

राजस्थान में भी अगले कुछ दिनों तक आंधी और हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना जताई गई है। इससे तापमान में और गिरावट आ सकती है।

किसानों और आम लोगों की नजर मानसून पर

देश की कृषि अर्थव्यवस्था काफी हद तक मानसून पर निर्भर करती है। ऐसे में केरल में मानसून की दस्तक को पूरे देश के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत माना जाता है। यदि मानसून सामान्य गति से आगे बढ़ता है तो खरीफ फसलों की बुवाई को फायदा मिलेगा और जलाशयों में पानी का स्तर भी बेहतर हो सकेगा।

फिलहाल देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम के अलग-अलग रूप देखने को मिल रहे हैं—दक्षिण में बारिश की तैयारी, उत्तर भारत में गर्मी का प्रकोप और पश्चिम भारत में आंधी-बारिश का असर। आने वाले दिनों में मानसून की प्रगति पर पूरे देश की नजरें टिकी रहेंगी।

Rashmi Repoter
Author: Rashmi Repoter

ताजा खबरों के लिए एक क्लिक पर ज्वाइन करे व्हाट्सएप ग्रुप

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement
लाइव क्रिकेट स्कोर