भारतीय सिने इतिहास के सबसे बड़े सितारों में शुमार अमिताभ बच्चन आज अपना 84वाँ जन्म दिन मना रहे हैं। पिछले पचास सालों से अपने अभिनय से दर्शकों को दीवाना बनाने वाले अभिनेता वर्तमान में केबीसी के 18वें सीजन को होस्ट कर रहे हैं। उनके जन्म दिन के मौके पर पीटीआई से बातचीत करते हुए जब वी मेट, रॉकस्टार, तमाशा और लव आज कल, मैं वापस आऊँगा और लैला मजनूं देने वाले फिल्ममेकर इम्तियाज अली ने कहा अमिताभ बच्चन जैसा दूसरा कोई नहीं हो सकता। वे खुद को खुशकिस्मत मानते हैं कि वे उस दौर में पैदा हुए जिसकी पहचान इस मशहूर एक्टर से है और उन्हें उम्मीद है कि वे कभी न कभी उनके साथ किसी फिल्म में काम करेंगे।
अली ने कहा, अमिताभ बच्चन जैसा कोई नहीं है और न कभी होगा। मैं खुद को ऐसे व्यक्ति के तौर पर देखूंगा जो भारत में अमिताभ बच्चन के दौर में पैदा हुआ। 55 साल के फिल्ममेकर ने कहा कि शुरू में उन्हें लगा था कि उन्हें इस दिग्गज एक्टर के साथ काम करने का मौका कभी नहीं मिलेगा, क्योंकि उनका कद बहुत ऊंचा है, लेकिन एक एड फिल्म में उन्हें डायरेक्ट करने के बाद उनकी सोच बदल गई।
उन्होंने कहा, जब मैं फिल्म इंडस्ट्री में आया, तो मुझे लगा कि मैं अमिताभ बच्चन के साथ कभी काम नहीं कर पाऊंगा क्योंकि वह… मुझे नहीं पता कि मैं उनसे क्या कहूंगा। लेकिन मुझे उनके साथ एक एड फिल्म करने का सौभाग्य मिला। और तब मुझे एहसास हुआ कि, नहीं, नहीं। मैं इस सज्जन के साथ काम कर सकता हूं, और किसी भी डायरेक्टर की तरह मैं भी ऐसा करना चाहूंगा। उम्मीद है, कभी न कभी मैं उनके साथ काम करूंगा।
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गौरतलब है कि इम्तियाज अली की इस वर्ष प्रदर्शित हुई फिल्म मैं वापस आऊंगा ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन किया है, उनकी बेटी इडा की हाल ही में सगाई हुई है, और उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में 25 साल पूरे कर लिए हैं।
अपनी जिन्दगी के इस दौर पर बात करते हुए अली ने कहा कि दर्शकों से मिले प्यार और सराहना ने उन्हें उनके प्रति अपनी जिम्मेदारी के बारे में और ज़्यादा जागरूक बना दिया है। मैं दर्शकों को कुछ वापस देना चाहता हूँ। इसलिए अब, जब भी मैं कोई फिल्म बनाता हूँ, तो हमेशा इस बात का ध्यान रखता हूँ। मुझे लगता है कि मैं यहाँ सिर्फ़ दर्शकों और इंडस्ट्री के लोगों की मेहरबानी से हूँ, और मैं उनके लिए अपना बेस्ट करना चाहता हूँ।
जब उनसे पूछा गया कि क्या दर्शकों की उम्मीदों पर खरा उतरने की चाहत से कोई दबाव बन सकता है, तो अली ने कहा कि फिल्म बनाना एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि एक सौभाग्य है।
उन्होंने कहा, मैं अपने काम को कभी भी दबाव की तरह नहीं देखूँगा क्योंकि इसके बिना मैं रह भी नहीं सकता। मुझे लगता है कि इस दुनिया में किसी का फिल्म बना पाना एक बहुत बड़ी बात है, और मुझे यह सौभाग्य मिला है। और हर दिन, मुझे यकीन ही नहीं होता कि मैं एक फिल्म निर्देशक हूँ और मुझ पर कोई दबाव नहीं है। इसमें तो बस और ज़्यादा मजा करने की गुंजाइश है।








