भारतीय सिनेमा को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने वाले इंटरनेशनल इंडियन फिल्म एकेडमी अवॉर्ड्स (IIFA) ने पिछले 27 वर्षों में लंबा सफर तय किया है। साल 2000 में लंदन से शुरू हुआ यह अवॉर्ड शो आज भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में शामिल है। अब IIFA अपने अगले बड़े विस्तार की तैयारी कर रहा है। इसके सह-संस्थापक आंद्रे टिमिन्स ने एक बातचीत में IIFA की शुरुआत, बॉलीवुड के बड़े सितारों के साथ अपने अनुभवों और भविष्य की योजनाओं से जुड़े कई दिलचस्प किस्से साझा किए हैं।
IIFA का पहला आयोजन साल 2000 में लंदन के मिलेनियम डोम में हुआ था। इसका मुख्य उद्देश्य भारतीय सिनेमा को देश की सीमाओं से बाहर अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाना और विदेशों में रहने वाले भारतीय समुदाय को अपनी फिल्मों और संस्कृति से जोड़ना था। शुरुआती दौर में यह अंदाजा लगाना मुश्किल था कि यह आयोजन आने वाले वर्षों में इतना बड़ा मंच बन जाएगा।
आंद्रे टिमिन्स के मुताबिक, शुरुआत में टीम का लक्ष्य भारतीय फिल्मों को वैश्विक दर्शकों तक पहुंचाना था। पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमिताभ बच्चन और उस समय की मिस वर्ल्ड युक्ता मुखी की मौजूदगी ने आयोजन को खास पहचान दिलाई। इसके बाद IIFA ने धीरे-धीरे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी जगह बनाई।
अमिताभ बच्चन का योगदान आज भी यादगार
IIFA के शुरुआती सफर में अमिताभ बच्चन की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही। आंद्रे टिमिन्स ने उनके साथ काम करने के अनुभवों को याद करते हुए बताया कि भारतीय सिनेमा को वैश्विक मंच पर सम्मान दिलाने का उनका दृष्टिकोण काफी व्यापक था। साल 2000 के पहले आयोजन में अमिताभ बच्चन ने उद्घाटन भाषण दिया था, जो IIFA के इतिहास के यादगार पलों में शामिल है।
टिमिन्स के लिए IIFA का महत्व केवल पुरस्कार समारोह तक सीमित नहीं रहा। उनके मुताबिक, यह भारतीय सिनेमा, कलाकारों और संस्कृति को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का एक माध्यम है। इसी सोच के साथ आयोजन में समय के साथ कई नए प्रयोग किए गए।
सलमान खान और शाहरुख खान से जुड़े किस्से
IIFA के लंबे सफर में सलमान खान और शाहरुख खान जैसे सितारों की मौजूदगी ने भी इसे खास बनाया है। इन कलाकारों की लोकप्रियता ने भारतीय सिनेमा को अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। आंद्रे टिमिन्स ने अलग-अलग मौकों पर इन सितारों के साथ काम करने के अनुभव साझा किए हैं।
सलमान खान को लेकर टिमिन्स ने उनके मंच पर नए प्रयोग करने के उत्साह का जिक्र किया है। वहीं, शाहरुख खान का नाम IIFA के अंतरराष्ट्रीय विस्तार की चर्चा में भी सामने आया है। भविष्य की योजनाओं में भारतीय और हॉलीवुड कलाकारों को एक मंच पर लाने की कल्पना शामिल है। हालांकि, किसी खास संयुक्त प्रस्तुति या होस्टिंग की योजना को अंतिम घोषणा नहीं माना जाना चाहिए।
2028 में अंतरराष्ट्रीय विस्तार की तैयारी
IIFA के भविष्य को लेकर सबसे दिलचस्प बात इसके 2028 के प्रस्तावित आयोजन से जुड़ी है। आंद्रे टिमिन्स ने अंतरराष्ट्रीय विस्तार की योजनाओं पर बात करते हुए बताया कि टीम उत्तरी अमेरिका में एक नए आयोजन की संभावनाओं पर काम कर रही है। एक रिपोर्ट में लॉस वेगास में IIFA Worldwide शुरू करने की योजना का उल्लेख है, जबकि दूसरी रिपोर्ट में 2028 में लंदन के वेम्बली में वापसी की संभावना पर चर्चा की गई है।
इन रिपोर्टों के मुताबिक, उद्देश्य भारतीय सिनेमा और हॉलीवुड को एक साझा मंच पर लाना है, ताकि दोनों फिल्म उद्योगों के कलाकारों और रचनात्मक प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिल सके। हालांकि, आयोजन का अंतिम शहर, तारीख और प्रारूप आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा।
सिर्फ अवॉर्ड शो नहीं, भारतीय सिनेमा का वैश्विक मंच
समय के साथ IIFA ने अपने आयोजन का दायरा बढ़ाया है। पुरस्कार समारोह के अलावा इसमें फिल्म प्रीमियर, कलाकारों की प्रस्तुतियां, फिल्म उद्योग से जुड़े संवाद और अन्य कार्यक्रम भी शामिल किए जाते रहे हैं। इस विस्तार ने इसे केवल सितारों की मौजूदगी वाले समारोह से आगे बढ़ाकर भारतीय मनोरंजन उद्योग के अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधित्व का मंच बनाया है।
आंद्रे टिमिन्स और उनकी टीम के सामने अब चुनौती इस पहचान को और व्यापक बनाने की है। यदि 2028 की प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय योजना आगे बढ़ती है, तो भारतीय फिल्मों और हॉलीवुड के बीच सहयोग के नए अवसर बन सकते हैं।
लंदन से शुरू हुआ सफर अब नए मुकाम की ओर
साल 2000 में लंदन से शुरू हुआ IIFA आज भारतीय सिनेमा की वैश्विक पहुंच की कहानी का अहम हिस्सा बन चुका है। अमिताभ बच्चन से लेकर सलमान खान और शाहरुख खान तक, कई बड़े सितारे इस सफर से जुड़े रहे हैं। अब आंद्रे टिमिन्स की भविष्य की योजनाओं ने एक बार फिर इस आयोजन को चर्चा में ला दिया है।
फिलहाल, 2028 के आयोजन को लेकर सामने आई जानकारियों को प्रस्तावित योजनाओं के तौर पर देखना उचित होगा। आधिकारिक घोषणा के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि IIFA अगला अंतरराष्ट्रीय कदम किस शहर में और किस स्वरूप में उठाएगा।








