अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती अनिश्चितता और सुरक्षित निवेश की मांग के बीच सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर जोरदार उछाल देखने को मिला है। सोमवार को भारतीय सर्राफा बाजार में सोने की कीमत 1.50 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर को पार कर गई, जबकि चांदी ने भी नया रिकॉर्ड बनाते हुए ढाई लाख रुपये प्रति किलोग्राम से ऊपर कारोबार किया। कीमती धातुओं में आई इस तेजी ने निवेशकों को जहां फायदा पहुंचाया है, वहीं शादी-ब्याह और आभूषण खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों की चिंता बढ़ा दी है।
सोने ने फिर छुआ नया शिखर
बाजार के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 24 कैरेट सोने की कीमत में लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में तेजी दर्ज की गई। वैश्विक बाजार में सोने की मांग बढ़ने और डॉलर में उतार-चढ़ाव के चलते घरेलू बाजार में भी कीमतों को समर्थन मिला। विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय तनाव, केंद्रीय बैंकों की खरीदारी और निवेशकों की सुरक्षित संपत्तियों की ओर बढ़ती रुचि सोने को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रही है।
22 कैरेट और 24 कैरेट दोनों श्रेणियों में सोने के दाम में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इससे ज्वेलरी बाजार में ग्राहकों की खरीदारी प्रभावित होने की संभावना जताई जा रही है।
चांदी ने भी दिखाई दमदार चमक
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी जबरदस्त तेजी देखने को मिली। औद्योगिक मांग और निवेशकों की बढ़ती रुचि के कारण चांदी के भाव नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं। बाजार जानकारों के मुताबिक, इलेक्ट्रिक वाहन, सोलर ऊर्जा और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग में बढ़ती मांग चांदी की कीमतों को लगातार समर्थन दे रही है।
चांदी की कीमत ढाई लाख रुपये प्रति किलोग्राम से ऊपर पहुंचने के बाद निवेशकों के बीच इसकी चर्चा और बढ़ गई है। कई विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक परिस्थितियां इसी तरह बनी रहीं तो चांदी में आगे भी तेजी देखने को मिल सकती है।
क्यों बढ़ रहे हैं सोने-चांदी के दाम?
विशेषज्ञों के अनुसार, सोने और चांदी की कीमतों में उछाल के पीछे कई प्रमुख कारण हैं:
- वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता
- भू-राजनीतिक तनाव
- केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की खरीद
- डॉलर में कमजोरी और मुद्रास्फीति की चिंता
- सुरक्षित निवेश विकल्पों की बढ़ती मांग
- औद्योगिक क्षेत्रों में चांदी की खपत में वृद्धि
इन सभी कारकों ने मिलकर कीमती धातुओं की कीमतों को रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
निवेशकों के लिए सुनहरा मौका?
बाजार विश्लेषकों का कहना है कि जिन निवेशकों ने पिछले कुछ वर्षों में सोने और चांदी में निवेश किया था, उन्हें अब अच्छा रिटर्न मिल रहा है। हालांकि मौजूदा ऊंचे स्तरों पर नई खरीदारी करने वालों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए सोना अभी भी एक मजबूत विकल्प बना हुआ है, लेकिन अल्पकालिक निवेशकों को बाजार में संभावित उतार-चढ़ाव का ध्यान रखना चाहिए।
ज्वेलरी कारोबार पर असर
कीमतों में लगातार वृद्धि का असर ज्वेलरी कारोबार पर भी दिखाई देने लगा है। कई शहरों में ग्राहक खरीदारी को टाल रहे हैं या कम वजन के आभूषणों की ओर रुख कर रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि यदि कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं तो खुदरा मांग पर और दबाव पड़ सकता है।
आगे क्या?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय आर्थिक आंकड़े, केंद्रीय बैंकों की नीतियां और वैश्विक राजनीतिक घटनाक्रम सोने-चांदी की दिशा तय करेंगे। यदि वैश्विक अनिश्चितता बनी रहती है, तो दोनों धातुओं में तेजी का सिलसिला जारी रह सकता है।
फिलहाल, सोना 1.50 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के पार और चांदी ढाई लाख रुपये प्रति किलोग्राम से ऊपर पहुंचकर निवेशकों और बाजार दोनों के लिए चर्चा का प्रमुख विषय बनी हुई है।








