कोलकाता। पश्चिम बंगाल के पूर्व पर्यटन मंत्री इंद्रनील सेन को प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा लंबी पूछताछ के बाद बुधवार को कोलकाता पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। यह पूरी जांच कोलकाता में आयोजित होने वाले दुर्गा पूजा ‘प्रीव्यू शो’ से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं के इर्द-गिर्द घूम रही है।
इस मामले का केंद्र बिंदु ‘मास आर्ट’ (मास आर्ट सोसाइटी) नामक संस्था है, जो इंद्रनील सेन की पत्नी मधुछंदा सेन से जुड़ी हुई है और जिसने कोलकाता के चुनिंदा पूजा पंडालों में प्रीव्यू शो का आयोजन किया था। जांच एजेंसी का आरोप है कि आयोजकों ने इन शो के लिए ₹1,749 से लेकर ₹5,499 तक की कीमत के टिकट बेचे थे और वर्ष 2023 व 2024 के दौरान एक लाख से अधिक टिकट जारी किए गए थे।
प्रवर्तन निदेशालय के अनुसार, टिकटों की बिक्री से प्राप्त राशि में से बड़ी रकम नकद निकासी के जरिए या फिर विविध खर्चों (miscellaneous expenses) के नाम पर हेरफेर कर खुर्द-बुर्द की गई। एजेंसी ने यह भी दावा किया है कि मंत्री के कार्यकाल के दौरान उनके और उनकी व्यक्तिगत स्वामित्व वाली कंपनी ‘ऑक्टेव रिकॉर्ड्स’ के बैंक खातों में 3.8 करोड़ से अधिक की नकद राशि जमा की गई थी।
इसके अलावा, ईडी ने अपनी जांच में पाया कि ऑक्टेव रिकॉर्ड्स के खातों से बैंकिंग चैनलों के माध्यम से पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को लगभग ₹30 लाख की राशि हस्तांतरित की गई थी। हालांकि, सेन ने इस भुगतान को “रॉयल्टी” बताया है, और एजेंसी ने भी फिलहाल इस विशिष्ट लेनदेन में किसी आपराधिक गतिविधि का स्पष्ट आरोप नहीं लगाया है।
यह मामला धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत दर्ज कर जांचा जा रहा है। गिरफ्तारी से पहले ईडी की टीम ने इंद्रनील सेन से करीब 10 घंटे तक गहन पूछताछ की और उनके तथा उनके करीबियों से जुड़े कोलकाता स्थित 15 परिसरों पर छापेमारी की कार्रवाई को अंजाम दिया था।








