कोलकाता । पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को लोगों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एकजुट होकर खड़े रहने की अपील की है। उन्होंने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी), ‘दिमागी नक्सल’ और ‘टुकड़े-टुकड़े’ गैंग पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि देश में इस तरह की विघटनकारी ताकतों और सामाजिक बुराइयों को पनपने नहीं दिया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि राज्य की पूर्ववर्ती सरकार में राष्ट्रवाद की समझ का अभाव था और उसने तुष्टिकरण की राजनीति करते हुए पश्चिम बंगाल को ‘ग्रेटर बांग्लादेश’ बनाने का प्रयास किया था।
पश्चिम बंगाल में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री अधिकारी ने कहा कि पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार ने राज्य की संस्कृति और विरासत को मिटाने की कोशिश की। उन्होंने दावा किया कि इसी मानसिकता के तहत राज्य के लिए अलग गीत रचा गया, अलग झंडा तैयार किया गया और बांग्लादेश का ‘जॉय बांग्ला’ नारा अपनाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि 34 वर्षों का कम्युनिस्टों का शासन और 15 वर्षों का टीएमसी का कार्यकाल लोगों की सांस्कृतिक जड़ों को कमजोर करने में लगा रहा।
रामनगर में एक अन्य कार्यक्रम का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों में राष्ट्रवाद की भावना को मजबूत करने के लिए वाक्पटुता, प्रश्नोत्तरी और वाद-विवाद प्रतियोगिताओं का नियमित आयोजन होना चाहिए। उन्होंने सामाजिक बुराइयों की तुलना कॉकरोच और खटमल से करते हुए कहा कि जब ये महामारी की तरह फैलने का प्रयास करते हैं, तभी कठोर कदम उठाने की आवश्यकता पड़ती है।
अधिकारी ने यह भी आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती टीएमसी सरकार ने शैक्षणिक संस्थानों में नेशनल कैडेट कोर (एनसीसी) के दाखिले रोकने का प्रयास किया और उसकी जगह ‘जय हिंद वाहिनी’ की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि एनसीसी से जुड़ने से युवाओं को सशस्त्र बलों में ‘अग्निवीर’ के रूप में चुने जाने में मदद मिलती। इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि सिंगुर से टाटा मोटर्स को बाहर करने वालों का महिमामंडन स्कूली इतिहास की किताबों में किया गया था। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आगामी शैक्षणिक सत्र से पाठ्यक्रम में बदलाव दिखाई देंगे और राज्य में राष्ट्रीय शिक्षा नीति को पूरी तरह से लागू किया जाएगा।








