न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज में अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की वापसी उम्मीदों के मुताबिक नहीं रही है। चार साल बाद भारतीय टी20 टीम में लौटे भुवनेश्वर शुरुआती दो मुकाबलों में महंगे साबित हुए। उन्होंने इन मैचों में कुल 99 रन दिए और उनके खाते में केवल एक विकेट आया। खराब प्रदर्शन के बावजूद भारतीय टीम के गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने उनका समर्थन किया है। मोर्कल का मानना है कि भुवनेश्वर को बाहरी अपेक्षाओं और दबाव की परवाह किए बिना अपनी स्वाभाविक गेंदबाजी पर ध्यान देना चाहिए।
न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले दो टी20 मुकाबलों में भुवनेश्वर ने क्रमशः 49 और 50 रन खर्च किए। इस दौरान उनकी इकॉनमी दर 12.37 रन प्रति ओवर रही, जो भारतीय गेंदबाजों के बीच सबसे खराब प्रदर्शन था। लंबे अंतराल के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के इस प्रारूप में वापसी करने के कारण उनसे काफी उम्मीदें लगाई जा रही थीं, लेकिन शुरुआती मैचों में वह उन अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतर सके। अब तीसरे टी20 मुकाबले से पहले गेंदबाजी कोच ने उनके प्रदर्शन और वापसी से जुड़ी चुनौतियों पर अपनी राय रखी है।
मोर्ने मोर्कल ने भुवनेश्वर का बचाव करते हुए कहा कि चार साल बाद अंतरराष्ट्रीय टी20 क्रिकेट में लौटने वाले खिलाड़ी पर उम्मीदों का दबाव होना स्वाभाविक है। उन्होंने भुवनेश्वर के प्रति सहानुभूति जताते हुए उनके आईपीएल प्रदर्शन की सराहना भी की। मोर्कल के मुताबिक, भुवनेश्वर ने आईपीएल में असाधारण गेंदबाजी की है और उनके पास अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने का पर्याप्त अनुभव मौजूद है। ऐसे में शुरुआती नाकामी के आधार पर उनकी क्षमताओं का आकलन करना उचित नहीं होगा।
भारतीय गेंदबाजी कोच ने कहा कि भुवनेश्वर के सामने सबसे बड़ी चुनौती बाहरी अपेक्षाओं के दबाव से खुद को मुक्त रखना है। उन्हें अभ्यास के लिए भी बहुत अधिक समय नहीं मिल पाया है। मोर्कल का मानना है कि अनुभवी तेज गेंदबाज को अपनी लय हासिल करने और टीम में दोबारा स्थापित होने के लिए कुछ मैचों का अवसर दिया जाना चाहिए। उन्होंने सलाह दी कि भुवनेश्वर बाहरी चर्चाओं पर ध्यान देने के बजाय अपनी खूबियों के अनुरूप गेंदबाजी करें और अपने स्वाभाविक खेल पर भरोसा रखें।
इस बीच भारतीय टीम प्रबंधन लंबे दौरे के व्यस्त कार्यक्रम को देखते हुए गेंदबाजी इकाई की तैयारी पर भी काम कर रहा है। इस दौरे पर पांच टी20 अंतरराष्ट्रीय, पांच एकदिवसीय और दो टेस्ट मुकाबले खेले जाने हैं। लगातार मैचों के कारण गेंदबाजों पर काम का दबाव बढ़ सकता है। ऐसे में टीम प्रबंधन वैकल्पिक गेंदबाजों का एक ऐसा समूह तैयार करना चाहता है, जो जरूरत पड़ने पर मुख्य गेंदबाजी इकाई की जिम्मेदारी संभाल सके।
तीसरे टी20 मुकाबले से पहले मीडिया से बातचीत में मोर्कल ने बताया कि टीम प्रबंधन गेंदबाजों के बैकअप विकल्प तैयार करने की दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे मुकाबले नजदीक आएंगे और साल के इस समय की परिस्थितियों को बेहतर तरीके से समझने का मौका मिलेगा, वैसे-वैसे गेंदबाजी इकाई की संरचना को लेकर तस्वीर अधिक स्पष्ट होती जाएगी। टीम का उद्देश्य लंबे दौरे के दौरान गेंदबाजों के कार्यभार को व्यवस्थित रखना और जरूरत के मुताबिक सही विकल्पों का इस्तेमाल करना है।
भुवनेश्वर कुमार के लिए न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी मुकाबले अपनी लय वापस पाने का अवसर होंगे। शुरुआती दो मैचों में महंगे साबित होने के बाद उन पर प्रदर्शन में सुधार करने का दबाव जरूर रहेगा, लेकिन मोर्ने मोर्कल ने साफ संकेत दिया है कि टीम प्रबंधन उनके अनुभव और कौशल पर भरोसा बनाए रखना चाहता है। अब देखना होगा कि अनुभवी तेज गेंदबाज कोच की सलाह पर अमल करते हुए अगले मुकाबलों में किस तरह वापसी करते हैं।








