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September 10, 2026 10:13 am

चीन ने दी बाढ़ पर बड़ी जानकारी: तिब्बत में 49 भारतीय लापता, 261 विदेशी अब भी गुम

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नेपाल और तिब्बत के बीच हिमालयी क्षेत्र में आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड के बाद तबाही का दायरा लगातार सामने आ रहा है। चीन ने अब तिब्बत की ओर से लापता विदेशी नागरिकों को लेकर बड़ा अपडेट जारी किया है। चीनी अधिकारियों के मुताबिक, तिब्बत के ग्यिरोंग इलाके में आई बाढ़ और मलबे की चपेट में आने के बाद 23 देशों के 261 विदेशी नागरिक अब भी लापता हैं। इनमें 49 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं।

23 देशों के नागरिक लापता

चीनी अधिकारियों ने बताया कि लापता 261 विदेशी नागरिक अलग-अलग देशों से हैं। इनमें नेपाल के 104 नागरिक सबसे ज्यादा हैं। इसके बाद भारत के 49, लातविया के 33, अमेरिका के 18 और ब्रिटेन के 15 नागरिक शामिल हैं। अधिकारियों ने कहा कि संबंधित देशों के दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों को भी इस संबंध में जानकारी दी गई है।

ग्यिरोंग पोर्ट पर बाढ़ ने मचाई तबाही

यह आपदा चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र के ग्यिरोंग काउंटी में नेपाल सीमा के पास हुई। 26 अगस्त को आई अचानक बाढ़ और मलबे ने सीमा क्षेत्र में भारी नुकसान पहुंचाया। सड़कें और दूसरी जरूरी सुविधाएं प्रभावित हुईं, जिससे राहत और बचाव दलों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई। चीन के मुताबिक, तिब्बत के ग्यिरोंग काउंटी में अब तक 16 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 546 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।

भारतीय नागरिकों की तलाश जारी

49 भारतीयों के लापता होने की जानकारी सामने आने के बाद उनकी तलाश और स्थिति की पुष्टि को लेकर चिंता बढ़ गई है। नेपाल और चीन के प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव अभियान जारी है। कई जगहों पर भारी मलबा और खराब रास्तों के कारण बचाव दलों को पहुंचने में मुश्किल हो रही है।

इस बीच, भारत के कई नागरिकों को सुरक्षित निकाले जाने की भी जानकारी सामने आई है। रिपोर्टों के मुताबिक, कुछ भारतीय नागरिक सुरक्षित रास्तों से बाहर निकले हैं और सरकार संबंधित एजेंसियों के साथ लगातार संपर्क में है।

नेपाल में भी हालात बेहद गंभीर

इस प्राकृतिक आपदा का सबसे बड़ा असर नेपाल में देखने को मिला है। नेपाल में मृतकों और लापता लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अधिकारियों के ताजा आंकड़ों के अनुसार, नेपाल में 734 लोगों की मौत हुई है, जबकि 2,498 लोग अब भी लापता हैं। नेपाल और तिब्बत को मिलाकर आपदा में मृतकों की संख्या 750 के आसपास पहुंच गई है और 3,000 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं।

रेस्क्यू ऑपरेशन के सामने बड़ी चुनौती

पहाड़ी इलाकों में लगातार बदलते मौसम, बढ़ते नदी के जलस्तर और मलबे के कारण राहत-बचाव अभियान मुश्किल बना हुआ है। कई प्रभावित क्षेत्रों में सड़क और पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण सामान्य आवाजाही बाधित है। बचाव एजेंसियां लापता लोगों की तलाश के साथ-साथ प्रभावित लोगों तक जरूरी राहत सामग्री पहुंचाने में जुटी हैं।

नेपाल और चीन की सीमा से लगे हिमालयी क्षेत्र में हुई इस आपदा ने एक बार फिर पर्वतीय इलाकों में अचानक आने वाली बाढ़ और ग्लेशियर से जुड़ी घटनाओं के खतरे को सामने ला दिया है। फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता लापता लोगों का पता लगाना और प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना है।

Rashmi Repoter
Author: Rashmi Repoter

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