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November 2, 2026 3:12 pm

अर्नब साइक्लोन ने किसानों की तोड़ी कमर, खेतों में बिछी धान की फसल; मेहनत और लागत पर फिरा पानी

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अर्नब साइक्लोन ने आंध्र प्रदेश और ओडिशा के कई इलाकों में किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया है। तेज हवाओं और लगातार बारिश के कारण खेतों में खड़ी धान की फसल गिर गई, जबकि कई जगह खेतों में पानी भरने से फसल डूब गई। जिन किसानों को कुछ ही दिनों में अपनी मेहनत का नतीजा मिलने वाला था, उनकी उम्मीदों पर तूफान ने पानी फेर दिया। धान के साथ केले, नारियल, सब्जियों और अन्य बागवानी फसलों को भी नुकसान पहुंचा है।

आंध्र प्रदेश में लाखों हेक्टेयर फसल प्रभावित

प्रारंभिक आकलन के मुताबिक, आंध्र प्रदेश के 14 जिलों में करीब 2.24 लाख हेक्टेयर कृषि क्षेत्र की फसल प्रभावित हुई है। इनमें धान की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है। पश्चिम गोदावरी, डॉ. बीआर अंबेडकर कोनसीमा, काकीनाडा, पूर्वी गोदावरी और कृष्णा जिले सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में शामिल हैं।

कई इलाकों में धान की फसल पकने और कटाई के करीब थी। ऐसे समय में तेज हवाओं ने फसल को खेतों में गिरा दिया। वहीं, लगातार पानी भरे रहने से धान की गुणवत्ता और पैदावार पर भी असर पड़ने की आशंका है।

ओडिशा के कोरापुट में 3 हजार एकड़ से ज्यादा फसल को नुकसान

ओडिशा के कोरापुट जिले में भी अर्नब साइक्लोन के कारण धान और सब्जियों की फसल प्रभावित हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक, जिले में 3 हजार एकड़ से अधिक कृषि भूमि पर फसलों को नुकसान पहुंचा है। पोट्टांगी, सेमिलीगुड़ा, नंदापुर, नारायणपटना और बंधुगांव ब्लॉक में भारी बारिश के कारण खेतों में पानी भर गया। कई जगह सब्जियों की फसलें पीली पड़ने लगी हैं और सड़ने का खतरा बढ़ गया है।

किसानों के सामने लागत निकालने का संकट

किसानों के लिए सबसे बड़ी चिंता यह है कि फसल तैयार होने के करीब थी और उन्होंने बीज, खाद, कीटनाशक, सिंचाई और मजदूरी पर पहले ही काफी पैसा खर्च कर दिया था। अब खेतों में गिरी फसल और जलभराव के कारण पैदावार कम होने की आशंका है। कई किसानों को डर है कि उनकी पूरी मेहनत पर पानी फिर सकता है।

धान के अलावा केले के पौधों को तेज हवाओं से नुकसान पहुंचा है। नारियल के पेड़ और अन्य बागवानी फसलें भी प्रभावित हुई हैं। जिन किसानों की आजीविका इन फसलों पर निर्भर है, उनके सामने आने वाले महीनों में आर्थिक चुनौतियां बढ़ सकती हैं।

ओडिशा सरकार ने घोषित किया राहत पैकेज

तूफान से प्रभावित लोगों को राहत देने के लिए ओडिशा सरकार ने विशेष सहायता पैकेज की घोषणा की है। इसके तहत प्रभावित परिवारों को 50 किलो चावल और 2,500 रुपये की तत्काल सहायता देने का ऐलान किया गया है। वहीं, जिन किसानों की फसल का 33 प्रतिशत या उससे अधिक नुकसान हुआ है, उन्हें जमीन की श्रेणी के अनुसार प्रति हेक्टेयर 8,500 से 22,500 रुपये तक की सहायता दी जाएगी।

सरकार ने फसल नुकसान का आकलन करने के लिए अधिकारियों को प्रभावित इलाकों में सर्वे करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा केंद्र की टीम भी ओडिशा के प्रभावित जिलों का दौरा कर नुकसान का जायजा लेने वाली है।

नुकसान के आकलन के बाद मिलेगी राहत

अर्नब साइक्लोन के बाद अब प्रशासन की प्राथमिकता खेतों में हुए नुकसान का सही आकलन करना और प्रभावित किसानों तक सहायता पहुंचाना है। आंध्र प्रदेश में भी कृषि विभाग के अधिकारी प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कर रहे हैं, ताकि फसल बीमा और सरकारी सहायता की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके।

तूफान ने एक बार फिर दिखा दिया है कि प्राकृतिक आपदाओं का सबसे बड़ा असर खेती और किसानों की आजीविका पर पड़ता है। जिन खेतों में कुछ दिन पहले तक अच्छी फसल की उम्मीद थी, वहां अब पानी और गिरी हुई फसल नजर आ रही है। किसानों को उम्मीद है कि सरकार नुकसान का जल्द आकलन कर उचित मुआवजा देगी, ताकि वे अगली फसल की तैयारी कर सकें।

Rashmi Repoter
Author: Rashmi Repoter

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