जयपुर, 10 अप्रैल। प्रदेश सरकार द्वारा खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत व्यापक सुधार करते हुए वास्तविक पात्र लाभार्थियों को योजना से जोड़ने हेतु निरन्तर कार्य किया जा रहा है। एनएफएसए के तहत उपलब्ध स्थानों में दिव्यागों, पुत्रवधू, परिवार के नए बच्चों सहित पात्र लाभार्थियों को प्राथमिकता से जोड़ते हुए करीब 13 लाख पात्र वंचितों को वर्ष 2024 में खाद्य सुरक्षा से लाभान्वित किया गया। एनएफएसए में उपलब्ध रिक्तियों के भर जाने के उपरांत ओर अधिक वंचित पात्रों को निशुल्क राशन देने हेतु खाद्य सुरक्षा सूची में स्थान बनाने के लिए माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा शुरू किए गए गिव इट अप अभियान से प्रेरणा लेकर एक नवंबर 2024 को गिव अभियान शुरू किया गया। इसके तहत खाद्य सुरक्षा सूची में शामिल संपन्न परिवारों से पात्रों के हक में स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा त्यागने हेतु व्यापक अपील की गई। इसमें लगभग 55.40 लाख अपात्रों द्वारा स्वप्रेरणा से अपनी खाद्य सब्सिडी छोड़ने एवं 27 लाख से अधिक अपात्र लाभार्थियों द्वारा ई केवाईसी नहीं करवाने के कारण बनी बनी रिक्तियों से नए लाभार्थियों के लिए जगह बनी। माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा जी के कर कमलों से 26 जनवरी 2025 को खाद्य सुरक्षा पोर्टल के पुन प्रारंभ होने के उपरांत राज्य सरकार द्वारा अपात्रों के खाद्य सुरक्षा छोड़ने से एनएफएसए में बनी रिक्तियों पर 80 लाख से अधिक पात्र वंचितों को खाद्य सुरक्षा से जोड़ा गया है। इस प्रकार कुल 93 लाख से अधिक लाभार्थियों को दिसंबर 2023 के बाद खाद्य सुरक्षा से जोड़ा जा चुका है। ये वे लोग हैं जो विभिन्न कारणों से खाद्य सुरक्षा योजना से वंचित रह गए थे, जबकि उन्हें इसका वास्तविक हक था।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री सुमित गोदारा ने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री जी के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि योजना का लाभ केवल पात्र लोगों तक ही पहुंचे। माननीय मुख्यमंत्री जी के दिशा निर्देशों के तहत से अपात्र लाभार्थियों को हटाकर उनकी जगह वास्तविक जरूरतमंद परिवारों को शामिल किया गया है। इस पहल से खाद्य सुरक्षा योजना अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनी है, जिससे गरीब एवं वंचित वर्ग को सीधा लाभ मिल रहा है।
उल्लेखनीय है कि वर्तमान में प्रदेश में कुल 4,42,28,480 पात्र लाभार्थी निःशुल्क राशन प्राप्त कर रहे हैं। प्रदेश सरकार द्वारा अपात्रों को हटाकर पात्रों को जोड़ने की पहल सामाजिक न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे राज्य में खाद्य सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत एवं विश्वसनीय बनी है।







