जयपुर: राजस्थान की राजधानी Jaipur से एक चौंकाने वाली ग्राउंड रिपोर्ट सामने आई है, जहां मुख्यमंत्री आवास से महज कुछ ही मिनट की दूरी पर रहने वाले लोग दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। इस गंदे पानी के कारण सैकड़ों लोग बीमार पड़ चुके हैं, जिससे इलाके में स्वास्थ्य संकट गहराता जा रहा है।
मामला शहर के सुषीलपुरा इलाके का बताया जा रहा है, जहां पिछले कई दिनों से पानी की सप्लाई में सीवर का गंदा पानी मिल रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि नलों से बदबूदार और मटमैला पानी आ रहा है, जिसे पीने के अलावा उनके पास कोई विकल्प नहीं है। कई लोगों ने शिकायत की कि पानी में कीड़े तक दिखाई दे रहे हैं।
दूषित पानी के सेवन से लोगों में उल्टी, दस्त, बुखार और पेट दर्द जैसी समस्याएं तेजी से फैल रही हैं। स्थानीय अस्पतालों और क्लीनिकों में मरीजों की संख्या अचानक बढ़ गई है। डॉक्टरों का कहना है कि यह स्थिति जलजनित बीमारियों (water-borne diseases) के फैलने का स्पष्ट संकेत है।
सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि यह इलाका मुख्यमंत्री आवास के बेहद करीब स्थित है, इसके बावजूद बुनियादी सुविधाओं की ऐसी स्थिति प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रही है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि उन्होंने कई बार जलदाय विभाग और नगर निगम से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया।
प्रारंभिक जांच में पाइपलाइन में लीकेज और सीवर लाइन के पानी के मिश्रण की आशंका जताई जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, पुरानी और जर्जर पाइपलाइन इस तरह की समस्या का मुख्य कारण हो सकती है। यदि समय रहते मरम्मत नहीं की गई, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
प्रशासन की ओर से फिलहाल प्रभावित क्षेत्रों में टैंकर के जरिए साफ पानी उपलब्ध कराने और पाइपलाइन की जांच कराने की बात कही जा रही है। साथ ही, लोगों को उबालकर पानी पीने और सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
इस घटना ने एक बार फिर शहरी व्यवस्थाओं की कमजोरियों को उजागर कर दिया है। राजधानी जैसे महत्वपूर्ण शहर में, वह भी सत्ता के केंद्र के इतने करीब, इस तरह की स्थिति होना प्रशासनिक लापरवाही का बड़ा उदाहरण माना जा रहा है।
फिलहाल, Jaipur के सुषीलपुरा इलाके के लोग राहत की उम्मीद में प्रशासन की ओर देख रहे हैं। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि सरकार इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान कैसे निकालती है और जिम्मेदार अधिकारियों पर क्या कार्रवाई होती है।







