अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है, जहां Italy ने United States को अपने यहां सैन्य बेस स्थापित करने की अनुमति देने से साफ इनकार कर दिया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब मिडिल ईस्ट और यूरोप में भू-राजनीतिक तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
इससे पहले Spain भी अमेरिका को अपने एयरस्पेस के इस्तेमाल की अनुमति देने से मना कर चुका है। यूरोप के इन दो बड़े देशों के इस रुख को अमेरिका के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि इससे उसकी सैन्य रणनीति पर असर पड़ सकता है।
विश्लेषकों के अनुसार, इटली का यह कदम यूरोप में बदलते राजनीतिक संतुलन का संकेत देता है। कई यूरोपीय देश अब सीधे तौर पर किसी सैन्य टकराव में शामिल होने से बचना चाहते हैं और शांति बनाए रखने के पक्ष में नजर आ रहे हैं।
वहीं, Russia ने इस मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। रूस का कहना है कि अमेरिका और Israel की नीतियां क्षेत्र में शांति स्थापित करने के बजाय तनाव को बढ़ा रही हैं। रूस ने आरोप लगाया कि इन देशों की कार्रवाइयों से वैश्विक स्थिरता को खतरा हो सकता है।
हालांकि, अमेरिका की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन यह स्पष्ट है कि यूरोप के इन फैसलों से अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छिड़ गई है और आने वाले दिनों में इसके व्यापक असर देखने को मिल सकते हैं।
कुल मिलाकर, इटली और स्पेन का यह रुख वैश्विक कूटनीति में एक नए मोड़ का संकेत दे रहा है, जहां देश अपने हितों और शांति को प्राथमिकता देते हुए बड़े सैन्य फैसलों से दूरी बना रहे हैं।







