आज के समय में मीठी चीजें, कोल्ड ड्रिंक और शुगर से भरपूर डाइट लोगों की दिनचर्या का हिस्सा बन चुकी हैं, लेकिन एक नई स्टडी में सामने आया है कि ज्यादा मीठा खाना लिवर के लिए खतरनाक हो सकता है। खासतौर पर उन लोगों में इसका खतरा ज्यादा पाया गया है जिनके शरीर में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन का स्तर कम होता है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी स्थिति में शुगर से भरपूर भोजन लिवर को तेजी से नुकसान पहुंचा सकता है।
स्वास्थ्य शोधकर्ताओं के अनुसार, ज्यादा शुगर लेने से शरीर में फैट जमा होने लगता है और इसका सबसे ज्यादा असर लिवर पर पड़ता है। जब लिवर में ज्यादा फैट जमा हो जाता है तो फैटी लिवर की समस्या हो सकती है, जो आगे चलकर गंभीर बीमारी का रूप ले सकती है।
स्टडी में पाया गया कि जिन लोगों का टेस्टोस्टेरोन लेवल कम होता है, उनके शरीर में शुगर को पचाने की क्षमता कमजोर हो जाती है। ऐसे में मीठी चीजें खाने से लिवर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और सूजन, कमजोरी और लिवर डैमेज का खतरा बढ़ जाता है। यह समस्या पुरुषों में ज्यादा देखी जाती है, लेकिन महिलाओं में भी हार्मोन असंतुलन होने पर खतरा बढ़ सकता है।
डॉक्टरों का कहना है कि लगातार मीठे पेय, मिठाई, पैकेट वाले जूस और जंक फूड खाने से शरीर में ट्राइग्लिसराइड और फैट बढ़ता है। यह फैट धीरे-धीरे लिवर में जमा होने लगता है, जिससे नॉन-अल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिजीज का खतरा बढ़ जाता है। शुरुआत में इसके लक्षण दिखाई नहीं देते, लेकिन समय के साथ यह गंभीर बीमारी बन सकती है।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि रोजाना जरूरत से ज्यादा शुगर लेने से बचें। डाइट में ताजे फल, हरी सब्जियां, साबुत अनाज और प्रोटीन वाली चीजें शामिल करें। मीठे पेय और प्रोसेस्ड फूड कम से कम लें। नियमित एक्सरसाइज और सही वजन बनाए रखने से लिवर को स्वस्थ रखा जा सकता है।
डॉक्टरों के अनुसार, अगर थकान, पेट के दाईं ओर दर्द, भूख कम लगना या वजन बढ़ना जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत जांच करानी चाहिए, क्योंकि ये फैटी लिवर के संकेत हो सकते हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सही खान-पान और संतुलित जीवनशैली अपनाकर लिवर से जुड़ी कई गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है।






