इंदौर/वन क्षेत्र से सटे गांव में खौफनाक घटना सामने आई, जहां एक महिला पर तेंदुए ने अचानक हमला कर दिया। तेंदुआ करीब तीन मिनट तक महिला की गर्दन दबोचकर बैठा रहा और उसे घसीटने की कोशिश करता रहा। महिला ने हिम्मत नहीं हारी और जोर-जोर से चीखने लगी, जिसके बाद तेंदुआ उसे छोड़कर भाग गया। घायल महिला को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जानकारी के मुताबिक, घटना सुबह के समय की है जब महिला घर के पास खेत की ओर जा रही थी। उसी दौरान झाड़ियों में छिपे तेंदुए ने अचानक पीछे से हमला कर दिया। तेंदुए ने महिला की गर्दन दबोच ली और उसे जमीन पर गिरा दिया। महिला के चेहरे और हाथों पर भी पंजों के गहरे निशान मिले हैं।
महिला ने बताया कि तेंदुआ उसकी गर्दन दबोचकर करीब तीन मिनट तक बैठा रहा। इस दौरान वह उसे घसीटकर जंगल की ओर ले जाने की कोशिश कर रहा था। महिला के अनुसार, उस समय उसे लगा कि अब वह बच नहीं पाएगी।
महिला ने कहा, “मेरी आंखों के आगे अंधेरा छा गया था, सांस नहीं आ रही थी। जैसे ही उसने मुझे घसीटना शुरू किया, मैंने पूरी ताकत से चीखना शुरू कर दिया। मेरी चीख सुनकर तेंदुआ घबरा गया और मुझे छोड़कर भाग गया।”
महिला की चीख सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, तब तक तेंदुआ जंगल की ओर भाग चुका था। परिजनों ने तुरंत घायल महिला को अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, महिला की गर्दन, चेहरे और कंधे पर गहरे घाव हैं, लेकिन उसकी हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है।
घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से इलाके में तेंदुए की गतिविधियां देखी जा रही थीं, लेकिन वन विभाग को सूचना देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया है। अधिकारियों ने ग्रामीणों से अकेले बाहर न जाने और सतर्क रहने की अपील की है। वन विभाग का कहना है कि तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया जाएगा और गश्त बढ़ाई जा रही है।
इस घटना के बाद गांव के लोगों में डर का माहौल है और सभी ने वन विभाग से जल्द कार्रवाई की मांग की है।






