महिलाओं में लंबे समय से यह धारणा चली आ रही है कि शारीरिक संबंध बनाने के बाद पेशाब (urine pass) करने से गर्भ ठहरने की संभावना कम हो जाती है। कई लोग इसे प्रेग्नेंसी से बचने का आसान तरीका मानते हैं, लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि यह पूरी तरह से गलतफहमी है और इसका गर्भधारण से कोई सीधा संबंध नहीं है।
विशेषज्ञों के अनुसार, पेशाब करने की प्रक्रिया का संबंध मूत्राशय से होता है, जबकि गर्भधारण की प्रक्रिया महिला के प्रजनन तंत्र में होती है। जब संबंध बनता है, तब पुरुष के शुक्राणु योनि के अंदर पहुंचते हैं और वहां से गर्भाशय की ओर बढ़ते हैं। पेशाब करने से ये शुक्राणु बाहर नहीं निकलते, क्योंकि पेशाब का रास्ता और योनि का रास्ता अलग-अलग होता है।
डॉक्टर बताते हैं कि कई महिलाएं यह सोचकर संबंध के बाद तुरंत वॉशरूम चली जाती हैं कि इससे प्रेग्नेंसी नहीं होगी, लेकिन यह तरीका गर्भ से बचाव के लिए प्रभावी नहीं माना जाता। हालांकि, संबंध के बाद पेशाब करना स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद जरूर हो सकता है, क्योंकि इससे यूरिन इन्फेक्शन (UTI) का खतरा कम हो सकता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि इससे गर्भधारण रुक जाएगा।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि अगर कोई महिला गर्भ से बचना चाहती है, तो उसे सुरक्षित और वैज्ञानिक तरीके अपनाने चाहिए। जैसे कि कंडोम का इस्तेमाल, गर्भनिरोधक गोलियां, कॉपर-टी या डॉक्टर की सलाह से अन्य गर्भनिरोधक उपाय। बिना सही जानकारी के घरेलू या सुनी-सुनाई बातों पर भरोसा करना बाद में परेशानी का कारण बन सकता है।
डॉक्टर यह भी बताते हैं कि प्रेग्नेंसी से जुड़े कई मिथ समाज में फैले हुए हैं, जिनमें से एक यह भी है कि पेशाब करने से शुक्राणु बाहर निकल जाते हैं। जबकि सच यह है कि शुक्राणु बहुत तेजी से गर्भाशय की ओर बढ़ते हैं और पेशाब करने से उन पर कोई असर नहीं पड़ता।
विशेषज्ञों की सलाह है कि महिलाओं और युवाओं को प्रजनन स्वास्थ्य से जुड़ी सही जानकारी मिलनी चाहिए, ताकि वे गलतफहमियों से बच सकें और सही निर्णय ले सकें। सही जानकारी ही अनचाही प्रेग्नेंसी और स्वास्थ्य समस्याओं से बचने का सबसे सुरक्षित तरीका है।






