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July 6, 2026 12:10 pm

जेलेंस्की का दावा हुआ सच? खुफिया चेतावनी के बाद रूस ने कीव पर दागीं मिसाइलें, मचा हड़कंप

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रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध एक बार फिर बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। यूक्रेन के राष्ट्रपति Volodymyr Zelenskyy ने हाल ही में दावा किया था कि देश की खुफिया एजेंसियों को ऐसे संकेत मिल रहे हैं, जिनसे पता चलता है कि रूस आने वाले दिनों में बड़े पैमाने पर हमला कर सकता है। जेलेंस्की ने कहा था कि सुरक्षा एजेंसियां लगातार गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं और संभावित खतरे को लेकर सरकार पूरी तरह सतर्क है।

जेलेंस्की की इस चेतावनी के कुछ ही समय बाद यूक्रेन की राजधानी Kyiv पर रूस की ओर से बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए गए। हमले के दौरान राजधानी के कई इलाकों में तेज धमाकों की आवाजें सुनाई दीं, जबकि एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय होकर मिसाइलों और ड्रोन को रोकने की कोशिश करता रहा। स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से तत्काल सुरक्षित स्थानों और बंकरों में जाने की अपील की।

यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, हमले में कई आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों को नुकसान पहुंचा। कुछ इमारतों में आग लगने की भी खबरें सामने आईं, जबकि राहत और बचाव दलों ने प्रभावित इलाकों में तुरंत अभियान शुरू कर दिया। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, हमलों में कई लोग घायल हुए हैं, हालांकि नुकसान का अंतिम आकलन जारी है।

राष्ट्रपति जेलेंस्की ने हमले के बाद कहा कि खुफिया एजेंसियों द्वारा पहले से दी गई चेतावनी को गंभीरता से लिया गया था और इसी कारण सुरक्षा बलों तथा एयर डिफेंस सिस्टम को पहले ही हाई अलर्ट पर रखा गया था। उन्होंने कहा कि यूक्रेन अपनी सुरक्षा को मजबूत करने के लिए लगातार अपने सहयोगी देशों के साथ संपर्क में है और नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

दूसरी ओर, रूस की ओर से हमले को लेकर अलग दावा किया गया है। रूसी पक्ष का कहना है कि उसके हमलों का उद्देश्य यूक्रेन के सैन्य और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाना था। युद्ध के दौरान दोनों पक्ष अक्सर एक-दूसरे के दावों का खंडन करते रहे हैं और स्वतंत्र रूप से सभी दावों की पुष्टि करना हमेशा संभव नहीं होता।

सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के सप्ताहों में रूस और यूक्रेन दोनों ने लंबी दूरी की मिसाइलों, ड्रोन और उन्नत वायु रक्षा प्रणालियों का इस्तेमाल बढ़ाया है। इससे संघर्ष पहले की तुलना में और अधिक जटिल तथा विनाशकारी होता जा रहा है। राजधानी कीव पर बार-बार होने वाले हमले यह संकेत देते हैं कि रूस यूक्रेन के महत्वपूर्ण प्रशासनिक और रणनीतिक केंद्रों पर लगातार दबाव बनाए रखना चाहता है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस हमले को लेकर चिंता बढ़ गई है। कई देशों ने नागरिक क्षेत्रों पर होने वाले हमलों पर चिंता जताई है और दोनों पक्षों से अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों का पालन करने की अपील की है। साथ ही, यूक्रेन के सहयोगी देशों ने वायु रक्षा क्षमता को और मजबूत करने के लिए सहायता जारी रखने की बात दोहराई है।

विश्लेषकों का कहना है कि यह हमला केवल सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की रणनीति का भी हिस्सा हो सकता है। लगातार मिसाइल और ड्रोन हमलों का उद्देश्य नागरिकों के मनोबल को प्रभावित करना और यूक्रेन की सुरक्षा व्यवस्था पर दबाव बढ़ाना भी माना जा रहा है।

युद्ध के तीसरे वर्ष में प्रवेश कर चुके इस संघर्ष के बीच स्पष्ट है कि हालात अभी भी बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। जेलेंस्की की खुफिया चेतावनी के तुरंत बाद हुए इस हमले ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि रूस-यूक्रेन युद्ध में खतरा अभी टला नहीं है। दुनिया की नजर अब इस बात पर है कि आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच सैन्य गतिविधियां किस दिशा में आगे बढ़ती हैं और क्या कूटनीतिक प्रयास इस संघर्ष को कम करने में कोई भूमिका निभा पाएंगे।

Rashmi Repoter
Author: Rashmi Repoter

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