नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए सरकार की उपलब्धियों के साथ-साथ आने वाले वर्षों के लिए अपना विजन भी सामने रखा। अपने संबोधन में उन्होंने विकसित और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य पर जोर देते हुए कहा कि आने वाला समय देश के लिए नई संभावनाओं और बड़े बदलावों का दौर होगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने बीते वर्षों में कई क्षेत्रों में तेजी से प्रगति की है और अब देश को विकास की रफ्तार और तेज करने की जरूरत है। उन्होंने युवाओं, किसानों, महिलाओं, गरीबों और मध्यम वर्ग को केंद्र में रखते हुए विकास की दिशा तय करने की बात कही। पीएम मोदी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।
अगले पांच साल के लिए बड़ा रोडमैप
लाल किले से प्रधानमंत्री ने आने वाले पांच वर्षों के लिए सरकार की प्राथमिकताओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ-साथ आधुनिक बुनियादी ढांचे, रोजगार, तकनीक, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी बड़े स्तर पर काम किया जाएगा।
पीएम मोदी ने युवाओं को देश की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए रोजगार और कौशल विकास पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि नई तकनीक और बदलते वैश्विक माहौल के बीच भारत के युवाओं को नए अवसर उपलब्ध कराने की जरूरत है। स्टार्टअप, डिजिटल अर्थव्यवस्था, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक उद्योगों को बढ़ावा देने की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया गया।
12 साल के कामकाज का हिसाब
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में पिछले वर्षों में सरकार द्वारा किए गए कामों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बुनियादी ढांचे के विस्तार, डिजिटल सेवाओं, गरीबों के कल्याण, महिला सशक्तीकरण, किसानों के हित और देश की वैश्विक भूमिका को मजबूत करने जैसे मुद्दों को सामने रखा।
उन्होंने कहा कि देश ने पिछले वर्षों में कई ऐसे फैसले लिए हैं, जिनका असर लंबे समय तक दिखाई देगा। सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अब दुनिया में आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रखने की स्थिति में है।
आत्मनिर्भर भारत पर जोर
पीएम मोदी ने देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में उत्पादन बढ़ाने और घरेलू उद्योगों को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत को अपनी जरूरतों के लिए दूसरे देशों पर निर्भरता कम करनी होगी और वैश्विक स्तर पर उत्पादन तथा निर्यात की क्षमता बढ़ानी होगी।
उन्होंने ‘मेक इन इंडिया’ और स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा देने की जरूरत बताते हुए कहा कि भारत के उत्पाद दुनिया के बाजारों में अपनी पहचान बना सकें, इसके लिए उद्योग और सरकार को मिलकर काम करना होगा।
युवाओं और रोजगार पर फोकस
प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले वर्षों में भारत की युवा आबादी देश के विकास में निर्णायक भूमिका निभाएगी। उन्होंने युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करने, कौशल विकास को बढ़ावा देने और रोजगार के नए क्षेत्रों को विकसित करने की आवश्यकता बताई।
टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भारत की बढ़ती क्षमता का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, डिजिटल टेक्नोलॉजी और आधुनिक विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में भारत को वैश्विक नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
किसानों और ग्रामीण भारत पर भी नजर
प्रधानमंत्री ने किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक, सिंचाई, बेहतर बाजार व्यवस्था और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में काम करने की बात कही।
उन्होंने कहा कि गांवों का विकास भारत के समग्र विकास की बुनियाद है। इसलिए ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पानी, डिजिटल कनेक्टिविटी और रोजगार के अवसर बढ़ाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।
महिला सशक्तीकरण को विकास का आधार बताया
पीएम मोदी ने महिलाओं की भागीदारी को देश की आर्थिक और सामाजिक प्रगति के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को शिक्षा, रोजगार, उद्यमिता और नेतृत्व के अधिक अवसर उपलब्ध कराने से भारत की विकास यात्रा को नई गति मिलेगी।
उन्होंने महिला स्वयं सहायता समूहों और महिला उद्यमियों की भूमिका का भी उल्लेख करते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में महिलाओं को आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बनाने पर जोर दिया जाएगा।
विकसित भारत के लक्ष्य पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य केवल सरकार का नहीं, बल्कि 140 करोड़ से अधिक देशवासियों का संकल्प है। उन्होंने देशवासियों से विकास की इस यात्रा में सक्रिय भागीदारी की अपील की।
लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री का संदेश स्पष्ट रहा कि आने वाले पांच साल भारत के लिए निर्णायक साबित हो सकते हैं। सरकार जहां पिछले वर्षों के कामकाज को अपनी उपलब्धियों के रूप में सामने रख रही है, वहीं अगले चरण में अर्थव्यवस्था, रोजगार, तकनीक, बुनियादी ढांचे और आत्मनिर्भरता को विकास के प्रमुख आधार के रूप में आगे बढ़ाने की तैयारी दिखाई गई।








