नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही बहुप्रतीक्षित पौराणिक फिल्म ‘रामायण: राइज़ ऑफ़ लेजेंड’ 5 नवंबर को दीवाली के अवसर पर सिनेमाघरों में वैश्विक स्तर पर दस्तक देने जा रही है। इस फिल्म को लेकर जहां दर्शकों में जबरदस्त उत्साह है, वहीं व्यापार विश्लेषकों की निगाहें इसके बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन पर टिकी हैं। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या लगभग 2,000 करोड़ रुपये के विशाल बजट में बनी यह फिल्म आमिर खान की ब्लॉकबस्टर ‘दंगल’ के 2,000 करोड़ रुपये से अधिक के वैश्विक कमाई के ऐतिहासिक रिकॉर्ड को ध्वस्त कर पाएगी, जो पिछले एक दशक से दुनिया भर में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली भारतीय फिल्म का ताज पहने हुए है।
नितेश तिवारी द्वारा ही निर्देशित वर्ष 2016 में आई फिल्म ‘दंगल’ ने घरेलू स्तर पर 538 करोड़ रुपये का कारोबार किया था, लेकिन उसकी असली सफलता चीन के बाजार में मिली जहां उसने लगभग 1,226 करोड़ रुपये की ऐतिहासिक कमाई की थी। चीन में मिली इस अभूतपूर्व सफलता के बल पर ही ‘दंगल’ 2,000 करोड़ रुपये के आंकड़े तक पहुंचने में सफल रही थी। हाल ही में रणवीर सिंह स्टारर फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ ने बिना चीन और मध्य पूर्व के बाजारों के भी दुनिया भर में 1,850 करोड़ रुपये का विशाल कारोबार करके यह साबित किया है कि हिंदी सिनेमा अब इस आंकड़े के बेहद करीब पहुंच सकता है। यही वजह है कि रणबीर कपूर, यश और साई पल्लवी के अभिनय से सजी ‘रामायण’ को लेकर उम्मीदें और अधिक बढ़ गई हैं।
फिल्म ‘रामायण’ को एक ही समय में दुनिया भर के सिनेमाघरों और प्रीमियम फॉर्मेट्स पर बड़े पैमाने पर रिलीज किया जा रहा है। अग्रिम बुकिंग के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार फिल्म ने वैश्विक स्तर पर 20 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार कर लिया है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि 2,000 करोड़ रुपये के बजट पर बनी फिल्म के लिए केवल 200 करोड़ रुपये की शुरुआती ओपनिंग ही काफी नहीं होगी, बल्कि इसे लंबे समय तक दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचना होगा। हाल के दिनों में यश की फिल्म ‘टॉक्सिक’ का उदाहरण सामने है, जो भारी प्रचार-प्रसार के बावजूद दर्शकों के सकारात्मक फीडबैक के अभाव में अपनी लागत भी नहीं वसूल पाई थी।
‘रामायण’ का सबसे बड़ा मजबूत पक्ष इसकी कालजयी और सार्वभौमिक कहानी है, जो न केवल भारत बल्कि दुनिया के कई हिस्सों में सांस्कृतिक रूप से गहराई से जुड़ी हुई है। यदि फिल्म अपनी विजुअल भव्यता के साथ-साथ दर्शकों से भावनात्मक जुड़ाव बनाने में सफल रहती है और इसे मजबूत वर्ड ऑफ माउथ का लाभ मिलता है, तो यह ‘दंगल’ के एक दशक पुराने कीर्तिमान को चुनौती दे सकती है। अब 5 नवंबर को फिल्म की रिलीज के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि रणबीर कपूर की यह महागाथा भारतीय सिनेमा के इतिहास में नया स्वर्णिम अध्याय लिख पाती है या नहीं।








