नई दिल्ली। दुनिया की प्रमुख प्रौद्योगिकी कंपनियों में शामिल अमेजन ने अपने सॉफ्टवेयर इंजीनियरों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। कंपनी ने कर्मचारियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि एआई का उपयोग केवल अपनी उत्पादकता के आंकड़े बढ़ाने या तकनीक के इस्तेमाल का प्रदर्शन करने के लिए नहीं, बल्कि ग्राहकों की वास्तविक समस्याओं का समाधान करने के लिए किया जाना चाहिए। कंपनी की ओर से आंतरिक रूप से साझा किए गए एक ज्ञापन में सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट इंजीनियरों (SDEs) को लंबे समय तक उपयोगी परिणाम देने, मानवीय विवेक का इस्तेमाल करने और अपने काम के वास्तविक प्रभाव पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी गई है। अमेजन का जोर ऐसे उत्पाद तैयार करने पर है, जिनसे ग्राहकों को वास्तविक लाभ मिले, न कि उन कार्यों में जबरन एआई का इस्तेमाल किया जाए, जहां इसकी आवश्यकता ही नहीं है।
यह बदलाव ऐसे समय में सामने आया है, जब अमेजन विभिन्न देशों में अपने कर्मचारियों की संख्या भी घटा रही है। हाल ही में कंपनी ने एक हजार से कुछ कम पदों में कटौती की थी। इसका असर मुख्य रूप से भारत, अमेरिका और ब्रिटेन में रिटेल से जुड़ी टीमों पर पड़ा था। दूसरी ओर, एआई के बढ़ते प्रभाव के बीच कंपनी अपने इंजीनियरों से काम करने के तरीकों में बदलाव लाने और नई तकनीक को समझकर इस्तेमाल करने की अपेक्षा कर रही है।
इंजीनियरिंग के क्षेत्र में उभर रहा है ‘रेनेसां डेवलपर’ का दौर
अमेजन ने अपने नए दिशा-निर्देशों में सॉफ्टवेयर इंजीनियर की बदलती भूमिका पर विशेष जोर दिया है। कंपनी के अनुसार, पहले इंजीनियरिंग से जुड़े नियम किसी खास तकनीक पर केंद्रित नहीं होते थे। पिछले दो दशकों में क्लाउड कंप्यूटिंग, माइक्रोसर्विसेज और सर्वरलेस तकनीक जैसी कई महत्वपूर्ण तकनीकी बदलाव आए, लेकिन इनसे इंजीनियर की मूल भूमिका की परिभाषा में बहुत बड़ा परिवर्तन नहीं हुआ। हालांकि, कंपनी का मानना है कि एआई सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग के कामकाज को पहले की तकनीकी लहरों की तुलना में कहीं अधिक तेजी और गहराई से बदल रहा है।
इसी बदलाव को ध्यान में रखते हुए अमेजन ने ‘रेनेसां डेवलपर’ की अवधारणा का उल्लेख किया है। इसका आशय ऐसे इंजीनियर से है, जो एआई टूल्स का इस्तेमाल करने के साथ-साथ मानवीय निर्णय क्षमता, तकनीकी समझ और अपने कार्यक्षेत्र के गहरे ज्ञान को भी महत्व देता हो। कंपनी के अनुसार, केवल एआई टूल का इस्तेमाल करना पर्याप्त नहीं है। इंजीनियरों को यह समझना होगा कि किस परिस्थिति में यह तकनीक उपयोगी है, इसका बेहतर इस्तेमाल कैसे किया जा सकता है और कहां मानवीय विशेषज्ञता की जरूरत बनी रहती है।
ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि एआई को लेकर बदलाव अभी शुरुआती दौर में हैं, लेकिन कर्मचारियों को इस तकनीक को सीखने और अपने दैनिक कामकाज में उपयुक्त तरीके से शामिल करने के लिए समय निकालना चाहिए। कंपनी का मानना है कि जो इंजीनियर एआई की क्षमताओं को समझने और उन्हें प्रभावी ढंग से इस्तेमाल करने का प्रयास नहीं करेंगे, उन्हें भविष्य में तकनीकी बदलावों के साथ तालमेल बैठाने में मुश्किल हो सकती है। हालांकि, अमेजन ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी कर्मचारी की भूमिका और उसके काम की गुणवत्ता का आकलन केवल इस आधार पर नहीं किया जाना चाहिए कि वह एआई का कितना इस्तेमाल करता है। अंततः प्राथमिकता ग्राहकों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण परिणाम उपलब्ध कराने की ही रहेगी।
‘टोकनमैक्सिंग’ के खिलाफ कंपनी की सख्त चेतावनी
एआई के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के साथ अमेजन ने ‘टोकनमैक्सिंग’ जैसी प्रवृत्ति से बचने की भी सलाह दी है। इस शब्द का इस्तेमाल उस तरीके के लिए किया जाता है, जिसमें डेवलपर एआई एजेंट को ऐसे अनावश्यक या बेकार काम सौंपते हैं, जिनसे कोई वास्तविक लाभ नहीं होता। इसका उद्देश्य केवल एआई टोकन की खपत बढ़ाना और आंकड़ों के आधार पर खुद को अधिक उत्पादक दिखाना होता है।
कंपनी के अनुसार, इस तरह के व्यवहार से वास्तविक उत्पादकता का सही आकलन नहीं हो पाता। यदि किसी कर्मचारी के काम को केवल एआई के इस्तेमाल की मात्रा से मापा जाता है, तो इससे ऐसे प्रोत्साहन पैदा हो सकते हैं, जो कंपनी और ग्राहकों दोनों के लिए नुकसानदेह हों। इससे एआई टूल्स के संचालन पर खर्च भी बढ़ सकता है, जबकि काम की गुणवत्ता या ग्राहकों को मिलने वाले लाभ में कोई वास्तविक सुधार नहीं होता।
मई 2026 में अमेजन ने इसी तरह की समस्या सामने आने के बाद अपना एक आंतरिक एआई लीडरबोर्ड भी बंद कर दिया था। कंपनी को पता चला था कि कुछ कर्मचारी इस व्यवस्था का गलत फायदा उठाकर अपने आंकड़ों को बेहतर दिखाने की कोशिश कर रहे थे। इस अनुभव के बाद नए ज्ञापन में एआई टोकन की खपत और एआई की मदद से किए गए कोड संबंधी बदलावों की संख्या को प्रदर्शन का विश्वसनीय पैमाना मानने पर सवाल उठाए गए हैं। कंपनी ने ऐसे आंकड़ों को गंभीर रूप से त्रुटिपूर्ण बताते हुए कहा है कि इन पर जरूरत से ज्यादा निर्भरता गलत प्रोत्साहन पैदा कर सकती है और खर्च बढ़ा सकती है। यह स्थिति अमेजन के उस मूल सिद्धांत के भी विपरीत है, जिसमें संसाधनों का सोच-समझकर और मितव्ययिता के साथ उपयोग करने पर जोर दिया जाता है।
कर्मचारियों की सफलता अब वास्तविक परिणामों से मापने पर जोर
अमेजन अब इंजीनियरों के प्रदर्शन का आकलन इस बात से करने पर जोर दे रही है कि उनके काम से वास्तव में कितने उपयोगी परिणाम सामने आए। कंपनी केवल यह नहीं देखना चाहती कि कोई कर्मचारी कितनी बार एआई टूल का इस्तेमाल करता है या उसके माध्यम से कितनी मात्रा में कोड तैयार करता है। इसके बजाय, ध्यान इस बात पर होगा कि इंजीनियरों की मदद से कितने सफल अपडेट, नए फीचर और उपयोगी बदलाव ग्राहकों तक पहुंच रहे हैं।
अमेजन वेब सर्विसेज (AWS) के उपाध्यक्ष मार्क ब्रूकर ने सीएनबीसी से बातचीत में बताया था कि कंपनी अब ‘फीचर वेलोसिटी’ यानी उपयोगकर्ताओं तक सफल फीचर पहुंचने की गति पर ध्यान केंद्रित कर रही है। इस पैमाने के तहत यह देखा जाता है कि टीम कितनी प्रभावी ढंग से नए फीचर और अपडेट तैयार करके वास्तविक उपयोगकर्ताओं तक पहुंचाती है। इसका उद्देश्य केवल काम की मात्रा गिनने के बजाय उसकी उपयोगिता और परिणामों को समझना है।
ज्ञापन में कंपनी के नेतृत्व को एआई अपनाने के दोनों छोरों पर मौजूद टीमों पर नजर रखने की सलाह दी गई है। इसमें उन टीमों पर ध्यान देने की बात कही गई है, जो एआई का प्रभावी इस्तेमाल करने में पीछे हैं और उन टीमों पर भी, जो इसका बहुत अधिक इस्तेमाल कर रही हैं। कंपनी के लिए यह जानना महत्वपूर्ण होगा कि एआई का व्यापक इस्तेमाल करने वाली टीमों के काम की गति और परिणामों में वास्तव में कितना सुधार हुआ है। इसी तरह, कम इस्तेमाल करने वाली टीमों के सामने आने वाली समस्याओं को समझकर यह तय किया जा सकता है कि उन्हें प्रशिक्षण, बेहतर टूल या किसी अन्य सहायता की जरूरत है या नहीं।
प्रबंधकों को खुद एआई का इस्तेमाल करके सीखने की सलाह
अमेजन के नए दिशा-निर्देशों में प्रबंधकों और वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका पर भी जोर दिया गया है। कंपनी का कहना है कि केवल दूसरों से मिली जानकारी या चर्चाओं के आधार पर एआई को लेकर निर्णय लेना पर्याप्त नहीं है। तकनीकी और संगठनात्मक नेतृत्व की जिम्मेदारी संभालने वाले अधिकारियों को स्वयं इन टूल्स का इस्तेमाल करना चाहिए, ताकि वे उनकी क्षमताओं, सीमाओं और व्यावहारिक उपयोग को बेहतर ढंग से समझ सकें।
ज्ञापन के मुताबिक, नेताओं को यह स्पष्ट रूप से बताने में सक्षम होना चाहिए कि किसी एआई टूल ने काम के किस हिस्से में मदद की और किन परिस्थितियों में वह उपयोगी साबित नहीं हुआ। कंपनी का मानना है कि एआई के क्षेत्र में सबसे अधिक प्रभावी साबित हो रहे नेतृत्वकर्ता वे हैं, जो सीखने और जिज्ञासु बने रहने के सिद्धांत को व्यवहार में अपनाते हैं। ऐसे अधिकारी अपने साथ-साथ अपनी टीमों को भी नई तकनीक को समझने, प्रयोग करने और उससे सीखने के लिए पर्याप्त समय देते हैं।
अमेजन ने यह भी स्पष्ट किया है कि कर्मचारियों पर हर काम में एआई का इस्तेमाल करने का दबाव नहीं बनाया जाना चाहिए। यदि किसी कार्य में उपलब्ध एआई टूल्स से कोई खास लाभ नहीं मिलता, तो इसे कर्मचारी की विफलता के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। कंपनी के अनुसार, यह जानना भी महत्वपूर्ण है कि किसी विशेष काम के लिए एआई उपयुक्त क्यों नहीं है। कर्मचारियों को प्रोत्साहित किया गया है कि वे ऐसे अनुभवों और एआई टूल्स की कमियों को दर्ज करें तथा अपने प्रबंधकों के साथ साझा करें, ताकि भविष्य में तकनीक के इस्तेमाल को लेकर बेहतर निर्णय लिए जा सकें।
ग्राहकों से सीधा जुड़ाव बढ़ाने पर अमेजन का जोर
कंपनी ने अपने दिशा-निर्देशों में यह भी उल्लेख किया है कि वे इंजीनियर और प्रबंधक एआई से सबसे अधिक लाभ उठा रहे हैं, जो अपने उत्पादों, कारोबार और ग्राहकों की जरूरतों के करीब हैं। अमेजन के विस्तार के साथ कुछ डेवलपर अपने उत्पादों का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों से दूर हो गए हैं। ऐसे में कंपनी अब इंजीनियरों को अपने उत्पादों की दिशा और ग्राहकों की वास्तविक जरूरतों से गहराई से जुड़ने के लिए प्रेरित कर रही है।
अमेजन का मानना है कि किसी उत्पाद को विकसित करने वाले इंजीनियर के लिए यह समझना जरूरी है कि ग्राहक उससे क्या अपेक्षा करते हैं और किसी बदलाव से उन्हें किस तरह का लाभ मिलेगा। केवल नई तकनीक उपलब्ध होने के कारण उसका इस्तेमाल करना सही निर्णय नहीं माना जा सकता। इंजीनियर को यह तय करने में सक्षम होना चाहिए कि एआई किसी समस्या का समाधान बेहतर तरीके से कर सकता है या पारंपरिक तकनीकी तरीका अधिक उपयुक्त रहेगा।
कंपनी के अनुसार, जो इंजीनियर ग्राहकों की जरूरतों को अच्छी तरह समझता है और यह पहचान सकता है कि कहां एआई का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, वह उसी प्रकार के विवेक का परिचय देता है, जिसे अमेजन महत्व देती है। नए दिशा-निर्देशों का व्यापक उद्देश्य एआई को कामकाज का प्रभावी हिस्सा बनाना है, लेकिन साथ ही गुणवत्ता, जिम्मेदारी, लागत नियंत्रण और ग्राहक संतुष्टि को सर्वोच्च प्राथमिकता देना भी है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि तकनीक का सही मूल्यांकन उसके इस्तेमाल की मात्रा से नहीं, बल्कि उससे मिलने वाले वास्तविक लाभ और ग्राहकों के लिए तैयार किए गए परिणामों से होना चाहिए।








