नितेश तिवारी के निर्देशन में बनी भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी और बहुप्रतीक्षित फिल्मों में से एक ‘रामायण’ इस समय हर तरफ चर्चा का विषय बनी हुई है। इस भव्य महाकाव्य को लेकर दर्शकों और फिल्म इंडस्ट्री में उम्मीदें आसमान पर हैं। सिनेमा के जानकारों के बीच एक दिलचस्प तुलना यह की जा रही है कि कैसे एक दौर में महज 70 करोड़ रुपये के सीमित बजट में बनी ‘दंगल’ ने दुनियाभर में 2,000 करोड़ रुपये से अधिक की ऐतिहासिक कमाई करके बॉक्स ऑफिस के सभी पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए थे। अब उससे भी कहीं बड़े और विराट स्तर पर तैयार की जा रही ‘रामायण’ (जिसका बजट लगभग 2,000 करोड़ रुपये बताया जा रहा है) के सामने न केवल उसी रिकॉर्ड को छूने बल्कि उसे पीछे छोड़ने की बड़ी चुनौती है।
वर्ष 2016 में आई ‘दंगल’ ने अपनी मजबूत पटकथा और असाधारण प्रदर्शन के दम पर भारतीय सिनेमा को वैश्विक मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाई थी। नितेश तिवारी की ही निर्देशन शैली का कमाल था कि एक घरेलू खेल पर आधारित फिल्म ने चीन जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी अभूतपूर्व सफलता हासिल की और कुल कारोबार 2,000 करोड़ के आंकड़े को पार कर गया। अब एक बार फिर निर्देशक नितेश तिवारी और बॉक्स ऑफिस के सबसे बड़े आंकड़ों का यह समीकरण ‘रामायण’ के साथ जुड़ा हुआ है। जहां ‘दंगल’ ने कम लागत में ब्लॉकबस्टर सफलता का नया पैमाना गढ़ा था, वहीं ‘रामायण’ 2,000 करोड़ रुपये के विशाल निर्माण व्यय के साथ सिनेमाघरों में उतर रही है, जिससे व्यापार जगत की उम्मीदें और भी अधिक बढ़ गई हैं।
आगामी 5 नवंबर को दीवाली के अवसर पर दुनिया भर में रिलीज होने जा रही ‘रामायण: राइज़ ऑफ़ लेजेंड’ के लिए यह सफर केवल लागत वसूलने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देखना बेहद रोमांचक होगा कि क्या यह फिल्म ‘दंगल’ के 2,000 करोड़ रुपये के आंकड़े से भी आगे निकलकर वैश्विक स्तर पर कमाई का कोई नया इतिहास रच पाती है या नहीं। फिल्म की एडवांस बुकिंग और वैश्विक स्तर पर मिल रहे शुरुआती रुझानों से यह साफ है कि दर्शक इस पौराणिक गाथा को बड़े पर्दे पर देखने के लिए बेहद उत्सुक हैं। यदि फिल्म अपने भारी-भरकम बजट और उम्मीदों पर खरी उतरती है, तो यह भारतीय सिनेमा के इतिहास में वित्तीय सफलता का एक नया मील का पत्थर साबित हो सकती है।








