कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक और राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दीपके के मेंटर को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है। एक वीडियो कॉल में CJP के सह-संयोजक आशुतोष रांका और अभिजीत दीपके ने आजिंक्य शिंदे का नाम लिया। बातचीत में शिंदे की भूमिका को संगठन के गठन से पहले से दीपके के साथ जुड़ी हुई बताया गया।
कौन हैं आजिंक्य शिंदे?
आजिंक्य शिंदे महाराष्ट्र से जुड़े हैं और अगस्त 2026 में CJP की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित होने के दौरान उन्हें नेशनल ऑर्गनाइजेशन इंचार्ज की जिम्मेदारी दी गई थी। CJP की घोषित टीम में अभिजीत दीपके को राष्ट्रीय संयोजक और आशुतोष रांका व सौरव दास को सह-संयोजक बनाया गया था।
नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, दीपके और शिंदे की पहचान कई वर्षों पुरानी है और दोनों की मुलाकात 2016 में गोवा में हुई थी। रिपोर्ट में शिंदे के पहले आम आदमी पार्टी से जुड़े रहने का भी उल्लेख है।
वीडियो कॉल में क्या कहा गया?
सामने आए वीडियो कॉल में आशुतोष रांका ने आजिंक्य शिंदे को अभिजीत दीपके का मेंटर बताया। रांका के मुताबिक, शिंदे CJP के गठन से पहले भी दीपके को सलाह देते थे और संगठन बनने के बाद भी उनके साथ काम कर रहे हैं। दीपके ने बातचीत के दौरान इस बात पर सहमति जताई।
बातचीत में शिंदे की भूमिका सिर्फ सलाह देने तक सीमित नहीं बताई गई। CJP नेताओं ने संगठन तैयार करने, वॉलेंटियर्स को जोड़ने और कार्यक्रमों के प्रबंधन में भी उनकी भूमिका का उल्लेख किया।
जंतर-मंतर आंदोलन में क्या भूमिका बताई गई?
वीडियो कॉल में नीट पेपर लीक के खिलाफ जंतर-मंतर पर हुए CJP आंदोलन का भी जिक्र किया गया। आशुतोष रांका ने कहा कि मंच पर मौजूद नेताओं के अलावा आंदोलन के जमीनी प्रबंधन में आजिंक्य शिंदे की महत्वपूर्ण भूमिका थी। रिपोर्ट के अनुसार, दीपके ने भी वॉलेंटियर्स की टीम तैयार करने और भीड़ प्रबंधन जैसी जिम्मेदारियों में शिंदे की भूमिका का उल्लेख किया।
इसी वजह से अब शिंदे का नाम CJP के उस संगठनात्मक ढांचे के संदर्भ में सामने आया है, जिसने जंतर-मंतर के आंदोलन को संचालित किया था।
CJP ने अगस्त में घोषित की थी राष्ट्रीय टीम
अगस्त 2026 में CJP ने अपनी पहली राष्ट्रीय कार्यकारिणी का ऐलान किया था। इसमें अभिजीत दीपके को फाउंडर और नेशनल कन्वीनर, आशुतोष रांका और सौरव दास को को-कन्वीनर तथा आजिंक्य शिंदे को नेशनल ऑर्गनाइजेशन इंचार्ज बनाया गया।
इसके अलावा संगठन में मीडिया, कानूनी मामलों, रिसर्च एंड पॉलिसी, टेक्नोलॉजी और वित्त से जुड़े पद भी तय किए गए थे। CJP ने उस समय खुद को चुनावी राजनीति में उतरने के बजाय एक पब्लिक प्रेशर ग्रुप के रूप में आगे बढ़ाने की बात कही थी।
CJP और जंतर-मंतर आंदोलन का संबंध
CJP का नाम दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए लंबे विरोध प्रदर्शन के बाद राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया। इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, संगठन ने जंतर-मंतर पर 36 दिन तक चले प्रदर्शन के बाद अपनी राष्ट्रीय संगठनात्मक संरचना घोषित की थी।
अब सामने आई वीडियो कॉल ने आंदोलन के दौरान पर्दे के पीछे संगठनात्मक भूमिका निभाने वाले लोगों को लेकर नई जानकारी सामने रखी है। हालांकि, वीडियो में नेताओं द्वारा बताई गई भूमिका को उनका स्वयं का बयान माना जाना चाहिए; किसी व्यक्ति की भूमिका के बारे में स्वतंत्र निष्कर्ष निकालने के लिए अन्य स्वतंत्र प्रमाणों की भी जरूरत होगी।
क्या सामने आया?
- अभिजीत दीपके के मेंटर के रूप में आजिंक्य शिंदे का नाम लिया गया।
- CJP में शिंदे नेशनल ऑर्गनाइजेशन इंचार्ज हैं।
- CJP नेताओं ने जंतर-मंतर आंदोलन के प्रबंधन में उनकी भूमिका का उल्लेख किया।
- संगठन ने अगस्त 2026 में अपनी पहली राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित की थी।
- CJP ने खुद को चुनावी पार्टी के बजाय दबाव समूह के रूप में आगे बढ़ाने की बात कही थी।
इस वीडियो कॉल के बाद CJP के संगठनात्मक ढांचे और जंतर-मंतर आंदोलन में अलग-अलग नेताओं की भूमिका को लेकर चर्चा तेज हुई है। फिलहाल सामने आई जानकारी मुख्य रूप से CJP नेताओं के अपने बयानों और मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है।








