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January 17, 2026 10:15 am

जयपुर में अमायरा मौत मामले का अपडेट: शिक्षा मंत्री के ‘लापता’ पोस्टर क्यों लगे?

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जयपुर। राजधानी जयपुर में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के लापता होने के पोस्टर लगाए हैं। दरअसल, ये मामला नीरजा मोदी स्कूल की छात्रा के मौत प्रकरण से जुड़ा हुआ है। बताया जा रहा है कि स्कूल प्रशासन पर कार्रवाई नहीं होने से नाराज अमायरा के परिजनों ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के लापता होने के पोस्टर लगाए हैं।

जयपुर में नारायण सिंह सर्किल, अल्बर्ट हॉल, ओटीएस चौराहा, शिक्षा संकुल, झालाना डूंगरी, सांगानेर सहित कई जगह पोस्टर लगाए गए है। पोस्टर देखने के बाद लोग यही कह रहे हैं कि अमायरा के परिजनों ने शिक्षा मंत्री को लेकर विरोध का अनोखा तरीका अपनाया है।

पोस्टर में लिखा- लापता शिक्षा मंत्री

सोशल मीडिया पर भी वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें अमायरा के परिजन जयपुर शहर में पोस्टर लगाते नजर आ रहे है। पोस्टर में लिखा ​हुआ है कि लापता शिक्षा मंत्री… राजस्थान के सभी मां-बाप मंत्री जी की तलाश कर रहे है।

पोस्टर में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर की फोटो के नीचे लिखा हुआ है कि एक प्राइवेट स्कूल में छोटी सी बच्ची ने अपनी जान दे दी और मदन दिलावर जी कुछ करने के बजाय भाग खड़े हुए। सुनने में आया है कि स्कूल ने इनके विभाग को अंदर ही नहीं घुसने दिया।

ये है पूरा मामला

जयपुर के मानसरोवर में नीरजा मोदी स्कूल की चौथी मंजिल से कूदकर चौथी कक्षा की छात्रा अमायरा ने 1 नवंबर को जान दे दी थी। इस घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था। परिजन शुरुआत से ही स्कूल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगा रहे है। CBSE ने भी नीरजा मोदी स्कूल को जांच में दोषी माना था। सीबीएसई ने जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर स्कूल को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। लेकिन, अभी तक स्कूल पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इससे बच्ची के परिजन काफी आहत है।

ये है परिजनों की मांग

अमायरा के माता-पिता का कहना है कि बच्ची ने कई बार बुलिंग की शिकायत की थी, लेकिन स्कूल प्रशासन उसे गंभीरता से नहीं लिया था। परिजन की मांग है कि लापरवाही बरतने वालों को सजा मिले, ताकि कोई और बच्ची अमायरा की तरह छत से कूदने को मजबूर न हो। परिजनों की मांग है कि नीरजा मोदी स्कूल की मान्यता तत्काल प्रभाव से रद्द की जाए। स्कूल प्रशासन द्वारा घटना छिपाने, पुलिस को सूचना न देने और साक्ष्यों से छेड़छाड़ के मामलों में आपराधिक प्रकरण दर्ज किए जाए। एनसीपीसीआर की गाइडलाइन का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों पर कठोर कार्रवाई हो।

DIYA Reporter
Author: DIYA Reporter

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