सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर जोरदार तेजी देखने को मिल रही है। बाजार खुलते ही दोनों कीमती धातुओं के भाव में उछाल ने खरीदारों की चिंता बढ़ा दी है। लगातार बढ़ती कीमतों के बीच सोना-चांदी खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए बाजार की चाल पर नजर रखना जरूरी हो गया है।
सोने को लंबे समय से निवेश के सुरक्षित विकल्प के तौर पर देखा जाता है। वहीं चांदी की कीमतों में भी हाल के दिनों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। ऐसे में बाजार में तेजी का असर ज्वेलरी खरीदने वालों के साथ-साथ निवेशकों पर भी पड़ रहा है।
बाजार खुलते ही क्यों बढ़े सोने-चांदी के दाम?
कीमती धातुओं की कीमतों पर अंतरराष्ट्रीय बाजार की चाल, डॉलर की स्थिति, ब्याज दरों को लेकर उम्मीदें, वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां और निवेशकों की मांग जैसे कई कारकों का असर पड़ता है। जब वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बढ़ती है, तो निवेशक अक्सर सोने की ओर रुख करते हैं। इससे इसकी मांग और कीमत दोनों प्रभावित हो सकते हैं।
चांदी की कीमत पर भी निवेश मांग के साथ-साथ औद्योगिक मांग का असर पड़ता है। इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल और कई अन्य उद्योगों में चांदी का इस्तेमाल होने के कारण इसकी कीमतों में वैश्विक मांग के बदलाव का असर दिखाई देता है।
खरीदारों की बढ़ी चिंता
सोने-चांदी के भाव में तेजी का सबसे सीधा असर ज्वेलरी खरीदने वाले ग्राहकों पर पड़ता है। शादी-ब्याह या किसी खास अवसर के लिए सोना खरीदने वालों को पहले के मुकाबले ज्यादा रकम खर्च करनी पड़ सकती है। कीमतों में लगातार तेजी रहने पर ग्राहक खरीदारी टालने या कम मात्रा में खरीदारी करने का फैसला भी कर सकते हैं।
हालांकि, कीमतों में रोजाना होने वाले बदलाव के कारण किसी एक दिन की तेजी को देखकर यह तय करना मुश्किल होता है कि आने वाले दिनों में भाव किस दिशा में जाएंगे।
क्या थमेगी सोने-चांदी की तेजी?
यह सवाल फिलहाल निवेशकों और खरीदारों के बीच सबसे ज्यादा चर्चा में है। सोने और चांदी के भाव अंतरराष्ट्रीय बाजार, मांग और आर्थिक परिस्थितियों से प्रभावित होते हैं। इसलिए कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
विशेषज्ञों की सामान्य सलाह रहती है कि केवल तेजी देखकर जल्दबाजी में खरीदारी या निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए। खरीदारी करने वालों को अपनी जरूरत, बजट और बाजार की मौजूदा स्थिति को ध्यान में रखना चाहिए।
आज का भाव जानना क्यों जरूरी?
सोने-चांदी के दाम दिन के दौरान भी बदल सकते हैं और अलग-अलग शहरों में स्थानीय टैक्स, मेकिंग चार्ज तथा अन्य लागत के कारण ज्वेलरी की अंतिम कीमत अलग हो सकती है। इसलिए आभूषण खरीदने से पहले स्थानीय ज्वेलर से ताजा रेट और कुल कीमत की पुष्टि करना बेहतर रहता है।
फिलहाल सोने-चांदी की कीमतों में आई तेजी ने बाजार में हलचल बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय संकेतों और घरेलू मांग के आधार पर इनकी कीमतों की दिशा तय हो सकती है। खरीदारों की नजर अब इस बात पर है कि यह तेजी आगे कितनी दूर तक जाती है और कब कीमतों में राहत देखने को मिलती है।








