रूस-यूक्रेन युद्ध एक बार फिर बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। रूस के रक्षा मंत्रालय का दावा है कि यूक्रेन ने रातभर में 400 से अधिक ड्रोन (UAV) से बड़े पैमाने पर हमला किया, जिसे युद्ध शुरू होने के बाद रूस पर सबसे बड़े ड्रोन अभियानों में से एक माना जा रहा है। इन हमलों का निशाना केवल सीमावर्ती क्षेत्र ही नहीं, बल्कि मॉस्को और उसके आसपास के इलाके भी रहे, जिससे राजधानी में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया।
रूसी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, वायु रक्षा प्रणालियों ने रातभर में करीब 389 ड्रोन मार गिराए, जबकि कुछ अन्य रिपोर्टों में 400 से अधिक ड्रोन को इंटरसेप्ट करने का दावा किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि हमले पश्चिमी और मध्य रूस के कई क्षेत्रों में एक साथ किए गए, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यूक्रेन ने लंबी दूरी तक हमला करने की अपनी क्षमता को और मजबूत किया है।
मॉस्को तक पहुंचा खतरा
मॉस्को के मेयर सर्गेई सोब्यानिन ने बताया कि राजधानी की ओर बढ़ रहे कई ड्रोन को शहर तक पहुंचने से पहले ही मार गिराया गया। हालांकि, कुछ इलाकों में ड्रोन के मलबे गिरने की घटनाएं सामने आईं, जिसके बाद आपातकालीन सेवाओं को तुरंत सक्रिय किया गया। सुरक्षा एजेंसियों ने राजधानी और आसपास के संवेदनशील ठिकानों की निगरानी बढ़ा दी है।
ऊर्जा और सैन्य ठिकाने बने निशाना
रिपोर्टों के अनुसार, यूक्रेन की रणनीति केवल सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं रही। हाल के दिनों में रूस के तेल टर्मिनलों, ईंधन भंडारण केंद्रों, संचार सुविधाओं और सैन्य लॉजिस्टिक्स से जुड़े ठिकानों को भी निशाना बनाया गया है। इन हमलों का उद्देश्य रूस की युद्ध क्षमता और आपूर्ति श्रृंखला को कमजोर करना बताया जा रहा है।
रूस का जवाबी दावा
रूस का कहना है कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने अधिकांश ड्रोन हमलों को विफल कर दिया और बड़े नुकसान को टाल दिया। हालांकि, कुछ क्षेत्रों में संपत्ति को नुकसान और हताहतों की भी खबरें सामने आई हैं। स्वतंत्र रूप से इन दावों की पुष्टि करना फिलहाल संभव नहीं है, क्योंकि युद्ध क्षेत्र से आने वाली सूचनाओं का सत्यापन सीमित है।
यूक्रेन की बदलती रणनीति
विश्लेषकों का मानना है कि यूक्रेन अब सीमावर्ती हमलों से आगे बढ़कर रूस के अंदरूनी हिस्सों में रणनीतिक ठिकानों को निशाना बना रहा है। लंबी दूरी के ड्रोन अभियानों के जरिए कीव रूस पर लगातार दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है, ताकि उसकी सैन्य और आर्थिक क्षमता प्रभावित हो सके। दूसरी ओर, रूस भी मिसाइल और ड्रोन हमलों के जरिए यूक्रेन पर लगातार जवाबी कार्रवाई कर रहा है।
बढ़ सकता है तनाव
इस बड़े ड्रोन हमले के बाद रूस-यूक्रेन युद्ध के और तेज होने की आशंका जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों पक्ष इसी तरह एक-दूसरे के अंदरूनी इलाकों पर हमले जारी रखते हैं, तो संघर्ष और व्यापक रूप ले सकता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर अब मॉस्को और कीव की अगली सैन्य तथा कूटनीतिक रणनीति पर टिकी हुई है।








