अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2026 के मिडटर्म चुनाव से पहले बड़ा चुनावी वादा किया है। उन्होंने कहा कि अगर रिपब्लिकन पार्टी अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदनों—हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट—पर अपना नियंत्रण बरकरार रखती है, तो हर वयस्क अमेरिकी नागरिक को 5,000 डॉलर यानी करीब ₹4.76 लाख का ‘ट्रंप डिविडेंड’ दिया जाएगा।
करीब 1.35 ट्रिलियन डॉलर का खर्च
रिपोर्टों के मुताबिक अमेरिका में करीब 27 करोड़ वयस्क हैं। सभी पात्र लोगों को 5,000 डॉलर देने पर कुल खर्च लगभग 1.35 ट्रिलियन डॉलर, यानी करीब ₹128 लाख करोड़ बैठ सकता है। हालांकि, यह एक अनुमान है और योजना की अंतिम लागत पात्रता की शर्तों पर निर्भर करेगी।
पैसे कहां से आएंगे, यह साफ नहीं
ट्रंप ने अपने ऐलान में यह स्पष्ट नहीं किया कि इतनी बड़ी रकम का इंतजाम किस तरह किया जाएगा। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने संकेत दिया है कि अधिक आय वाले लोगों को इस भुगतान से बाहर रखा जा सकता है और टैरिफ से मिलने वाले राजस्व का इस्तेमाल किया जा सकता है।
सिर्फ चुनाव जीतने से नहीं मिलेगा पैसा
इस प्रस्ताव को लागू करने के लिए अमेरिकी कांग्रेस की मंजूरी और कानून की जरूरत होगी। यानी रिपब्लिकन पार्टी के चुनाव जीतने मात्र से भुगतान अपने आप शुरू नहीं होगा। अभी यह एक चुनावी प्रस्ताव है, लागू हो चुकी सरकारी योजना नहीं।
महंगाई और बजट घाटे पर उठे सवाल
इतनी बड़ी रकम खर्च करने के प्रस्ताव ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। आलोचकों का कहना है कि इससे पहले से बड़े बजट घाटे और राष्ट्रीय कर्ज पर दबाव बढ़ सकता है। योजना की फंडिंग और इसके आर्थिक प्रभाव को लेकर अभी कई सवालों के जवाब सामने आना बाकी हैं।








